UP News: चांदनी वास्तव में इतनी खूबसूरत थी कि गोरखपुर का विश्वकर्मा चौहान उस पर मर मिटा था. जबकि वह एक बेटी का बाप था. पत्नी ममता उस पर जान छिड़कती थी, लेकिन प्रेमिका चांदनी के प्यार में विश्वकर्मा एक दिन ऐसा जघन्य अपराध कर बैठा कि न वह घर का रहा और न घाट का.
विश्वकर्मा ने प्रेमिका चांदनी से मिल कर पत्नी ममता के साथ हुए विवाद के बारे में सारी बातें बताईं और उसे रास्ते से हटाने के बारे में सुझाव भी मांगा तो उस ने बड़ी खूबसूरती के साथ अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा, ''जो भी करना है, आप को करना है. मुझे तो आप के पहलू में सिर रख कर सोना है बस.’’
उधर बेटी की परवरिश के लिए ममता पति विश्वकर्मा से अपने हक के लिए दबाव बनाए हुए थी. पत्नी के दबाव से वह परेशान हो गया था. इसी बीच उस ने अपने हिस्से की गांव वाली जमीन पापा से अपने नाम रजिस्ट्री करा कर वह 35 लाख रुपए में बेच दी. जब ममता को जानकारी हुई कि पति ने गांव वाली अपने हिस्से की जमीन 35 लाख रुपए में बेच दी है तो वह उन रुपयों में से आधा हिस्सा मांगने लगी. पति ने फिर वही रटारटाया जवाब दिया कि चाहे जो कुछ भी हो जाए, उसे एक फूटी कौड़ी नहीं देगा. इस के बाद पति और पत्नी के बीच विवाद और गहराता चला गया.
ममता और विश्वकर्मा के बीच विवाद इस कदर बढ़ता चला गया कि विश्वकर्मा को ममता के नाम से ही नफरत हो गई थी और उस के खून से अपने हाथ रंगने के लिए तैयार हो गया था. उस दिन के बाद से वह पत्नी की हर गतिविधि पर नजर रखने लगा. वह उस की रेकी करने लगा था. यह घटना से करीब एक महीने पहले की बात थी. ममता अपनी बेटी को साथ ले कर शाहपुर थानाक्षेत्र के गीता वाटिका मोहल्ले में किराए के कमरे में रहती थी. यहीं रह कर वह प्राइवेट जौब कर अपनी और बेटी की परवरिश करती थी. विश्वकर्मा ने पता लगा लिया था कि वह बेटी के साथ कहां रहती है.






