चंदे का धंधा ‘इलेक्टोरल बौंड’ : क्यों फैला यह वायरस – भाग 1
इलेक्टोरल बौंड एक वचनपत्र की तरह था, जिसे भारत का कोई भी नागरिक या कंपनी भारतीय स्टेट बैंक की चुनिंदा ब्रांचों से खरीद सकता था और अपनी इच्छानुसार किसी भी पौलिटिकल पार्टी को गुमनाम तरीके से दान कर सकता था.
More posts
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें