Love Crime: पूर्व रेलकर्मी रामसिंह परिहार ने एक नहीं, बल्कि 2-2 शादियां की थीं. दोनों पत्नियां अलगअलग जगहों पर रहती थीं. इस के बावजूद वह प्रीति रैकवार के साथ पिछले 6 सालों से लिवइन रिलेशन में रह रहा था. इसी दौरान ऐसा क्या हुआ कि उस ने न सिर्फ प्रीति का मर्डर किया, बल्कि उस की लाश के टुकड़े कर उन्हें घर में ही जला डाला…
एक दिन रामसिंह परिहार झांसी के मिनर्वा के पास रहने वाली अपनी दूसरी पत्नी गीता से मिला और प्रेमिका प्रीति रैकवार से छुटकारा दिलाने में मदद की गुहार लगाई. गीता तो पहले ही सौतन प्रीति से जलन मानती थी. उस ने प्रीति को रास्ते से हटाने में पति की पूरी मदद करने का वायदा किया. इस के बाद रामसिंह और गीता ने प्रीति की हत्या करने व उस की लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई.
राम सिंह ने अपनी प्रेमिका प्रीति रैकवार की हत्या करने की पूरी प्लानिंग कर ली थी. हत्या से लगभग 20-22 दिन पहले उस ने लहर गांव में ब्रह्मनगर पहाड़ी में किराए पर मकान ले लिया. यह सब इतनी चालाकी से अंजाम दिया गया कि प्रीति को अहसास तक नहीं हुआ. इस मकान में वह सिर्फ प्रीति के साथ समय बिताता था. 8 जनवरी, 2026 को प्रीति के साथ वह इसी मकान में मौजूद था. रुपयों के लिए ब्लैकमेल करने वाली प्रीति का कत्ल करने से पहले रामसिंह ने जी भर कर शराब पी. प्रीति भी शराब पीने की शौकीन थी, सो उस को भी पिलाई. जब वह नशे में पूरी तरह चूर हो गया तो अपना होश खो बैठा, तब उस की आंखों में खून सवार हो गया.
उस ने वहां रखी कुल्हाड़ी उठा कर काम कर रही प्रीति के सिर पर हमला कर दिया. कुल्हाड़ी के एक वार से ही प्रीति कटे पेड़ की तरह वहीं गिर गई और उस की मौत हो गई. प्रेमिका की हत्या करने के बाद रामसिंह भागने के बजाए मकान में ही रुका रहा. नशा कम होने पर जब उसे कुछ होश आया तो सामने प्रीति की लाश देख कर खुद को बचाने की प्लानिंग करने लगा. प्रीति की हत्या करने के बाद उस ने लाश के टुकड़ेटुकड़े कर दिए. उस ने प्रीति के शरीर के इन कटे हुए हिस्सों को एकएक कर चूल्हे पर जलाना शुरू कर दिया, लेकिन बदबू फैलने पर उस ने अपने बेटे नितिन परिहार से एक लोहे का संदूक व लकडिय़ां मंगाईं और लाश के टुकड़ों को लोहे के संदूक में जलाना शुरू कर दिया.
8 दिन तक वह लाश के टुकड़ों को जलाता रहा. झांसी शहर के सीपरी बाजार इलाके के रहने वाले रामसिंह ने प्रेमिका के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. 17-18 जनवरी, 2026 की रात रामसिंह ने अब खुद को बचाने की प्लानिंग बनाई. उस ने अपनी दूसरी पत्नी के बेटे नितिन से एक लोडर बुक कराया और लोडर चालक से कहा कि गृहस्थी का सामान दूसरे घर सैयर गेट स्थित फूटा चौपडा में पहुंचाना है. उस समय रात के 2 बज रहे थे. इतनी रात में सामान ले जाने की लोडर चालक जयसिंह पाल द्वारा पूछने पर रामसिंह ने कहा कि दिन में भीड़ ज्यादा रहती है, संदूक बड़ा है परेशानी होगी.

प्रीती रैकवार की हत्या के बाद आरोपी रामसिंह ने इसी चूल्हे में जलाए प्रीती के शरीर के टुकड़े
400 रुपए भाड़ा तय होने के बाद लोडर में संदूक लाद कर चालक जय सिंह पाल चल दिया. रामसिंह की दूसरी पत्नी गीता का बेटा नितिन परिहार संदूक उठाने के लिए अपने 3 दोस्तों को भी साथ ले आया था. रामसिंह अपनी स्कूटी से लोडर के पीछेपीछे चलने लगा, जबकि नितिन व उस के दोस्त लोडर में बैठ गए. बक्से से बदबू आ रही थी. पानी भी टपक रहा था. इस पर लोडर ड्राइवर को मामला संदिग्ध लगा. उस ने कहा भी कि बक्से से बदबू बहुत आ रही है.
इस पर रामसिंह परिहार ने कहा कि गृहस्थी का कुछ सामान आपस में मिक्स हो जाने से बदबू आ रही है. मिनर्वा चौराहे के पास दाऊ समोसे वाली गली के अंदर फूटा चौपडा में एक मकान के पास उन लोगों ने बौक्स उतार लिया और किराए के पैसे ड्राइवर जय सिंह पाल को दे दिए. ड्राइवर ने पैसे तो ले लिए, पर उसे दाल में कुछ काला नजर आने लगा. उस ने बिना देर किए पुलिस कंट्रोल रूम के 112 नंबर पर फोन कर दिया. कुछ समय बाद नवाबाद व कोतवाली पुलिस वहां पहुंच गई और बौक्स पर लगा ताला तोड़ कर उसे खोला.
बौक्स खोलते ही पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं. बौक्स के अंदर से बदबू आने के साथ ही महिला के शव के जले हुए टुकड़े, कुछ हड्डियां, कोयला के साथ पानी भरा हुआ था. कुछ बरतन भी थे. पुलिस ने रामसिंह के बेटे नितिन से बौक्स के बारे में पूछा तो उस ने अपने पापा द्वारा बताई गई सारी बात पुलिस के सामने बयां कर दी. उधर रामसिंह आधे रास्ते से ही फरार हो गया था. रात के समय मोहल्ले में पुलिस को देख कर पड़ोसी भी एकत्र हो गए. लोडर चालक से पूछताछ के बाद सीपरी बाजार पुलिस को भी सूचना दी गई.
इंसपेक्टर विनोद कुमार मिश्रा ने जले हुए टुकड़ों में विभाजित महिला की लाश मिलने की सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दी तो कुछ ही देर बाद एसपी (सिटी) प्रीति सिंह व अन्य अधिकारी घटनास्थल पर आ गए. लोडर चालक जयपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि मोहल्ले का रहने वाला नितिन परिहार उस के पास शनिवार 17 जनवरी की रात में आया था. उस ने बताया कि उस के पापा गृहस्थी का कुछ सामान, बक्सा आदि ले कर यहां रहने आ रहे हैं.
भाड़ा तय हो जाने के बाद वह नितिन के साथ ब्रह्मनगर पहुंच गया, जहां रामसिंह परिहार ने अपने बेटे नितिन व उस के दोस्तों के साथ एक नीले रंग के बौक्स को लोडर में रखवाया था. उस बौक्स को मिनर्वा चौराहा के पास ले चलने की बात हुई. वैसे मृतका प्रीति की शिनाख्त हो चुकी थी, फिर भी पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराने का पुलिस ने निर्णय लिया. बौक्स से बरामद अधजले अंगों व हड्ïिडयों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
पुलिस नितिन की मम्मी गीता से मिली और उस से पूछताछ की. गीता ने बताया कि उस का पति रामसिंह रेलवे से रिटायर है और प्रीति नाम की युवती के साथ लिवइन रिलेशन में रहता है. प्रीति रामसिंह से लगातार रुपयों की मांग कर रही थी. इस से उस का पति परेशान हो गया था. नितिन के बताए पते पर पुलिस लोडर चालक की निशानदेही पर ब्रह्मनगर स्थित मकान पर पहुंची. वहां कमरे के बाहर आंगन में एक चूल्हा बना हुआ था. दीवार भी धुएं से काली पड़ गई थी. पुलिस को आशंका हुई कि प्रीति के कटे अंगों को इसी चूल्हे पर रामसिंह जलाता था.

