Suicide Mystery. उत्तम ने अपनी प्रेमिका भारती की हत्या कर के खुद आत्महत्या कर ली थी. आत्महत्या के लिए उस ने जो सुसाइड नोट लिखा था, उस से पता नहीं चल सका कि उस ने आखिर ऐसा क्यों किया.
भारत में अन्य खेलों के मुकाबले क्रिकेट में लोगों को कुछ ज्यादा ही रुचि है. जब भी भारत का किसी देश के साथ क्रिकेट मैच होता है, लोग किसी न किसी तरह से उस का सीधा प्रसारण देखने की कोशिश करते हैं.
6 मार्च, 2016 को भारत और बंगलादेश के बीच टी-20 एशिया कप का फाइनल मुकाबला मीरपुर, ढाका में होना था. फाइनल मुकाबला होने की वजह से ज्यादातर युवा उत्साहित थे. उन्हें उम्मीद थी कि बंगलादेश को हरा कर भारत टी-20 एशिया कप पर कब्जा कर लेगा.
छत्तीसगढ़ के शहर बिलासपुर में रह कर पीएससी परीक्षा की कोचिंग कर रहे कौशलेंद्र तेंदुलकर ने अपने दोस्त उत्तम वैष्णव से बात कर के उसी के कमरे में टीवी पर मैच देखने का कार्यक्रम बनाया था. उत्तम वैष्णव शहर की ही कश्यप कालोनी में किराए पर रह कर पीएससी परीक्षा की कोचिंग कर रहा था.
बसस्टैंड के नजदीक स्थित कश्यप कालोनी के बारे में बताया जाता है कि किसी जमाने में यहां गड्ढे हुआ करते थे. यह जगह वीरान सी पड़ी रहती थी. गड्ढेनुमा स्थान पर होटल महुआ के पीछे बरसात के दिनों में जब पानी का दबाव बढ़ता था तो बड़ेबड़े पक्के निर्माण को बहा ले जाता था.
किंतु आज यहां पर बड़ीबड़ी कईकई मंजिला इमारतें खड़ी हो गई हैं. यह कालोनी शहर के बीच में तो है ही, इस के आसपास तमाम कोचिंग इंस्टीट्यूट हैं. इसीलिए अलगअलग जिलों व सुदूर ग्रामीण अंचलों से यहां पीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए छात्र आते हैं.
भारत और बंगलादेश के बीच मैच शाम 8 बजे से शुरू होना था, लेकिन उस दिन बारिश हो जाने की वजह से मैच रात 9 बजे होना तय हुआ. कौशलेंद्र ने शाम के समय दोस्त उत्तम वैष्णव को फोन किया. दरअसल वह उस से बात कर के यह जानना चाहता था कि अगर उसे खानेपीने की कोई चीज बाजार से मंगाना हो तो वह लेता आए.
कौशलेंद्र ने उसे कई बार फोन किया. हर बार उस के फोन की घंटी बजी, लेकिन फोन उठा नहीं. उस की समझ में नहीं आ रहा था कि उत्तम फोन क्यों नहीं उठा रहा. क्योंकि इस से पहले कभी उस ने उस का फोन रिसीव करने में देरी नहीं की थी. चूंकि उत्तम का कमरा पास में ही था, इसलिए वह उस के कमरे पर चला गया.
कौशलेंद्र भागाभागा मकान मालकिन मेहरुन्निसा के पास पहुंचा और आंखों देखी बात बता कर उन्हें अपने साथ उत्तम के कमरे पर ले गया. उन्होंने रोशनदान से कमरे में झांका तो उन्हें लगा कि शायद उत्तम ने फांसी लगा ली है. मेहरुन्निसा भी घबरा गईं कि यह कैसे हो गया और अब क्या किया जाए?
उसी कालोनी में उत्तम का दोस्त शहंशाह अंसारी भी रहता था. सूचना मिलने पर वह भी उत्तम के कमरे पर आ गया. रोशनदान से झांकने पर उसे भी लगा कि शायद उत्तम ने आत्महत्या कर ली है. मकान मालकिन और अन्य दोस्तों के साथ वह सिटी कोतवाली पहुंचा और टीआई इशहाक खलको को दोस्त के फांसी लगाने की बात बता दी.
इशहाक खलको एएसआई मुरलीधर जायसवाल के साथ उत्तम वार्ष्णेय के कमरे पर पहुंचे और रोशनदान से देखने पर उन्हें भी एक आदमी फांसी के फंदे पर झूलता नजर आया. उन्होंने यह जानकारी सीएसपी महेश गर्ग को दी. चूंकि उस समय रात के 8 बज चुके थे. अंधेरा होने की वजह से सीएसपी ने इशहाक खलको को अगली सुबह काररवाई करने के निर्देश दिए.
सबूतों से कोई छेड़छाड़ न हो, इसलिए इशहाक खलको ने कमरे को सील कर के पुलिस का पहरा बैठा दिया. रात में ही उत्तम के घर वालों को खबर दे दी गई तो सुबह तक वे भी कश्यपनगर पहुंच गए.
अगले दिन 7 मार्च, 2016 को सुबह सीएसपी महेश गर्ग, टीआई इशहाक खलको, एएसआई दुर्गाकिरण पटेल घटनास्थल पर पहुंच गए. गवाहों की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ कर पुलिस कमरे में पहुंची तो कमरे की हालत देख कर सभी का दिल दहल उठा. उत्तम की लाश एक चुनरी से झूल रही थी तो बिस्तर पर कंबल में लिपटी एक युवती की रक्तरंजित लाश पड़ी थी.
