टीम ने जांच की शुरुआत रिजौर्ट के सभी कर्मचारियों के बयानों से की. फिर टीम ने रिजौर्ट और घटनास्थल का जायजा लिया. साथ ही अंकिता को नहर में फेंकने के सबूत जुटाए. उस के बाद बारी थी अंकिता के दोस्त पुष्पदीप से अंकिता के वाट्सऐप चैट, पुलकित से अंकिता के बारे में हुई बातचीत तथा अंकिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच की.
तीनों आरोपियों को 4 दिन की पुलिस कस्टडी में ले कर 30 सितंबर, 2022 को टीम ने उन्हें रिजौर्ट और घटनास्थल पर भी ले जा कर गहन पूछताछ की. उन के बयानों की वीडियोग्राफी की गई. इसी सिलसिले में रिजौर्ट में काम करने वाले एक पूर्व कर्मचारी ने रिजौर्ट के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी दी.
रिजौर्ट में होता था जिस्मफरोशी का धंधा
2 महीने पहले ही रिजौर्ट से काम छोड़ कर गए मेरठ निवासी विवेक और इशिता नाम के दंपति ने पुलकित पर कई आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि पुलकित महिला कर्मचारियों पर बुरी नजर रखता था. सैलरी मांगने पर मारपीट और चोरी का आरोप लगा कर नौकरी से निकाल देता था.
दंपति ने बताया कि रिजौर्ट में बाहर से लड़कियां बुलाई जाती थीं, लेकिन उन की एंट्री दर्ज नहीं होती थी. इन लड़कियों को ग्राहकों के कमरे में भेजा जाता था. खास ग्राहकों की भी रजिस्टर में एंट्री नहीं होती थी.
इशिता ने अपने बारे में बताया कि रिजौर्ट के कर्मचारियों से पुलकित कहता था कि उसे इशिता पसंद है. उसे किसी तरह से ग्राहक के सामने पेश करने के लिए तैयार करे. यह बात एक कर्मचारी ने ही इशिता को बताई थी. पुलकित मुझे पति विवेक से अलग करना चाहता था. इलाके का पटवारी भी पुलकित से मिला हुआ था.
एक बार किसी ग्राहक का ब्लूटूथ स्पीकर छूट गया था. विवेक ने यह सोच कर उसे रख लिया कि ग्राहक के आने पर लौटा देंगे, लेकिन पुलकित ने चोरी का झूठा आरोप लगा दिया और नौकरी से निकाल दिया.
विवेक ने बताया कि रिजौर्ट में बिना लाइसैंस के शराब स्टाक कर ग्राहकों को दोगुने दाम पर बेची जाती थी. ग्राहकों को चरस, स्मैक, गांजे की भी सप्लाई होती थी.
पहली अक्तूबर, 2022 को एसआईटी आरोपियों को ले कर रिजौर्ट पहुंची और कर्मचारियों से अंकिता भंडारी के विषय में जानकारी मालूम की. कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए.
इस के बाद जांच टीम ने यह भी जानने का प्रयास किया कि रिजौर्ट में क्याक्या होता था? अंकिता क्यों रिजौर्ट छोड़ कर जाना चाहती थी? इस दौरान रिजौर्ट के एक अन्य कर्मचारी ने रिजौर्ट के कई राज खोले दिए, जो विवेक और इशिता के आरोपों से मेल खाते थे.
जांच टीम ने पुलकित के अंकिता के कमरे में जाने और उस का मुंह दबाने आदि के बारे में भी रिजौर्ट कर्मचारियों से पूछताछ की. मोबाईल पर हुई बातचीत के मुताबिक अंकिता अपना बैग ले जाने की बात कह रही थी.
अंकिता के लापता होने के बाद रिजौर्ट में क्या हुआ था, इस बाबत भी जांच टीम ने जानकारी जुटाई. इस मामले में संदिग्ध माना जा रहा राजस्वकर्मी (पटवारी) वैभव सिंह से आरोपियों के सामने ही जांच टीम ने पूछताछ की.
अंकिता को नहर में फेंकते समय वहां उपस्थित लोगों का भी जायजा लिया गया. जांच टीम ने पाया कि घटना वाले दिन कुछ लोगों ने ‘मेरी हैल्प करो’ की आवाज सुनी थी. कुछ लोगों के मुताबिक वह 2 लोगों के साथ बाइक और स्कूटी से आई थी. अंकिता स्कूटी पर थी. उस वक्त एक काले रंग की कार में आए 4 वीआईपी वहां मौजूद थे.
कथा लिखे जाने तक एसआईटी द्वारा मामले की जांच की जा रही थी तथा पुलकित, सौरभ व अंकित पौड़ी जेल में बंद थे.
लक्ष्मण झूला पुलिस के अनुसार पुलकित आर्य ने अंकिता की गुमशुदगी की जो तहरीर पुलिस को दी थी, उस से वह अंकिता के गायब होने के मामले में उस के मित्र पुष्पदीप को फंसाना चाहता था, अगर अंकिता का शव मिलता तो पुलिस उसे आत्महत्या का मामला मान सकती थी.
अंकिता की मौत से पहले पुष्पदीप ने उस से 22 मिनट तक बात की थी. पुलकित ने 17 सितंबर का ओएलएक्स पर रिजौर्ट में महिलाकर्मियों की भरती के लिए विज्ञापन भी डाला था.
इस विज्ञापन से यह आशंका बन गई थी पुलकित अंकिता के बाद किसी और युवती को नियुक्त करना चाहता था. इस बारे में भी पुष्पदीप ने एसआईटी को बताया.
एसआईटी ने 29 सितंबर को पुष्पदीप को अज्ञात स्थान पर ले जा कर उस के बयान दर्ज किए थे. आला पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि पुष्पदीप इस मामले में सक्रिय नहीं होता तो आरोपियों का पकड़ा जाना आसान नहीं होता. द्य


