Chhattisgarh Serial Killer. बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में 4 महीने के दौरान हुई 8 रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके को दहला दिया. गांव के लोग इन मौतों को प्राकृतिक मौत मानते रहे, लेकिन पुलिस ने जब इस की तह में जा कर जांच की तो मामला कुछ और ही सामने आया. एक के बाद एक की गई सुनियोजित 8 हत्याओं में आखिर किस का हाथ था?
46 साल का रामसहाय जायसवाल खरवे गांव में अपने घर पर ही किराना दुकान चलाता था. घर में 5 लोगों के परिवार में उस की पत्नी, 2 बेटे और एक बहू रहती थी. रामसहाय की फितरत ऐसी थी कि वह लोगों के द्वारा भलाबुरा कहने पर सामने तो कुछ नहीं कहता था, मगर दिल में दुश्मनी की गांठ बांध लेता था.
पिछले कुछ दिनों से उस के दिमाग में जिस खतरनाक चाल को अंजाम देने का खेल चल रहा था, उस का अंदाजा किसी को रत्ती भर भी नहीं था. गांव के रहने वाले बद्री पटेल, बुढालू साहू, बुधराम जायसवाल के साथ कुछ लोग और थे, जो रामसहाय को फूटी आंख भी नहीं सुहाते थे.
छत्तीसगढ़ के जिला बलौदाबाजार के गांवों में शराब की बोतल को आधाआधा साझा करने की भी अनोखी परंपरा है. इसी परंपरा को इसी जिले के खरवे गांव निवासी रामसहाय ने हथियार बना कर अपने मंसूबों को पूरा करने का फैसला किया.
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6 फरवरी, 2026 की शाम जब कुछ अंधेरा हो गया तो रामसहाय ने अपनी दुकान की अलमारी में रखी देशी शराब की बोतल निकाली और धीरेधीरे आधी बोतल पी ली. उस के बाद ढक्कन लगा कर आधी बोतल उस ने फिर से अलमारी में रख दी.