वहीं पर 2 लाइन का एक सुसाइड नोट रखा था, जिस में लिखा था कि आपसी विवाद के कारण मौत को गले लगा रहे हैं. पुलिस टीम स्तब्ध थी कि यह युवती कौन है और यहां कैसे आई?
एएसआई दुर्गाकिरण पटेल की निगाह कमरे में रखे लेडीज पर्स पर गई तो उन्होंने उस पर्स को खोला. उस में से एक आईडी कार्ड मिला, जिस पर मरने वाली लड़की का नाम भारती वैष्णव, पिता का नाम महादेवदास वैष्णव निवासी गांव रेड़ा लिखा था.
कार्ड पर एक मोबाइल नंबर भी लिखा था. पुलिस ने जब उस नंबर पर फोन किया तो फोन भारती के पिता महादेवदास वैष्णव ने ही रिसीव किया. बेटी की मौत की खबर पा कर वह उसी वक्त कश्यपनगर के लिए निकल पड़े.
महादेवदास का बेटा लक्ष्मीकांत बिलासपुर के विनोवानगर में रह कर पीएससी की तैयारी कर रहा था. पिता ने उसे फोन कर के भारती की मौत के बारे में बता दिया था. भारती के मुंह से खून निकला हुआ था. गरदन भी ऐसे झूल रही थी, जैसे मानो तेज दबाव से हड्डियां टूट गई हों. उस के दोनों हाथ पीछे की तरफ बंधे थे. गले में दबाव के निशान देख कर इस बात की पुष्टि हो रही थी कि भारती की हत्या की गई थी.
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि भारती वैष्णव डीपी महाविद्यालय के पास स्थित गर्ल्स हौस्टल में रहती थी. उस के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस गर्ल्स हौस्टल पहुंची तो लड़कियों ने बताया कि भारती वैष्णव कल सुबह साढ़े 7 बजे हौस्टल से यह कह कर निकली थी कि वह अपनी बहन से मिलने जा रही है.
इस के अलावा पुलिस को वहां से और कोई खास जानकारी नहीं मिली. उत्तम वार्ष्णेय और भारती वार्ष्णेय के घर वाले मौके पर पहुंच चुके थे. पुलिस ने उन से बात की. इस के बाद जरूरी काररवाई कर के दोनों लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
इस के बाद पुलिस मामले की छानबीन में लग गई. जांच में पता चला कि उत्तम वैष्णव छत्तीसगढ़ के जिला जांजगीर चांपा के गांव कोतमा के रहने वाले चंद्रभूषण वैष्णव का बेटा था. वह रिलायंस कंपनी में इंजीनियर था और उस की पोस्टिंग बिलासपुर में थी.
वह इस नौकरी से संतुष्ट नहीं था, इसलिए कश्यपनगर में रह कर पीएससी की कोचिंग कर रहा था. उसी के साथ भारती वैष्णव भी कोचिंग कर रही थी. वह रेड़ा गांव की रहने वाली थी. उत्तम और भारती के बीच गहरी दोस्ती थी.
पुलिस ने उन के फोन नंबर की काल डिटेल्स और वाट्सऐप मैसेज की जांच की तो पता चला कि उन के संबंध दोस्ती तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि उस से आगे तक थे. 5 और 6 मार्च की रात 2 बजे उन दोनों के बीच फोन पर लंबी बातें हुई थी.
जिस कमरे में दोनों लाशें मिली थीं, उस का दरवाजा भीतर से अच्छी तरह से बंद था. भीतर जाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था. दरवाजे के ऊपर जो रोशनदान था, वह भी काफी छोटा था. उस में से भी किसी का कमरे में अंदर जाना संभव नहीं था. इस का मतलब यह था कि किसी बाहरी व्यक्ति ने उन्हें नहीं मारा था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भारती के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाली बात भी नहीं निकली थी. भारती के दोनों हाथ रस्सी से पीछे बंधे थे और गरदन की हड्डियां टूटी हुई थीं. पुलिस का मानना था कि उत्तम पहले भारती की हत्या की थी, उस के बाद वह खुद गले में चुनरी का फंदा डाल कर झूल गया था.
अपराध अनुसंधान से जुड़े लोगों की भी समझ में नहीं आ रहा था कि जब यौन उत्पीड़न अथवा जोरजबरदस्ती की कोई वजह नहीं थी तो फिर हत्या का कारण क्या हो सकता है? हत्या जैसे अपराध के पीछे जरूर कोई न कोई कारण होना चाहिए.
इशहाक खलको का कहना था कि दोनों के बीच अविश्वास की खाई इतनी गहरी हो चुकी होगी कि उसी के बारे में बात करने के लिए 6 मार्च को उस ने भारती को अपने कमरे पर बुलाया होगा.
बातचीत के दौरान उत्तम असहज और उत्तेजित हो गया होगा और उस की गरदन पकड़ कर हत्या कर दी. बाद में पकड़े जाने के डर से उस ने अपना भी जीवन समाप्त कर लिया. पुलिस ने उत्तम वैष्णव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया. चूंकि हत्यारोपी ने खुद भी आत्महत्या कर ली थी, इसलिए पुलिस ने कागजी काररवाई कर के इस केस की फाइल बंद कर दी. Suicide Mystery
—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित
लेखक : राजू तिवारी






