Web Series: इस वेब सीरीज में मिसेज देशपांडे का किरदार निभा रही माधुरी दीक्षित एक सीरियल किलर जीनत है, जो 25 सालों से जेल में बंद है, लेकिन इस के बाद भी शहर में पुराने तरीके से ही सीरियल मर्डर की घटनाएं हो रही हैं. इस नए सीरियल किलर को पकडऩे के लिए पुलिस जीनत को जेल से बाहर निकालती है. नकलची सीरियल किलर को पकडऩे में पुलिस कामयाब तो हो जाती है, लेकिन उस के द्वारा जीनत की ही तरह हत्याएं करने की जो कहानी सामने आती है, उसे सुन कर पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि जीनत तक चौंक जाती है, क्योंकि…
प्रोड्यूसर: एलाहा हेपतुल्ला, समीर नायर, दीपक सहगल, निर्देशक: नागेश कुकुनूर, लेखक: नागेश कुकुनूर, रोहित वनावलीकर, ओटीटी:जियो हौटस्टार
कलाकार: माधुरी दीक्षित, प्रियांशु चटर्जी, बहारुल इसलाम, सिद्धार्थ चांदेकर, दीक्षा जुनेजा, प्रदीप वेलंकर, निमिशा नायर, हार्दिक सोनी, जेबा हुसैन, जुबिन शाह, उमाकांत पाटिल, सुलक्षणा जोगलेकर, केविन दवे, जितेंद्र लाड, अंजलि जोगलेकर, असित चटर्जी, दीपाली घोरपडे, खुशी हजारे, अर्जुन पांडे, केनेथ देसाई आदि.
‘मिसेज देशपांडे’ एक मनोवैज्ञानिक क्राइम थ्रिलर सीरीज है, जिस में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में है. 6 एपिसोड की यह वेब सीरीज 19 दिसंबर, 2025 को जियो हौटस्टार पर प्रसारित हुई थी.
यह वेब सीरीज 1917 में आई फ्रेंच सीरीज ‘ला मांटे’ पर आधारित है. हर क्राइम थ्रिलर की ही तरह यह सीरीज भी सस्पेंस और मर्डर मिस्ट्री की परतें एकएक कर खोलती है. आखिर कैसी है इस क्राइम वेब सीरीज की कहानी और बाकी की चीजें, चलिए जानते हैं इस का सस्पेंस और इस का रिव्यू.
एपिसोड नंबर 1
पहले एपिसोड का नाम ‘टेक्स वन टू कैच वन’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में हम विराट मल्होत्रा (जुबिन शाह) को देखते हैं. उस ने किसी लड़की को अपने साथ रात बिताने के लिए फोन किया था, मगर वह नहीं आई. इस के बाद विराट अपने एक खास डीलर को फोन कर 2 रशियन लड़कियों को अपने कमरे में बुलाता है. विराट अब अपने कमरे में ड्रग्स का सेवन करने लगता है, तभी डोर बेल बजने पर जैसे ही विराट दरवाजा खोलता है तो एक नकाबपोश विराट पर हमला कर उस का गला एक चमकदार रस्सी से घोंट देता है. फिर उस की लाश शीशे के सामने रख कर वहां एक ट्रौफी रख कर भाग जाता है.
तभी वहां पर दोनों रशियन गर्ल आ जाती हैं. कमरे में विराट की लाश को देख कर वे डर जाती हैं. अब वहां पर उस केस को हैंडल करने इंसपेक्टर पल्लवी सोनवाने (सुलक्षणा जोगलेकर) आती है और पूछताछ व मौकामुआयना करने लगती है. थोड़ी ही देर में घटनास्थल पर मुंबई के पुलिस कमिश्नर अरुण खत्री (प्रियांशु चटर्जी) आ कर इंसपेक्टर पल्लवी से केस की जानकारी लेता है.
जब पुलिस कमिश्नर अरुण खत्री लाश के पास जाता है तो उसे कुछ साल पहले के केस याद आ जाते हैं, जिन में कातिल ने सभी केसों में लोगों को मार कर शीशे के सामने बिठा दिया था. उस के बाद पुलिस कमिश्नर सीधे हैदरावाद जेलर शकुंतला राव (अंजलि जोगलेकर) को फोन कर के जीनत (माधुरी दीक्षित) नामक कैदी के बारे में पूछताछ करता है तो जेलर शकुंतला बताती है कि जीनत तो जेल में ही है. अब जेलर शकुंतला जीनत को बुलाती है.
इस के बाद पुलिस कमिश्नर अरुण खत्री जीनत से मिलने हैदराबाद जेल जाता है, क्योंकि जीनत ने उन्हें मैसेज भेजा था कि वह पुलिस की मदद करना चाहती है. उन दोनों की बातचीत से पता चलता है कि आज से 25 साल पहले मिसेज सीमा देशपांडे ने पूरे 8 खून इसी पैटर्न पर किए थे. आठवें कत्ल में अरुण ने ही सीमा को गिरफ्तार किया था. बाकी 7 मर्डर स्वीकार करने के लिए सीमा ने यह शर्त रखी थी कि उस का नाम सीमा से बदल कर जीनत रख दिया जाए, जिसे स्वीकार कर उसे हैदराबाद जेल भेज दिया गया था.
अब जीनत यानी सीमा देशपांडे अरुण से कहती है कि ये नया खूनी मेरे ही पैटर्न पर मर्डर कर रहा है. यदि आप को इसे पकडऩा है तो आप को मुझे जेल से छुड़वाना होगा, तभी मैं इस नए सीरियल किलर को पकड़वा सकती हूं. पुलिस कमिश्नर अरुण खत्री डीजीपी महाराष्ट्र (शिवराज वालवेकर) को अपनी गारंटी पर सीमा को जेल से बाहर निकलवा देता है. इस के बाद हम एक आदमी को ड्रग्स माफिया से मिलते देखते हैं. तभी वहां पर पुलिस आ कर सब को गिरफ्तार कर लेती है.

असल में बौस से पैसे ले कर जाने वाला वह आदमी एसीपी तेजस फडके (सिद्धार्थ चांदेकर) था, जो वेश बदल कर ड्रग्स माफिया के ग्रुप में शामिल हो कर उन के पूरे गिरोह को पकडऩा चाहता था. पुलिस ने अभी रेड डाल कर उस के औपरेशन पर पानी फेर दिया था. इस के बाद अरुण खत्री सारी फाइलें तेजस को दे कर कहता है कि तुम ये सब ठीक तरह से पढ़ लो, आज के बाद तुम्हें ही यह केस हैंडल करना है.
अरुण एसीपी तेजस से कहता है कि अब हमें सीमा देशपांडे के साथ मिल कर इस नए सीरियल किलर को पकडऩा है, जो सीमा की तर्ज पर 3 मर्डर कर चुका है. इस के बाद हम तन्वी (दीक्षा जुनेजा) को देखते हैं, जो अपना एक सैलून अपनी बहन दिव्या (निमिशा नायर) के साथ चलाती है. तभी सैलून में तेजस आता है तो तन्वी उस से लिपट जाती है.
यहां पर अब पता चलता है कि तन्वी और तेजस पतिपत्नी हैं, लेकिन अपने पुलिस केस के सिलसिले में तेजस महीनों बाद ही अपनी पत्नी से मिल पाता है. इस के बाद अरुण खत्री के कहने पर एक घर को तैयार किया जाता है, जहां पर सीमा को रखा जा सके. सीमा ने 8 मर्डर किए थे, इसलिए उस की नई शिफ्टिंग के दौरान सभी पुलिस वाले भी काफी डरे हुए थे कि कहीं सीमा यहां से भाग न जाए.
अब सीमा देशपांडे अपने नए ठिकाने पर आ कर काफी खुश लग रही थी, साथ ही उस ने जो वस्तु जेल में पीसी थी, वह उसे अपने बैड के नीचे छिपा कर रख लेती है. अब सीमा से मिलने उस के नए ठिकाने पर कमिश्नर अरुण और जांच अधिकारी तेजस आते हैं. तेजस विराट मल्होत्रा की फोटो दिखाते हुए सीमा से पूछता है कि आप इस केस के बारे में बताइए, आप को क्या लगता है? अब अरुण और तेजस सीमा को क्राइम सीन पर ले कर आते हैं, वहां पर सीमा कहती है कि इस नए सीरियल किलर ने तो विराट मल्होत्रा के हाथ में एक ट्रौफी भी रखी है, जैसा मैं ने अपने तीसरे मर्डर में किया था.
सीमा आगे बताती है कि मेरी पूरी फाइल पढऩे के बाद ही किलर ने ये सब मर्डर करने शुरू कर दिए हैं. अरुण कहता है कि तुम्हारी वह फाइल अब तक केवल 6 लोगों ने ही पढ़ी है, इस पर सीमा कहती है कि उन्हीं 6 लोगों में से कोई अवश्य इस नए सीरियल किलर को जानता होगा. अगले दिन एसीपी तेजस कमिश्नर अरुण को बताता है कि उन 6 लोगों में से 3 लोग मर चुके हैं. एक जज है, जिन की उम्र अभी 75 साल की है.
उन्होंने बताया कि उन्होंने सीमा देशपांडे की फाइल जला ही डाली है. सर, अब आप और जेहान दारूवाला (कीनिथ देसाई) नाम का वकील बचे हैं, इसलिए अब मैं दारूवाला से पूछताछ करता हूं. अब तेजस वकील दारूवाला से मिल कर उस से इस फाइल के बारे में पूछताछ करता है तो दारूवाला अपने चैंबर में, उस फाइल को ढूंढने लगता है, लेकिन वह फाइल नहीं मिलती तो दारूवाला कहता है कि जरूर यह फाइल मेरे भांजे ने चुरा ली होगी.
वकील दारुवाला बताता है कि जब मेरी बड़ी बहन मरी थी तो मैं ने उस के बेटे होश (केविन दवे) को अपने पास रख कर उस की परवरिश करने लगा था. लेकिन होश तो हमेशा आवारा की तरह घूमता रहता था. तभी होश वकील दारूवाला के घर की तरफ आता दिखता है, उसी समय एसीपी तेजस होश को पकडऩे की कोशिश करता है तो होश भाग जाता है. यहीं पर पहला एपिसोड समाप्त हो जाता है.
पहले एपिसोड की बात करें तो इस में काफी खामियां नजर आ रही हैं. कमिश्नर अरुण अपनी गारंटी पर एक ऐसे खूनी जिस ने 8 मर्डर किए थे, उसे डीजीपी के मना करने पर भी अपनी गारंटी पर जेल से छुड़वा लेता है. यह बात कल्पना से परे है. एसीपी तेजस फडके एक ड्रग्स रैकेट के पीछे लगा हुआ था, लेकिन पुलिस कमिश्नर खुद उस के औपरेशन को फेल कर देता है. यह बात भी समझ से परे है.
एपिसोड नंबर 2
दूसरे एपिसोड का नाम ‘द सीक्रेट लैटर्स’ रखा गया है. अब अगला सीन वर्तमान में आ जाता है, जहां दूसरे दिन सीमा के घर पर आ कर एसीपी तेजस वे सभी लैटर सीमा को दिखाता है, जो उसे होश के कमरे से मिले थे. ये वही पत्र थे, जो सीमा ने होश को लिखे थे. तेजस अब सीमा से पूछता है कि तुम ने ही इतने सारे लैटर्स होश को खुद लिखे थे यानी कि तुम जानती थी कि यह नया सीरियल किलर होश ही है.
इधर हम दूसरी ओर देखते हैं कि होश ने एक व्यक्ति को कमरे में बंद कर के रखा हुआ है. तभी वह नायलौन की एक चमकदार रस्सी निकालता है. इसी तरह की रस्सी से विराट का कत्ल किया गया था. आगे हम देखते हैं कि कमिश्नर अरुण से मिलने इंसपेक्टर पल्लवी आती है और बताती है कि विराट के मर्डर से पहले ऐसे ही 4 मर्डर हुए थे. मैं ने इस में काफी रिसर्च कर ली है, इसलिए आप मुझे विराट का केस दे दें.
अरुण कहता है कि यदि तुम्हारी जरूरत पड़ेगी तो मैं जरूर इस केस में शामिल कर लूंगा, लेकिन तुम इस नए सीरियल किलर वाली बात किसी भी मत बताना. उस के बाद इंसपेक्टर पल्लवी चली जाती है. सीमा फिर फोन पर एसीपी तेजस को बताती है कि होश ने उसे 12 जुलाई तक जो लैटर लिखे थे, उस में वह नौरमल लग रहा था. उस के बाद होश का मुझे 17 अगस्त को लैटर आया, जिस में वह काफी भड़का हुआ और काफी गुस्से में था.
इस का मतलब इस दौरान किसी ने उसे जरूर भड़काया होगा, अब एसीपी तेजस वकील दारूवाला के पास आ कर उस से पूछता है कि होश जुलाई से अगस्त के बीच में कहां था. दारूवाला बताता है कि उन दिनों होश एक कंसट्रक्शन कंपनी में काम कर रहा था. बाद में उस ने वहां काम करना भी छोड़ दिया था. तेजस उस कंसट्रक्शन कंपनी के इंजीनियर से बात की तो उस ने बताया कि होश बहुत ही झगड़ालू और पागल किस्म का इंसान था. प्रोजेक्ट मैनेजर जतिन (ऋषभ ठाकुर) के कहने पर उसे काम पर रखना पड़ा था.

