Police Inspector Murder Case. ज्योति ने इंसपेक्टर विजय से नजदीकी बना कर मंदिर में विवाह कर लिया. इस के बाद वह इंसपेक्टर को रिश्ते उजागर करने की धमकी दे कर ब्लैकमेल करने लगी. इस तरह दूसरों को न्याय दिलाने वाला खुद अन्याय का शिकार होने लगा.
जिला मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना के पहरा ड्यूटी पर तैनात संतरी मुस्तैदी से मुख्य गेट के पास खड़ा था. थानाप्रभारी इंसपेक्टर विजय सिंह कुछ सिपाहियों के साथ किसी अपराधी की तलाश में बाहर गए हुए थे. बाकी का स्टाफ थाने में अपनेअपने काम में लगा था. उसी बीच काले रंग की एक टाटा सफारी कार नंबर यूपी-11एडी-6704 थाने में दाखिल हुई.
कार की ड्राइविंग सीट पर एक युवक बैठा था. उस की बगल वाली सीट पर एक खूबसूरत लड़की बैठी थी. ड्यूटी पर तैनात संतरी ने उसे रोका तो संतरी के कार रोकने का मतलब भांप कर ड्राइवर के बगल बैठी लड़की ने कहा, ‘‘हमें इंसपेक्टर साहब से मिलना है.’’
संतरी को पता था कि थानाप्रभारी थाने में नहीं हैं, इसलिए उस ने संक्षिप्त सा जवाब दिया, ‘‘साहब, इस समय थाने में नहीं हैं.’’
‘‘हम उन के परिचितों में हैं.’’ लड़की ने कहा तो सिपाही ने लड़की को गौर से देखा. इस के बाद उस ने कहा, ‘‘सौरी मैडम, अंधेरे में पहचान नहीं सका. आप तो पहले भी...’’
सिपाही की बात पूरी होती, उस से पहले ही लड़की ने आत्मविश्वास भरे लहजे में कहा, ‘‘हां भई, हम पहले भी आते रहे हैं. साहब से हमारी बात भी हो गई है. उन का फोन आता ही होगा. कुछ देर में वह आ भी जाएंगे.’’