बरामदे बक्से की तलाशी लेता पुलिसकर्मी
मकान में 2 कमरे थे. कमरे के अंदर सिर्फ सोने के लिए गद्ïदा पड़ा हुआ था. बाहर आंगन में एक नीला ड्रम रखा था. अंदर चारों ओर कोयला फैला हुआ था. घर के बाहर तक राख बही हुई दिख रही थी. अंदर कोई सामान नहीं था. रामसिंह परिहार के इस मकान के पास 4 मकान हैं. आधी रात को पुलिस के पहुंचने पर पड़ोसियोंं को इस खौफनाक हत्याकांड का पता चला. रामसिंह द्वारा प्रीति की जघन्य हत्या से आसपास के लोग सहम चुके थे. कई लोगों ने अपने घरों के दरवाजे तक नहीं खोले और उन के बच्चे घरों में कैद रहे.

आरोपी रामसिंह की पुरानी तसवीर
पुलिस को वहां रहने वालों ने बताया कि रामसिंह किसी से बात नहीं करता था. अकसर उस के घर पर ताला बंद रहता था. उस के घर से कुछ दूरी पर परचून की दुकान है, रामसिंह वहीं से गुटखा खरीदता था. दुकान चलाने वाली कुसुम ने भी रामसिंह के व्यवहार को अजीब बताया. उस का मकान भी पहाड़ी पर ऊंचाई पर बना था. कुछ दिन पहले बदबू आने पर जब उस से कहा तो उस ने बताया कि कूड़ा जलाया था, उसी से बदबू आ रही है. इस मकान पर फोरैंसिक टीम ने पहुंच कर महत्त्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए.
रामसिंह परिहार रेलवे से रिटायर हो चुका था. वह स्वयं सैयर गेट में ही रहता था. उस की पहले से ही 2 शादियां हो चुकी हैं, इस के बावजूद वह प्रीति रैकवार के साथ लिवइन रिलेशन में पिछले 6 साल से रह रहा था. पहली पत्नी निशा नंदनपुरा में रहती है. रामसिंह उस से कोई संपर्क नहीं रखता. जबकि दूसरी पत्नी गीता मिनर्वा के पास अपने बेटे नितिन परिहार, बहू व अन्य बच्चों के साथ रहती है.
रामसिंह परिहार की ड्यूटी 6 साल पहले एक रेलवे अधिकारी के बंगले पर थी. वहीं पर सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित आईटीआई के पास रहने वाली प्रीति रैकवार भी काम करने आती थी. प्रीति पहले से ही शादीशुदा थी और उस के 3 बच्चे भी थे. वहीं रामसिंह की मुलाकात प्रीति से हो गई. वह प्रीति की सुंंदरता पर रीझ गया. दोनों में धीरेधीरे प्रेम संबंध हो गए. रामसिंह परिहार प्रीति से शादी करना चाहता था, लेकिन प्रीति ने उस के साथ शादी से इनकार कर दिया. प्रीति के शादी से इंकार करने पर रामसिंह ने उसे अपने साथ रहने को राजी कर लिया.
रामसिंह परिहार अपनी प्रेमिका प्रीति रैकवार के साथ सैयर गेट स्थित मकान में ही रहने लगा. प्रीति अपने पति राजकुमार और 3 बच्चों को छोड़ कर रामसिंह के साथ रहने लगी. मृतका की शिनाख्त तो हो गई थी. झांसी के एसएसपी बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति ने महिला के मर्डर को बड़ी गंभीरता से लिया और हत्यारोपी रामसिंह की गिरफ्तारी के लिए इंसपेक्टर विनोद कुमार मिश्रा समेत पुलिस की 3 टीमें गठित कीं, जो आधी रात से ही रामसिंह की तलाश में जुट गईं.
