Crime Story in Hindi. धोखा देने वाले प्रेमी विशाल का पारुल कुछ नहीं बिगाड़ पाई तो उस ने श्वेता पर इसलिए तेजाब फेंक दिया कि बदसूरत होने पर विशाल उस से शादी से मना कर देगा.
एक ही मोहल्ले में रहने की वजह से पारुल और विशाल एकदूसरे को बचपन से ही जानते थे. आतेजाते एकदूसरे को देखते भी थे, लेकिन उन की आपस में कभी बातचीत नहीं होती थी. आमनेसामने होते भी तो अनजानों की तरह बगल हो कर निकल जाते थे. लेकिन जब पारुल विशाल के पड़ोस में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने आने लगी तो अचानक उसे पारुल की खूबसूरती का अहसास हुआ और धीरेधीरे वह उस की ओर आकर्षित होने लगा.
पारुल थी ही ऐसी खूबसूरत कि उसे देख कर कोई भी आकर्षित हो सकता था. ऐसे में पारुल के प्रति विशाल का आकर्षित होना कोई नई बात नहीं थी. विशाल के दिल को पारुल भायी तो वह अपने घर के सामने खड़े हो कर उस के आने और जाने का इंतजार करने लगा. उस की यह मेहनत रंग लाई और कुछ ही दिनों में उस के दिल की बात पारुल तक पहुंच गई.
पारुल उत्तर प्रदेश के जिला एटा की पुरानी बस्ती के रहने वाले बूरा और बताशे के कारोबारी सुशील वार्ष्णेय की बेटी थी. पारुल के अलावा उन की 2 संतानें, एक बेटा तथा एक बेटी और थी. उन का खातापीता मध्यमवर्गीय परिवार था.
पारुल ने इंटरमीडिएट करने के बाद एटा के जवाहरलाल डिग्री कालेज में दाखिला ले लिया था. कालेज जाने से पारुल के तमाम नएनए दोस्त बन गए थे. दोस्तों से मिलनेजुलने और बातचीत से उस की सोच में तमाम बदलाव आ गए थे. अब वह जिंदगी के बारे में अपने ढंग से सोचने लगी थी.