अगले सीन में देखते हैं कि लोनावाला के जतिन के बंगले में एक कमरे में होश ने जतिन की पत्नी और बेटी को बंधक बना कर रखा है. उन के लिए होश खाना ले कर आता है, लेकिन वे दोनों काफी डरी हुई थीं, जबकि होश ने जतिन को एक दूसरी जगह बंधक बना कर रखा हुआ था. तभी यहां पर तेजस पुलिस टीम के साथ आ कर जतिन की पत्नी और बेटी को बचा लेता है और होश को अरेस्ट कर लेता है. तेजस होश को पुलिस स्टेशन ला कर जूस पिला कर तीनों मर्डर और जतिन के बारे में पूछताछ करता है. तब होश कहता है कि कंफेस तो मैं कर लूंगा, लेकिन पहले मुझे सीमा से मुलाकात करवा दो, जिसे हैदराबाद जेल में जीनत के नाम से कैद किया गया है.
उस के बाद तेजस सीमा को ले कर होश से मिलाने आता है. पुलिस उन दोनों की अकेले में मुलाकात करवाती है. इन दोनों को देखने और उन की बात सुनने के लिए पुलिस ने साउंड और कैमरे लगा रखे थे, जहां कुछ दूरी पर कमिश्नर अरुण और तेजस उन की हर गतिविधि को देख रहे थे. सीमा होश से आराम से बातें करने लग जाती है, फिर होश सीमा से कहता है कि तुम्हारा वह सीक्रेट मेरे पास सेफ रहेगा.
यह सुनते ही सीमा के हावभाव एकदम से बदल जाते हैं, जिसे अरुण और तेजस भी भांप लेते हैं. सीमा होश से कहती है कि तुम ने ये तीनों खून नहीं किए हैं, क्योंकि तुम मारने की केवल बात कर सकते हो, तुम्हारे अंदर खून करने की हिम्मत बिलकुल भी नहीं है. यह सुन कर होश रोने लग जाता है, फिर सीमा उस से जतिन के बारे में पूछती है तो वह एड्रेस बता देता है, जिसे सुन कर तेजस तुरंत एक पुलिस टीम जतिन को तलाशने के लिए भेज देता है.
इधर सीमा अब होश को अपनी ओर खींच कर उस के कान में कुछ कहती है और माइक में हाथ लगा लेती है ताकि उस की आवाज कोई भी न सुन सके. यह सुन कर होश जोरजोर से रोने लग जाता है. तभी वहां तेजस भाग कर आता है और सीमा से पूछता है कि तुम ने होश से क्या कहा तो सीमा कुछ नहीं कहती. अब सीमा अरुण और तेजस से कहती है कि होश ने कोई मर्डर नहीं किया है. मुझे लगता है कि जो भी असली खूनी है, वह बाहर ही आराम से घूम रहा है. यह सुन कर कमिश्नर अरुण परेशान हो जाता है.
अब हम बार में एक आदमी को देखते हैं जो लड़कियों से अय्याशी कर रहा होता है, फिर वह नशे में अपनी कार की तरफ जाने लगता है तो कोई उस का पीछा करने लगता है. उधर पुलिस टीम जतिन को सुरक्षित छुड़ा कर ले आती है. सीमा तेजस से कहती है कि मैं ने केवल उन्हीं लोगों को मारा था, जो बुरे काम करते थे. फिर हम देखते हैं कि जो आदमी बार में लड़कियों के साथ अय्याशी कर रहा था, जब वह अपने घर आता है तो वहां पर कोई नायलौन की रस्सी से गला घोंट कर उस का मर्डर कर देता है.
यानी कि जो भी किलर है, वह अभी भी मर्डर किए जा रहा है. उस के बाद यहां पर दूसरा एपिसोड समाप्त हो जाता है. दूसरे एपिसोड में भी काफी खामियां नजर आ रही हैं. यहां पर जेल की एक महिला सिपाही को सीमा और होश के लैटर आपस में आदानप्रदान करते दिखाया गया है.
यानी कि जेल में जब लैटर घूस ले कर लिए दिए जा सकते हैं तो और भी कुछ घूस दे कर किया जा सकता है. अर्थात जेल में भ्रष्टाचार व्याप्त है, यह बात भी उचित नहीं लगती. एसीपी तेजस होश को जूस पिला कर पूछताछ करना भी तर्कसंगत नहीं लगता. नाटकीयता साफसाफ नजर आ रही है.
एपिसोड नंबर 3
तीसरे एपिसोड का नाम ‘ट्रुथ इन द वुड्स’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में फ्लैशबैक में सीमा देशपांडे को दिखाया जाता है. जब वह किशोरावस्था में कत्थक नृत्य की प्रैक्टिस कर रही होती है, तभी एक आदमी उस के पास आता है, जिसे देख कर वह डर जाती है. उस अय्याश आदमी के मर्डर की खबर पा कर कमिश्नर अरुण और एसीपी तेजस भी पहुंच कर लाश का निरीक्षण करने लगते हैं. अरुण कहता है कि अब यह सीरियल किलर रोज मर्डर कर के हमें चुनौती देने लगा है.
अब एक नई पुलिस टीम बना ली जाती है, जिस में इंसपेक्टर पल्लवी को भी शामिल किया जाता है. तेजस अब पुलिस को इसे खोजने में लगा देता है कि मरे हुए लोगों का आपस में क्या कनैक्शन था. अब हम एक युवा को देखते हैं जो अपने शरीर पर मांबेटे का टैटू बनवा रहा है. यह अलैक्स (विश्वास किनी) होता है, जिस का किरदार काफी रहस्यमयी और दिलचस्प है.
अब तेजस अपने औफिस में आता है तो उस का औफिसर उसे उस दिन सीमा ने होश के कान में जो बात कही थी, वह सुनवाता है. जिस में सीमा होश से कह रही थी कि तुम्हारे जीने का कोई फायदा नहीं, तुम एक कमजोर इंसान हो, तुम्हें तो मर जाना चाहिए. फिर हम होश को देखते हैं जो हौस्पिटल की खिड़की के शीशे से अपनी गरदन काट कर मर जाता है. यह देख कर हौस्पिटल के डौक्टर और पुलिस हैरान हो कर रह जाते हैं.

तेजस अब सीमा के पास आ कर कहता है कि तुम्हारे कारण ही होश ने आत्महत्या कर अपनी जान दे डाली है. तुम यही तो चाहती थी ताकि तुम्हारा सीके्रट कभी बाहर न आ सके. इस पर सीमा ‘हां’ कहती है. तेजस अब सीमा को उस अय्याश आदमी का फोटो दिखा कर पूछता है कि ये कौन हो सकता है. इस के बाद तेजस अपनी पुलिस टीम के पास आ कर बताता है कि ऐसा लग रहा है यह सीरियल किलर पहले से ही लोगों को जानता था, जिन के उस ने खून किए हैं.
इस के बाद वकील दारुवाला का फोन तेजस के पास आता है, जिस में वह बताता है कि कुछ साल पहले सरकार ने सभी प्रमुख केसों की फाइलें डिजिटलाइज कर दी थीं, जिस में सीमा के भी सारे मर्डर की फाइल्स भी थीं. इसलिए हो सकता है कि इस सीरियल किलर ने औनलाइन इन मर्डर को देखा होगा. अब तेजस सबइंसपेक्टर हानिया (जेबा हुसैन) से कहता है कि तुम जल्दी पता करो कि सरकार ने जो मर्डर की फाइल्स औनलाइन की थी, उस का टेंडर किस को दिया गया था? अब हम अलेक्स को देखते हैं, जो अभी अपने घर पर था. उस ने जो टैटू बनवाया था, वही मांबेटे की तसवीर उस के घर पर भी थी, उस के बाद वह अपने बैग से एक फोटो निकालता है, जिस में सीमा की फोटो भी होती है.
फिर अलेक्स अपने बैग से वही नायलौन वाली रस्सी भी निकालता है, जिस से यह लगता है कि अलैक्स ही सीरियल किलर हो सकता है. फिर तेजस के नानाजी अजोवा (प्रदीप वेलेकर) एक यात्रा पर निकल जाते हैं, जब वह जाने लगते हैं तो उन पर अलैक्स नजर रखने लगता है. सीमा भी इधर रात को 3 बजे जाग रही होती है, जैसे वह किसी का इंतजार कर रही हो. यहां पर अब हमें पता चलता है कि सीमा ने जो जेल में पुडिय़ा बनाई थी, उस से ही उस ने मोदक बनाए थे और प्रसाद मिला कर वही सब पुलिस टीम को खिला दिए थे, जिस में बेहोशी की दवा मिली थी.
केवल अकेला इंसपेक्टर ओमकार ही था, जिस ने यह प्रसाद नहीं खाया था, इस को खा कर सभी पुलिस वाले बेहोश हो जाते हैं. तभी वहां इंसपेक्टर ओमकार आता है तो सीमा तबीयत खराब होने का बहाना करने लगती है. यह देख कर ओमकार जैसे ही सीमा के पास आता है तो सीमा तत्काल झपट कर उस के गले में प्रैशर डाल कर ओमकार को बेहोश कर देती है. उस के बाद सीमा उस परची वाले घर पर जाती है तो दरवाजा नहीं खुलता और वह पूरी रात घर के बाहर ही बैठी रहती है.
अगले दिन पता चलता है कि सीमा भाग चुकी है, जिस से अरुण और तेजस काफी परेशान हो जाते हैं. उधर तन्वी जब अपना सैलून सुबहसुबह खोलती है तो उस की सहेली दिव्या (निमिशा नायर) तन्वी को बताती है कि कल मेरी तो मेरे बौयफ्रेंड के साथ डेट ही खराब हो गई. ये दोनों आपस में बातें कर रहे होते हैं, तभी सैलून में सीमा आ कर तन्वी से हेयर कट करने को कहती है. तन्वी उस के हेयर कट करने लगती है तो सीमा उस से बातें करने लगती है.
इधर अरुण तेजस से पूछता है कि तुम ने सीमा को अपने परिवार के बारे में तो नहीं बताया? तेजस के ‘हां’ कहने पर अरुण कहता है कि अपने परिवार वालों से बात बात करो कि कहीं सीमा उन्हें नुकसान न पहुंचा दे. तेजस पहले अपने नानाजी को फोन करता है, वह ठीक होते हैं. फिर वह पत्नी तन्वी को फोन करता है तो तन्वी सीमा के हेयर कट करने के कारण फोन नहीं उठाती. फिर वह तन्वी के सैलून के सीसीटीवी में अपने मोबाइल पर जब सीमा को वहां देखता है तो तुरंत गाड़ी में सैलून की तरफ भागता है.
इधर सीमा सैलून में तन्वी और दिव्या से खूब बातें करती है. तन्वी सीमा को बताती है कि वह अपने पति तेजस के साथ काफी खुश है. तभी सैलून में तेजस आ कर सीमा से कहता है कि मेरे साथ तुरंत चलो. तन्वी तेजस से पूछती है कि यह महिला कौन हैं तो तेजस कहता है तुम्हें बाद में बताऊंगा और वह सीमा को अपने साथ गाड़ी में बिठा कर ले जाता है. एक सुनसान जगह पर वह गाड़ी रोक कर सीमा को गाड़ी से बाहर निकाल कर उस से कहता है कि सीमा तेरा मर जाना ही ठीक है, क्योंकि तू एक सीरियल किलर है.

इस पर सीमा कहती है कि मेरी ममता ही मुझे वहां पर खींच कर ले गई थी और वह फिर बताती है कि तेजस मैं तेरी मां हूं और तेरे परिवार से मिलने गई थी. यह सुन कर तो तेजस के होश ही उड़ जाते हैं. उस के बाद यहां पर तीसरा एपिसोड समाप्त हो जाता है. इस एपिसोड की कहानी और निर्देशन में काफी खामियां दिखाई दे रही हैं. होश एक गंभीर मुजरिम है, जिस का हौस्पिटल में इलाज चल रहा था. वह आत्महत्या कर लेता है. ऐसे गंभीर अपराधी की गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक पुलिस वाला तक नहीं है.
एपिसोड नंबर 4
चौथे एपिसोड का नाम ‘ए किलर इज बौर्न’ रखा गया है. शुरुआत में फ्लैशबैक में दिखाया गया है कि सीमा अपने रेस्टोरेंट में या तो वहां पर तेजस (फडके तनुश पाठक) भी होता है जो काफी छोटा था. फिर सीन वर्तमान में आता है जहां तेजस सीमा के साथ गाड़ी में बैठा होता है. तेजस सीमा के साथ अरुण के पास आता है. वह अरुण से पूछता है कि सर आप को यह सच पता था कि सीमा मेरी मां है? अरुण कहता है हां, मुझे पता था. सीमा ने ही केस में तुम्हारा नाम सजेस्ट किया था. अरुण सीमा से कहता है कि अब तुम्हारा यहां पर कोई काम नहीं है, इसलिए तुम अब वापस हैदराबाद जाने के लिए रेडी हो जाओ.