प्रीति रैकवार की सुंदरता पर रीझ कर रिटायर्ड रेलकर्मी रामसिंह परिहार ने अपनी पूरी दौलत प्रेमिका प्रीति पर लुटा दी थी. 64 वर्षीय रामसिंह 2022 में रेलवे से रिटायर हुआ था. उसे रिटायरमेंट पर लगभग 20 लाख रुपए मिले थे. प्रीति जिद कर के रामसिंह से गहने बनवाती. रिलेशनशिप में पिछले 6 साल से रामसिंह के साथ रह रही प्रेमिका प्रीति रैकवार की रोजरोज की बढ़ती रुपयों की डिमांड से रामसिंह परिहार परेशान हो गया. उस ने अपनी प्रीति को कई बार समझाया, लेकिन प्रीति पर उस की समझाइश का कोई असर नहीं हुआ.

पुलिस हिरासत में पुलिस की हत्या का आरोपी रामसिंह, उसकी दूसरी पत्नी गीता और उसका दूसरा बेटा नीतिन
तब रामसिंह ने एक दिन प्रीति से कहा, ”प्रीति, मैं तुम्हारी हर इच्छा पूरी करता हंू, लेकिन तुम हो कि रोज एक नई डिमांड कर देती हो. मैं इतने रुपए कहां से लाऊं?’’
इस पर प्रीति ने तपाक से कहा, ”तुम से उम्र में 27 साल छोटी होने के बाद भी मैं ने तुम से प्यार किया और तुम्हारी सारी हसरतें पूरी कीं. क्या तुम मेरी इच्छाएं पूरी नहीं कर सकते हो?’’
इतना सब कहने के बाद प्रीति ने रामसिंह से 3 लाख रुपयों की नई डिमांड कर दी. पिछले कुछ समय से रामसिंह को उस के चरित्र पर शक भी होने लगा था. इस डिमांड ने आग में घी डालने का काम किया. पानी अब सिर से ऊपर निकल चुका था. 37 वर्षीय प्रीति की पैसों की डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी. रामसिंह रोजरोज की उस की बढ़ती फरमाइशों से तंग आ गया था.
उस ने मन ही मन सोचा कि यदि वह उस की फरमाइशें इसी तरह पूरी करता रहा तो एक दिन यह मुझे पूरी तरह कंगाल बना देगी और मैं सड़क पर आ जाऊंगा. शातिरदिमाग रामसिंह सनसनीखेज वारदात करने के बाद फरार हो गया था, लेकिन पुलिस की लोकेशन जानने के चक्कर में वह पुलिस के चंगुल में फंस गया. हुआ यह कि सैयर गेट के पास पुलिस के पहुंचते ही रामसिंह ने अपना मोबाइल स्विच्ड औफ कर लिया. पुलिस ने उस के बेटे नितिन व दोनों पत्नियों से पूछताछ शुरू की.
पुलिस पहली पत्नी निशा के मकान पर पहुंची. रामसिंह की तलाश में पुलिस ने उस की बेटियों की ससुराल में भी दबिश दी. यहां भी रामसिंह नहीं मिला. किसी तरह पुलिस को मृतका प्रीति के पति राजकुमार का पता चल गया. पुलिस राजकुमार तक जा पहुंची. इसी बीच वारदात के कुछ घंंटे बाद रामसिंह ने पुलिस की लोकेशन पूछने के लिए दूसरी पत्नी गीता के करीबी आदमी के पास फोन किया.
यह फोन करने के लिए रामसिंह ने जैसे ही मोबाइल को औन किया, वह पुलिस के रडार पर आ गया. कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने रामसिंह को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस रामसिंह को ब्रह्मनगर स्थित उस के आवास पर भी ले गई, जहां पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल कई वस्तुओं को बरामद किया. पुलिस ने प्रीति के पति राजकुमार की तहरीर पर रामसिंह, उस के बेटे नितिन व पत्नी गीता के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया.
सीपरी बाजार के ब्रह्मनगर इलाके में हुए इस खौफनाक हत्याकांंड में मुख्य आरोपी रामसिंह ने गिरफ्तारी के बाद एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उस की बातें सुन कर पुलिस के अधिकारी भी हैरान रह गए. रामसिंह ने बताया कि वह प्रीति से बहुत प्यार करता था, इस के चलते उस ने अपनी पत्नी गीता व बच्चों को भी छोड़ दिया था. हर महीने मिलने वाली पूरी पेंशन उस पर खर्च कर देता था. लेकिन वह देख रहा था कि कुछ समय से प्रीति के व्यवहार में उस के प्रति बदलाव आ गया था.
उसे जानकारी मिली थी कि पीठ पीछे प्रीति ने पास में ही रहने वाले ब्यूटी पार्लर संचालक फौजी से रिश्ते बना लिए हैं. फौजी को ले कर दोनों में नोकझोंक होती थी. इस बारे में उस ने प्रीति से कई बार पूछने की कोशिश की, लेकिन प्रीति कभी साफ जवाब नहीं देती थी. प्रीति के चरित्र पर रामसिंह को शक होने पर उस के दिल में उस के प्रति नफरत बढऩे लगी. अपनी जीवनभर की कमाई प्रेमिका प्रीति पर लुटाने के बाद भी रामसिंह के साथ वेबफाई करने के साथ ही उस ने लगातार रुपयों की डिमांड शुरू कर दी थी. रामसिंह ने पुलिस को बताया कि रिटायरमेंट पर मिले 20 लाख रुपए प्रीति पर खर्च कर चुका था.
उस ने अपने लिए गहने भी बनवाए थे, लेकिन फिर भी उस की रुपयों की हवस बढ़ती जा रही थी. अब हाल यह हो गया था कि रुपए न मिलने पर वह धमकाने भी लगी थी. उस ने 3 लाख रुपए की नई डिमांड कर दी थी. रुपए देने से मना करने पर उल्टे प्रीति ने दुष्कर्म की रिपोर्ट कराने की धमकी दी. इस धमकी के बाद से रामसिंह परिहार परेशान रहने लगा. रामसिंह ने इस से पहले 2 शादियां की थीं. पहली वाली पत्नी निशा से वह कोई संबंध नहीं रखता था, जबकि दूसरी पत्नी गीता के घर वह आताजाता रहता था. प्रीति की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद वह लाश को देख कर खुद को बचाने की प्लानिंग करने लगा. हालांकि कुछ देर बाद वह उठा और मछली बनाने के बाद शव के पास ही बैठ कर खाई.
2 दिन तक शव के साथ कमरे में सोया. जब शव से बदबू आने लगी, तब उस ने लाश के टुकड़ेटुकड़े कर दिए और उन्हें एक तिरपाल में छिपा कर रख दिया. फिर 8 दिन तक वह घर में बने चूल्हे पर इन टुकड़ों को जलाता रहा. इस हत्याकांड में उस ने अपनी दूसरी पत्नी गीता व बेटे नितिन को भी शामिल कर लिया था. रामसिंह परिहार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उस के सिर पर प्रीति की हत्या करने का जुनून सवार हो गया था, लेकिन 6 साल साथ रहने के चलते प्रीति के प्रति प्रेम था. शव के टुकड़ों को जलाने से जो राख निकली थी, उस में से थोड़ी सी राख कमरे में छिपा दी थी. उसे मालूम था कि पूरे मामले को निपटाने में अभी समय लगेगा. जब मामला साफ हो जाएगा, तब वह प्रीति की राख को प्रयागराज में जा कर गंगा में विसर्जित कर देगा.
हत्या करने से कुछ दिन पहले ही उस ने इसी उद्देश्य से अपना मुंडन भी करा लिया था, लेकिन इस से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया. साजिश के तहत रामसिंह ने लाश को छिपाने के लिए पहले से ही खरीदे गए प्लास्टिक के नीले ड्रम में प्रीति की लाश को भर कर ड्रम को सुनसान इलाके में फेंकने का प्लान बनाया था. लेकिन भारी वजन होने से प्रीति का शव ड्रम में नहीं आ सका. इस के बाद उस ने लाश के टुकड़े कर उन्हें जलाने की योजना बनाई. उस ने अपने बेटे नितिन से डेढ़ क्विंटल लकड़ी मंगाई थी. नितिन 10 जनवरी, 2026 की शाम सीपरी बाजार इलाके में स्थित मुक्तिधाम से अपने नाम से रसीद कटा कर लकड़ी लाया था.
रामसिंह प्रीति के शव के टुकड़ों को एकएक कर चूल्हे पर जलाने लगा, लेकिन बदबू फैलने पर और भेद खुलने के डर से उस ने बाद में नितिन से लोहे का बड़ा संदूक मंगाया था. नितिन यह संदूक चित्रा चौराहे के पास स्थित एक दुकान से 5 हजार रुपए में खरीद कर लाया था. रामसिंह ने बताया कि वह लाश के टुकड़ों को बौक्स में रख कर लकडिय़ों से जलाता था, ताकि बदबू घर से बाहर न फैले. बौक्स में लाश के टुकड़ों को जलाने से धुएं से संदूक काला पड़ गया था.
घर से बाहर निकलने पर किसी को शक न हो, इसलिए रामसिंह बाजार से नीले रंग का पेंट खरीद कर लाया और बौक्स पर पेंट कर दिया. आग से बक्सा गरम हो गया था, पानी डाल कर उसे पहले ठंडा किया. इस कारण बौक्स के अंदर कुछ पानी रह गया था. मीडिया के सामने आने पर उस के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी. उस ने कहा कि यदि वह शव की राख को बाहर फेंक देता तो किसी को हत्या की भनक तक नहीं लगती. पुलिस ने ब्रह्मनगर स्थित मकान से साक्ष्य एकत्र करने के साथ ही बौक्स व लकडिय़ां खरीदने की रसीदें भी प्राप्त कर लीं.
मिनर्वा के पास रहने वाले लोडर चालक जयसिंह पाल से मोहल्ले का रहने वाला नितिन परिहार रात में उस के पास आया. वह उसे ले कर लहर गांव जाना चाहता था. उस ने बताया कि उस के पापा कुछ सामान, बक्सा आदि ले कर यहां रहने आ रहे हैं. पहले तो रात के समय इतना सामान ले कर आने की बात उसे कुछ अटपटी लगी. उस ने कहा कि सुबह सामान लेने चलेंगे. लेकिन फिर 400 रुपया किराया तय कर के जयसिंह बक्से को लोडर में लाद कर चला. बक्से से राख का पानी टपकने व बदबू आने पर उसे शक हो गया था कि जरूर कुछ गड़बड़ है. फिर रास्ते से रामसिंह भाग गया था. तब उस ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर के सूचना दी. चालक की सूझबूझ से उस की योजना विफल हो गई.
एसएसपी बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति ने प्रैस कौंफ्रेंस में प्रीति हत्याकांड का 18 घंटे में ही परदाफाश करने के साथ ही तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें 19 जनवरी, 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजने की जानकारी दी. उन्होंने टीम में शामिल सीपरी बाजार थाने के एसएचओ विनोद कुमार मिश्रा, एडिशनल इंसपेक्टर महेशचंद, एसआई चंदन सरोज, एसआई राजकुमार, अनुराग शर्मा, अवधेश कुमार, रामचरन, नवीन कुमार, सूरज सिंह, संध्या सिंह व सीमा सहित पूरी टीम को 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा के साथ सूचना देने वाले लोडर चालक को भी पुरस्कृत करने की बात कही.
प्रीति रैकवार की हत्या की ऐसी घटना सामने आई है, जिस ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. यह वारदात श्रद्धा वालकर और निम्मी यादव जैसे चर्चित हत्याकांडोंं की याद दिलाती है. मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि लिवइन रिलेशन में रहने वाली महिलाओं को पत्नी का दरजा दिया जाना चाहिए, ताकि उन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. Love Crime






