130 मिस्ड काल का रहस्य
रात ढाई बजे के करीब रामकिशोर की नींद खुली तो वह बाहर निकला. उसकी नजर कुएं की ओर गई तो उसने देखा कि कुएं के ऊपर लगे लोहे के जाल पर उसका साथी सिपाही रामप्रकाश वर्मा लटक रहा है.
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