NRI Family Conflict. धर्मसिंह धालीवाल की 3 बेटियां कनाडा में रहती थीं. उन्होंने रिटायरमेंट पर मिला सारा पैसा लगा कर एकलौते बेटे जसकरण को भी कनाडा में ही स्थापित कर दिया. खुद भी वह बेटे के साथ रहने लगे. लेकिन जसकरण से प्रेम विवाह कर के घर में आई पवनदीप ने कुछ ऐसी चालें चलीं कि...

पंजाब की तहसील खरड़ का एक गांव है सवाड़ा. इस गांव के रहने वाले धर्मसिंह धालीवाल हरियाणा के इंडस्ट्रीज डिपार्टमैंट में असिस्टैंट डायरैक्टर थे. उन्होंने 1994 में अपनी इस सरकारी नौकरी से ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी. रिटायरमैंट पर उन्हें काफी पैसा मिला था. अपने इस पैसे को ले कर वह कनाडा चले गए थे.

धर्मसिंह के परिवार में उन की पत्नी गुरबख्श कौर के अलावा 3 बेटियां और एक बेटा था. उच्च शिक्षा दिलवाने के बाद धर्मसिंह ने तीनों बेटियां कनाडा में ब्याह दी थीं. वे तीनों अपनेअपने परिवारों में खुश थीं. उन का एकलौता भाई जसकरण सिंह उन तीनों से छोटा था.

तीनों बहनें उसे बहुत प्यार करती थीं. 10वीं पास करने के बाद वह भी कनाडा चला गया था. वहां जा कर उस ने खुद को स्वतंत्र रूप से स्थापित करने का प्रयास किया. धर्मसिंह ने भी बेटे को स्थापित करने में हर तरह की मदद की.

सन 2001 में टोरंटो के एक स्टोर में खरीदारी करते वक्त जसकरण की मुलाकात पवनदीप कौर नाम की एक युवती से हुई. पवनदीप भी मूलरूप से पंजाब की रहने वाली थी. जब वह 6 साल की थी तभी अपने मातापिता के साथ कनाडा आ गई थी. उस की 6 बहनें और एक भाई था. उस की सभी बहनें और भाई कनाडा में अच्छी तरह पैर जमा चुके थे. पवनदीप को वहां सब पैम के नाम से जानते थे.

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