इधर तेजस अपने नाना से कहता है कि तुम ने मेरी मां के बारे में झूठ कहा था कि वह मर चुकी है. नाना उसे काफी समझाने की कोशिश करते हैं. अब हम टीवी पर देखते हैं, जहां पर ऐंकर प्रतीक सूर्यवंशी (असित चटर्जी) बताता है कि अब ये मर्डर 25 साल पुराने मर्डर्स की तर्ज पर हो रहे हैं. इस के बाद इंसपेक्टर पल्लवी को जेलो नाम की उस कंपनी का पता लग जाता है, जिस ने इन सारी फाइलों को डिजिटलाइज किया था.
इस के बाद एसआई हानिया पल्लवी को बताती है कि 7 महीने पहले जेलो कंपनी में काम करने वाले सुनील गुप्ते (साहित्य पंसारे) नाम के कर्मचारी का उसी तर्ज पर मर्डर हुआ था और उस की लाश कुएं में फेंक दी गई थी और मृतक की आंखों को खुला रखने के लिए ग्लू का इस्तेमाल किया गया था. इस के बाद जब सीमा को वापस हैदराबाद ले जाया जा रहा होता है, तब कमिश्नर अरुण सीमा को सुनील गुप्ते की फोटो दिखाता है. सीमा कहती है कि यह मर्डर भी उसी सीरियल किलर ने किया है. लेकिन मैं इस की सच्चाई केवल तेजस को ही बताऊंगी, क्योंकि इसी बहाने मैं आखिरी बार अपने बेटे को देख तो सकूंगी.
अब अरुण तेजस को सीमा के पास भेजता है तो सीमा उसे बताती है कि एक रात जब वह अपना रेस्टोरेट बंद कर रही थी, तभी सीन फ्लैशबैक में जाता है, जहां जोसेफ एल्पट (शरद जाधव) नाम का एक आदमी सीमा के साथ दुष्कर्म करने के इरादे से वहां पर आ कर सीमा के प्रतिरोध करने पर उसे मारने की कोशिश करता है. अपने बचाव के लिए सीमा वहां पर पड़ी नायलौन की रस्सी से जोसेफ का गला घोंट कर उसे मार डालती है.
फिर सीन वर्तमान में आता है, जहां सीमा तेजस को बताती है कि उस के बाद मेरे पापा आए और उन्होंने जोसेफ की लाश को कुएं में फेंक दिया और कुएं को बंद कर दिया. सीमा आगे बताती है कि उस दिन रात को जोसेफ का बेटा अलेक्स (राज यादव) भी वहां पर था. हालांकि वह काफी छोटा था, लेकिन उस ने इस कत्ल को अपनी आंखों से देखा था, इसीलिए वही अब सीरियल किलर हो सकता है.
सीमा बताती है कि उस के बाद उस ने अलेक्स को अपने पास रख कर अपने बच्चे की तरह उस की परवरिश की थी, क्योंकि उस की तो मां भी नहीं थी. फिर मुझे जेल हो गई तो अलेक्स कहां गया, इस के बारे में मुझे पता नहीं चल सका था. तेजस उस समय तुम भी बहुत छोटे थे. अब तेजस अपने नाना को फोन कर के कहता है कि पहला मर्डर तो नाना आप ने ही छिपाया था. अलेक्स कहां गया बताओ, उस के नाना कहते हैं कि इस के अलावा मेरे पास और कोई आप्शन भी नहीं था. सीमा के जेल जाने के बाद मैं ने अलेक्स को एक अनाथालय में भेज दिया था.

उस के बाद तेजस अनाथालय में जा कर पूछताछ करता है तो वहां का वार्डन तेजस को बताता है कि अलेक्स के पास एक बैग था, जो भी उस को छूता था तो वह मरनेमारने पर उतारू हो जाता था. पता नहीं बैग में वह क्या रखता था? वार्डन बताता है कि फिर वह चोरियां करने लगा. इस के बाद वह कहां गया हमें पता नहीं. परंतु एक साल पहले उस का मुझे फोन आया था, जिस में उस ने बताया कि वह अब एक अच्छा इंसान बन गया है.
इधर तेजस के कहने पर कुएं को खोला जाता है तो उस के अंदर एक कंकाल मिलता है. अलेक्स तन्वी के घर आ कर बताता है कि वह तेजस का बचपन का दोस्त है. ते हैं. तभी तन्वी फोन कर बताती है कि आज उस के पास अलेक्स आया था, जो तुम्हारे और नानाजी के बारे में कुछ बातें बता रहा था. तेजस तुरंत अलेक्स का फोटो तन्वी से ले कर सभी पुलिस स्टेशनों को भेज देता है, ताकि अलेक्स को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके.
तेजस को पता चलता है कि अलेक्स एक बार में काम करता है तो वह उस बार में जा कर अलेक्स को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले आता है. अलेक्स बताता है कि जब मैं ने टीवी पर तुझे देखा तो मुझे अच्छा लगा. साथ ही तू जब अपने घर से आई (मां) को ले कर जा रहा था तो मुझे खुशी हुई कि आई तो जिंदा है, जबकि नानाजी ने मुझे बताया था कि आई मर चुकी है.
जब तेजस बैग में मिली चीजों के बारे में पूछता है तो अलेक्स बताता है कि जब नानाजी आई की मौत की खबर सुना कर मुझे अनाथालय ले जा रहे थे तो मैं ये सब चीजें आई की याद के तौर पर रख ली थीं. सीमा आई तो मेरे दिल के काफी करीब हैं. तभी वहां इंसपेक्टर पल्लवी तेजस को बताती है कि अब तक जितने भी मर्डर हुए हैं, उस में अलेक्स की लोकेशन बार की ही थी यानी कि अलेक्स ने ये खून नहीं किए थे. तेजस अब अलेक्स को रिहा कर देता है.
दूसरे दिन अलेक्स तेजस के घर खाने पर आता है तो तेजस, तन्वी और दिव्या उस से खूब दिल खोल कर बातें करते हैं. जब तन्वी अलेक्स और दिव्या को बातें करते देखती है तो काफी खुश हो जाती है, क्योंकि दिव्या अलेक्स को पसंद करने लगी थी. तभी वहां पर एक पुलिस औफिसर तेजस के लिए एक पार्सल दे कर जाता है. तेजस उसे खोलता है तो उस में एक मोबाइल था, जिस में अब तक के सारे मर्डर्स की फोटो थीं. साथ ही उस में एक परची में लिखा था कि मैं सीमा से बात करना चाहता हूं, इसलिए कल 12 बजे कौल करूंगा.
यह सब देख कर तेजस के होश उड़ जाते हैं कि यह किलर तो सब कुछ जान गया है, इस के बाद यहीं पर चौथा एपिसोड समाप्त हो जाता है. चौथे एपिसोड में भी काफी भटकाव की स्थिति दिखाई दे रही है. तेजस कुएं को खुदवा कर उस में से कंकाल बरामद करवाता है, मगर अपने नाना को गिरफ्तार नहीं करवाता. अलेक्स जब पहली बार तन्वी से मिलता है तो वह अपने मोबाइल से चुपके से अलेक्स का फोटो ले लेती है. यह कहानी भी साफसाफ, मनगढ़ंत सी दिखाई देती है.
एपिसोड नंबर 5
पांचवें एपिसोड का नाम ‘शिष्य’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में फ्लैशबैक में 1999 का सीन दिखाते हैं, जहां सुहास (कामरान शाह) नाम का एक छोटा बच्चा सीमा के रेस्टोरेंट में खाना खाने आता है. सीमा देखती है कि सुहास को उस के पिता (श्रीरंग गोखले) डांटते हुए प्रताडि़त करते हुए जबरदस्ती खाना खिला रहे हैं. जब सुहास के पेरेंट्स हाथ धोने चले जाते हैं तो सीमा सुहास से पूछती है कि मुझे बताओ क्या बात है. तब नन्हा सुहास अपने शरीर पर चोटों के निशान दिखाते हुए कहता है कि मेरे पापा बुरे हैं, मेरी बुरी तरह पिटाई करते हैं.

अब रात को सीमा अपनी एक ब्लैक ड्रेस पहनती है और सुहास के घर आ कर उस के पिता का नायलौन की रस्सी से गला घोंट कर मर्डर कर देती है और लाश को शीशे के सामने रख देती है. यही नहीं, वह करीब 2 घंटे तक लाश के पास लाश के अकडऩे का इंतजार भी करती है और फिर लाश अकडऩे पर उस की आंखें खोल कर चली जाती है. हानिया को पार्सल में जो मोबाइल मिला था, तेजस अब उस का पता करने को कहता है. दोपहर को एक बजे उसी फोन पर किलर का फोन सीमा के लिए आता है. तेजस मोबाइल का स्पीकर औन कर देता है और किलर का औन कौल ट्रैस पर लगा देता है. किलर सीमा से कहता है कि आप मेरी गुरु हैं और मैं आप का शिष्य हूं.
सीमा उस से पूछती है कि तुम 4 लोगों को तो मार ही चुके हो, अब पांचवां कौन है? इस पर किलर कहता है कि इस का आप को जल्द ही पता चल जाएगा और किलर फिर फोन काट देता है. सीमा बताती है कि मुझे ये लगता है कि यह किलर आदमी नहीं, बल्कि एक औरत हो सकती है. सीन अब चेंज होता है. किलर ने एक डेंटिस्ट महेंद्र तोपार्देकर (सुदर्शन पाटिल) को अपना नया टारगेट बना कर रस्सी से बांधा हुआ था. किलर अब उसी फोन पर वीडियो कौल कर के वही दृश्य सीमा को फोन पर दिखाते हुए कहता है कि अब आप ये मर्डर अपनी आंखों से देख पाएंगी.
तेजस जल्दी से वहां के दृश्य से उस जगह का पता लगा लेता है. वह अब अपनी टीम ले कर शौप पर निकलता है. इधर सीमा किलर को अपनी बातों में उलझा कर तरहतरह के सवाल पूछने लग जाती है. अब किलर जैसे ही उस डेंटिस्ट का नायलौन की रस्सी से गला घोंट रहा होता है, वैसे ही तेजस हाथ में पिस्टल ले कर उसी शौप पर पहुंच जाता है. तेजस को देखते ही किलर भागता है और भागते हुए तेजस पर वार कर के उसे बेहोश कर देता है, पर उस डेंटिस्ट महेंद्र की जान बच जाती है.
उस के बाद तेजस फोन कर के सीमा को बताता है कि वह सेफ है. तब सीमा कहती है कि जब किलर मुझे लाइव मर्डर दिखा रहा था तो वही गाना गुनगुना रहा था, जो मैं ने सुहास के पिता का मर्डर करते समय गुनगुनाया था. इस का मतलब यही है कि बचपन में उस समय सुहास ने ही मुझे अपने पापा का मर्डर करते देख लिया होगा. शायद यह किलर सुहास ही हो सकता है. इस के बाद तेजस उसी डेंटिस्ट महेंद्र के पास आता है, जो हौस्पिटल में भरती था, तब डेंटिस्ट महेंद्र बताता है कि वह किलर एक लड़की है. एक बार मुझे वह एक बार में मिली थी. हम ने काफी देर तक एकदूसरे से प्यार भरी बातें कीं. उस के बाद मैं उसे अपने रूम में ले कर आ गया. हम ने आपस में किस किए.
जैसे ही हम अब कुछ आगे और करना चाहते थे, मुझे ऐसा लगा उस के बौडी पार्ट कुछ अलग थे. मैं समझ गया कि उस ने सर्जरी करा रखी है तो मैं ने उसे अपने घर से जाने के लिए कह दिया. वह पहले एक लड़का था, जो बाद में सर्जरी करा कर शैफाली बन गई थी. अब तेजस पुलिस टीम के पास आ कर ये सारी बातें सीमा को बता देता है. तभी दोपहर के 12 बजे का समय हो जाता है और किलर का फोन सीमा के लिए आता है तो सीमा कहती है सुहास तुम कैसे हो?
जिस पर किलर कहता है कि अच्छा तुम अब मेरे बारे में जान गई हो, लेकिन तुम ने मुझे धोखा क्यों दिया जो पुलिस मेरे पीछे आ गई. सीमा कहती है कि तुम ऐसे किसी को जान से मत मारो, जिस की कोई गलती ही न हो. मुझे ऐसे सनकी किलर पसंद नहीं हैं. जिस पर सुहास कहता है कि मैं ने आप के लिए आज तक काफी कुछ किया है, जिस के कारण आज तुम्हारा परिवार एक हो पाया है और अब तुम्हीं मुझ से बात करने के लिए मना कर रही हो. अब आप ने मुझे गुस्सा दिला दिया है तो मैं आप के बेटे की खुशियां छीन लूंगी, यह कहते हुए सुहास फोन काट देता है.
अब सीमा सोचने लगती है कि सुहास ने अब तक तेजस के लिए क्याक्या किया होगा. उधर तेजस भी यही सोच रहा था कि आखिर ये है कौन, जो मुझे इतनी अच्छी तरह से जानता है और मेरी खुशियां छीन सकता है. यहीं पर पांचवां एपिसोड खत्म हो जाता है. पांचवें एपिसोड में भी कहानी को भटकाने की कोशिश की गई है, जिस के कारण नाटकीयता साफसाफ झलक रही है. सीमा जब सुहास के पिता का मर्डर करने आती है तो सुहास और उस की मां को कहीं भी नहीं दिखाया गया है और वह मर्डर करने के बाद पूरे 2 घंटे तक लाश के पास बैठ कर लाश के अकडऩे का इंतजार करती है. यह बात तो समझ से ही परे है.
एपिसोड नंबर 6
छठे और आखिरी एपिसोड का नाम ‘द फाइनल जजमेंट’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में हम फ्लैशबैक में देखते हैं कि सुहास जब छोटा होता है तो वह अपने पापा की मौत के बाद खुशीखुशी अपना लड़कियों की तरह होने पर लिपिस्टिक लगा कर प्रचार करता है. पर उसे जैसे ही पता चलता है कि सीमा की मौत हो गई है तो वह बहुत दुखी हो कर रोने लगता है.
बड़ा होते ही सुहास अपनी मां को वृद्धाश्रम में छोड़ कर आता है और फिर अपना घर बेच कर उस पैसे से अपना सैक्स मैडिकली चेंज करा कर लड़की बन जाता है. फिर हम दिव्या (निमिशा नायर) को देखते हैं जो सुहास नहीं बल्कि दिव्या बन चुकी थी और अब तक ये मर्डर दिव्या ही कर रही थी. इधर तेजस तन्वी को फोन कर के सेफ रहने को कहता है, तभी वहां पर दिव्या आ कर तन्वी को किडनैप कर ले जाती है. यह सारी बातें फोन पर तेजस सुन लेता है और पुलिस टीम को दिव्या के घर पूरी तहकीकात करने भेजता है. लेकिन दिव्या के घर पुलिस टीम को कुछ भी नहीं मिलता है.
सीमा दिव्या से कहती है कि तुम मेरे परिवार को नुकसान मत पहुंचाओ, मैं तुम से सीधे मिल लूंगी, लेकिन इस के बदले में तुम्हें तन्वी को रिहा करना होगा. दिव्या मान जाती है और सीमा को एक मौल का एड्रेस दे कर उसे वहां बुलाती है. तेजस कहता है कि दिव्या साइको है, तुम्हें मार भी सकती है, मगर सीमा कमिश्नर अरुण की परमिशन ले कर वहां जाने की ठान लेती है. इधर इंसपेक्टर पल्लवी को लगता है कि यहां पर सीमा दिव्या से मिली हुई हो सकती है.
तेजस भी अपनी पुलिस टीम के साथ उस मौल में पहुंचता है तो दिव्या तेजस को फोन कर के फोन सीमा को देने के लिए कहती है और कहती है कि यदि कोई भी सीमा के पीछे आएगा तो इस से तन्वी की जान जा सकती है. लेकिन तेजस खुद न जा कर अपनी पुलिस टीम के कुछ साथियों को सीमा के पीछे लगा देता है. मगर दिव्या तेजस से कई कदम आगे थी, वह सीमा को इधरउधर रास्तों से एक जगह बुला कर उस के हाथों में हथकड़ी लगा कर तन्वी को छोड़ देती है. जिस के बाद दिव्या निकल जाती है. तेजस उसे पकड़ नहीं पाता.
तन्वी को देख कर तेजस की जान में जान आ जाती है. अब दिव्या सीमा को वहीं पर ले कर आती है, जहां पर उस ने तन्वी को पहले कैद कर के रखा था. फिर तन्वी तेजस को बताती है कि दिव्या ने उसे जहां कैद किया था, वहां पर जेलो कंपनी के बौक्स रखे थे. तेजस हानिया से जेलो कंपनी के पुराने औफिस का पता करने को कहता है. इधर दिव्या सीमा को बताती है कि जब आप के मरने की खबर आई थी तो मैं बहुत रोई थी. फिर वह उसे अपना जेंडर चेंज करने की कहानी बताती है.
दूसरी ओर तेजस को दिव्या की लोकेशन पता चल जाती है तो वह दिव्या को पकडऩे आता है. लेकिन दिव्या भागने लगती है, तब तेजस दिव्या के कंधे पर गोली मार देता है. वहीं हम देखते हैं कि सीमा मौका देख कर वहां से भाग जाती है. अब हौस्पिटल में तेजस दिव्या से सीमा के बारे में पूछता है तो वह बताती है कि वह अपना एक पुराना बदला लेने गई है. अब हमें फ्लैशबैक में दिखाया जाता है कि जब सीमा छोटी थी, तब एक दिन उस के पापा दीनानाथ (प्रदीप वेलंकर) ने कमरे में ले जा कर उस के साथ दुष्कर्म किया था. यह लगभग काफी दिनों तक होता रहा.
जब सीमा की मां (वैभवी सबा) ने इस का विरोध किया तो सीमा के पापा ने मां को उस के सामने ही मार डाला था. अब सीमा वर्तमान में दीनानाथ के पास पहुंचती है तो वह अपने पापा से कहती है पहले तो मैं सब कुछ भूल गई थी, मगर काउंसलिंग के बाद मुझे सब कुछ याद आ गया है, इसलिए मैं तुम्हें ही मारने आई हूं. सीमा अपने पापा को मारने वाली होती है कि तभी वहां तेजस आ जाता है तो वह अब खुद अपने नाना को मारना चाहता था, क्योंकि उस ने भी काउंसलिंग वाली फाइल पढ़ ली थी.
तब सीमा कहती है कि तेजस, इसे तुम मत मारो, इसे तो मेरे हाथों से ही मरना चाहिए. यह सुन कर तेजस अपनी मां को सीने से लगा कर रोने लगता है. तभी उस के नाना अपनी पुरानी करतूत से आहत हो कर छत से कूद कर अपनी जान दे देते हैं. फिर यह केस बंद हो जाता है. अब सीमा को हैदराबाद जेल वापस भेजा जा रहा है, क्योंकि अब सीमा का बदला भी पूरा हो गया था और किलर भी पकड़ा जा चुका था. सीमा कमिश्नर अरुण को धन्यवाद देती है कि उन के कारण ही वह अपने बेटे तेजस से मिल पाई थी.
ये लोग अब गाड़ी में आगे जाने लगते हैं तो हम देखते हैं कि आधे रास्ते में आ कर तेजस की गाड़ी अचानक से कहीं गायब हो जाती है, तभी वहां पर इंसपेक्टर ओमकार अपनी गाड़ी से आता है तो देखता है कि तेजस अपनी गाड़ी में बंघा पड़ा था. तेजस ओमकार से कहता है कि मेरी पिस्टल सीमा ने छीन ली और मुझे यहां बांध कर न जाने कहां फरार गई, इसलिए जल्दी जा कर उसे ढूंढो. वहीं अब हम सीमा को देखते हैं जो बस में बैठ कर कहीं जा रही थी. यहां पर वेब सीरीज ‘मिसेज देशपांडे’ समाप्त हो जाती है.
छठे एपिसोड में भी लेखक ने कहानी में काफी भटकाव दिखाए हैं. सुहास को यह बात भला कैसे चली थी कि सीमा की मौत हो चुकी है. तेजस को इस बात का बिलकुल भी शक दिव्या पर नहीं होता, जबकि छठे एपिसोड तक आतेआते दर्शक समझ चुके थे कि कातिल दिव्या ही हो सकती है. यदि पूरी वेब सीरीज की बात करें तो इस के निर्माण में संदिग्धों को बड़े अजीबोगरीब तरीके से पेश किया गया है, जिस से कोई भी तुरंत समझ जाता है कि यह कहानी दर्शकों को वेवकूफ बनाने की कोशिश कर रही है.

माधुरी दीक्षित
सुप्रसिद्ध अभिनेत्री और कुशल नृत्यांगना माधुरी दीक्षित का जन्म 15 मई, 1967 को मुंबई (महाराष्ट्र) में हुआ था. पिता शंकर दीक्षित और मम्मी स्नेहलता दीक्षित की लाडली बेटी माधुरी की इच्छा बचपन से ही डौक्टर बनने की थी. शायद यही वजह रही थी कि माधुरी ने अपना जीवनसाथी डा. श्रीराम नेने को चुना. मुंबई के डिवाइन चाइल्ड हाईस्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद माधुरी दीक्षित ने मुंबई यूनिवर्सिटी से स्नातक की शिक्षा पूरी की.
माधुरी दीक्षित हिंदी सिनेमा की सफल अभिनेत्री रही है. माधुरी ने अपने अभिनय करिअर की शुरुआत सन 1984 में ‘अबोध’ फिल्म से की थी. किंतु माधुरी को असली पहचान वर्ष 1998 में आई प्रसिद्ध फिल्म ‘तेजाब’ से मिली, जिस के बाद उस ने मुड़ कर नहीं देखा. एक के बाद एक सुपरहिट फिल्मों के कारवां ने माधुरी को भारतीय सिनेमा की सर्वोच्च अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया. इस की प्रमुख फिल्में ‘राम लखन’, ‘परिंदा’, ‘त्रिदेव’, ‘किशन कन्हैया’, ‘दिल’, ‘प्रहार’ आदि रही हैं.
माधुरी दीक्षित को फिल्म ‘दिल’, ‘बेटा’, ‘हम आप के हैं कौन’, ‘दिल तो पागल है’ के लिए फिल्मफेयर के सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार और वर्ष 2003 में फिल्म ‘देवदास’ के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. वर्ष 2008 में माधुरी दीक्षित को भारत सरकार के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया.
माधुरी दीक्षित का विवाह 1999 में डा. श्रीराम माधव नेने से हुआ था. इन के 2 बेटे हैं. माधुरी दीक्षित ने वेब सीरीज ‘मिसेज देशपांडे’ से पहले वेब सीरीज ‘द फेम गेम’ (2022 नेटफ्लिक्स) और ‘मजा मां’ (2022 अमेजन प्राइम वीडियो) में काम किया है.
सिद्धार्थ चांदेकर

वेब सीरीज ‘श्रीमती देशपांडे’ में सीमा (माधुरी दीक्षित) के बेटे की भूमिका एसीपी तेजस खड़के निभाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता सिद्धार्थ चांदेकर का जन्म 14 जून, 1991 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था. सिद्धार्थ की मम्मी का नाम सीमा चांदेकर है, जो मराठी फिल्मों की अभिनेत्री रही हैं. सिद्धार्थ ने अपनी स्कूली शिक्षा पुणे के एस.डी. कटारिया हाईस्कूल से पूरी की थी. उस के बाद उस ने पुणे के सर परशुरामभाऊ कालेज से स्नातक की शिक्षा पूरी की. सिद्धार्थ के अभिनय करिअर की शुरुआत वर्ष 2007 में हिंदी फिल्म ‘हम ने जीना सीख लिया’ से हुई थी. हालांकि यह फिल्म फ्लौप रही थी, लेकिन सिद्धार्थ ने हार नहीं मानी.
इस के बाद सिद्धार्थ ने लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘अग्निहोत्र’ से मराठी सिनेमा में पदार्पण किया. उस के बाद अवधूत गुप्ते की मराठी फिल्म ‘जैदा’ में उमेश जगताप की भूमिका निभाई, जो काफी पसंद की गई. सिद्धार्थ को ब्लौकबस्टर फिल्म ‘क्लासमेट्स’ में अनी के किरदार से सब से ज्यादा जाना जाता है. 2014 में उस ने अजय नाइक की फिल्म ‘बावरे प्रेम’ में उर्मिला कानिकटर के साथ अभिनय किया.
वर्ष 2016 में आई भारतीय मराठी भाषा की बायोपिक ‘वजंदर’, जिस का निर्देशन सचिन कुंडलकर ने किया था, में सिद्धार्थ ने आलोक का किरदार निभाया था. सिद्धार्थ ने रोमांटिक कौमेडी फिल्म ‘औनलाइन बिनलाइन’ फिल्म ‘लास्ट ऐंड फाउंड’, और ‘बसस्टौप’ में भी काम किया है.
सिद्धार्थ और मराठी फिल्मों की अभिनेत्री मिताली की शादी को मराठी सिनेमा जगत की अब तक की सब से भव्य शादी माना गया. इस जोड़े ने शाही अंदाज में अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की. पुणे के पास ढेपेवाडा में हुई यह शादी बेहद खूबसूरत थी, समारोह काफी भव्य था. सिद्धार्थ वेब सीरीज ‘माया नगरी: सिटी औफ ड्रीम्स’, ‘अंधातरी’, ‘जीवलगा’ और ‘मारू कंफ्यूज्ड मैन’ नामक मराठी हिंदी वेब सीरीजों में काम कर चुका है. Web Series






