UP Crime: अधिकांश लोगों के लिए अपने घरपरिवार की इज्जतआबरू सर्वोपरि होती है. इसे बचाने के लिए वह अपनी जान तक की परवाह नहीं करते, लेकिन सलमान ऐसा शख्स था, जो अपनी पत्नी नरगिस से देह व्यापार कराता था, उस के लिए वह खुद ग्राहक लाता था. इस घुटनभरी जिंदगी से निकलने के लिए एक दिन नरगिस ने ऐसा काम किया कि…
इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या उस की पत्नी सोनम ने कराई थी, उस के भांतिभांति के समाचार अभी भी आ रहे हैं. इधर कुछ महीनों में पत्नियों द्वारा पति की हत्या के अनेक मामले सामने आए हैं. औरैया की प्रगति ने विवाह के 15 दिनों बाद ही पति दिलीप की हत्या करा दी थी. कर्नाटक में अधेड़ पल्लवी ने अपने पति रिटायर्ड डीजीपी ओमप्रकाश को छुरी मार कर मार डाला. मेरठ की मुसकान ने अपने पति सौरभ की हत्या करवा दी. मुंबई की रूपाली ने अपने पति की हत्या करा दी.

ये बड़ी घटनाएं थीं, इसलिए सभी की नजरों में आ गईं. इस के अलावा भी अन्य तमाम घटनाएं हैं, जिन में पता चलता है कि पतिपत्नी एकदूसरे के लिए जान देने के बजाय जैसे जान लेने की प्रतियोगिता चला रहे हैं. इस में लिवइन में रहने वाली लड़कियों की हत्या के समाचार तो रोज ही अखबारों में आते हैं. यह कहानी भी इसी तरह की हत्या की है. लेकिन यह कहानी उन सभी कहानियों से अलग है. उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर की इस कहानी में पत्नी ने अपने हाथों से पति की हत्या कर दी. लेकिन इस कहानी में ऐसे अनेक सवाल हैं, जो समाज की आंखें खोलने वाले हैं.
दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले नैशनल हाईवे पर बीच में पड़ता है उत्तर प्रदेश का जिला मुजफ्फरनगर. 21 जून, 2025 की आधी रात को मुजफ्फरनगर के खाईखेड़ा इलाके के मदीना चौक के पास चमन कालोनी में शोर मचने से कालोनी वालों की आंखें खुल गईं. 24 साल की नरगिस घर से निकल कर चिल्ला रही थी कि ‘कोई मेरे शौहर को बचा लो, उस ने गले में फांसी लगा ली है. वह फडफ़ड़ा रहा है.’
पड़ोसी तुरंत भाग कर आ गए. नरगिस और सलमान की शादी के अभी साढ़े 5 साल ही हुए थे. उन का 4 साल का एक बेटा भी था. ये तीनों चमन कालोनी के उस मकान में किराए पर रहते थे. पड़ोसियों ने देखा कि ऊपरी मंजिल के कमरे में सलमान चित पड़ा था. पड़ोसियों ने उसे उठा कर रिक्शे में डाला और सरकारी अस्पताल ले गए. वहां नरगिस ने डौक्टर से कहा कि गले में दुपट्टा बांध कर सलमान पंखे से लटक गया था. किसी तरह उस ने पति को पंखे से उतारा. वह कैसे भी उस के पति को बचा लें.
सलमान की प्राथमिक जांच कर के डौक्टर ने सिर हिलाते हुए कहा कि यह मर चुका है, लेकिन यह आत्महत्या का मामला है, इसलिए पुलिस को सूचना देनी पड़ेगी. अस्पताल प्रशासन ने इस की सूचना पुलिस को दी तो थोड़ी ही देर में थाना कोतवाली पुलिस आ पहुंची. कोतवाली प्रभारी ने नरगिस से पूछा, ”रात को पति से तुम्हारा झगड़ा हुआ था क्या? इस ने मर जाने की धमकी देते हुए तुम से अपना इरादा व्यक्त किया था क्या?’’

जवाब में नरगिस ने कहा, ”साहब, छोटामोटा, खट्टामीठा झगड़ा तो सभी घरों में होता है. इस तरह का झगड़ा तो हमेशा होता रहता था. पर बात इस हद तक पहुंच जाए, इस तरह का झगड़ा तो कभी नहीं हुआ था. हां, इन की कोई नौकरी नहीं थी, सो बेरोजगार होने की वजह से इन के दिमाग पर बहुत टेंशन रहती थी. शायद उसी वजह से इन्होंने यह कदम उठाया होगा. बाकी आप सारे पड़ोसियों से पूछ लीजिए, कभी हमारा कोई बड़ा झगड़ा नहीं हुआ था.’’
इस के बाद पुलिस ने लाश कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दी. मदीना चौराहे और मोहल्ले में रहने वाले सभी लोगों को नरगिस पर दया आ रही थी. सभी यही कह रहे थे कि सलमान तो आत्महत्या कर के छुट्टी पा गया, अब यह बेचारी अकेली 4 साल के बच्चे को कैसे पाल कर बड़ा करेगी? सलमान के अम्मीअब्बू फर्रुखाबाद में रहते थे. सलमान का छोटा भाई फैजल मुजफ्फरनगर में ही दूसरे इलाके में अलग रहता था.
सलमान के आत्महत्या का समाचार पा कर सभी मदीना चौक के पास स्थित चमन कालोनी में नरगिस के घर आ गए थे. पोस्टमार्टम के बाद लाश सलमान के फेमिली वालों को सौंप दी गई थी. लाश मिलने के बाद पिता और भाई ने मिल कर उस की लाश को दफना दिया था. पुलिस और फेमिली वालों ने मान लिया था कि सलमान ने आत्महत्या ही की है. अगले दिन थाना कोतवाली में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसे देख कर कोतवाल चौंके. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, सलमान ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि गला दबा कर उस की हत्या की गई थी. कोतवाल पूरी टीम के साथ चमन कालोनी के सलमान के घर पहुंचे.
पुलिस ने जब सलमान के फेमिली वालों को बताया कि उस ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उस की गला दबा कर हत्या की गई है तो पूरा परिवार सन्न रह गया. सलमान के भाई फैजल ने तो जरा भी शरम संकोच किए बगैर तुरंत खड़े हो कर कहा, ”साहब, आप मेरी शिकायत दर्ज कर लीजिए. मेरे भाई सलमान की हत्या मेरी भाभी नरगिस ने ही की है.’’
वैसे भी जब सलमान की मौत हुई थी, उस समय घर में केवल नरगिस और उस का छोटा सा बच्चा ही था. इसलिए नरगिस पर ही सलमान की हत्या का पूरा शक जाता था. आत्महत्या के बजाय अब मामला हत्या का हो गया था, इसलिए इस घटना की सूचना कोतवाली पुलिस ने सीओ (सिटी) राजू कुमार साव और एसएसपी संजय वर्मा को भी दे दी थी. इस के बाद पुलिस अधिकारियों के डायरेक्शन में नरगिस से पूछताछ शुरू की गई.
शुरुआती पूछताछ में नरगिस ने कहा, ”भला कौन औरत विधवा बनना चाहेगी? किसी भी औरत को विधवा बनने का शौक नहीं होता. मैं अपने पति को क्यों मारूंगी? मैं तो अपने बेटे को गोद में ले कर सोई थी. उस के सो जाने के बाद घर में क्या हुआ, मुझे पता नहीं है.’’
पति को खोने वाली नरगिस के प्रति सहानुभूति रखते हुए पुलिस ने 3 दिनों तक साधारण पूछताछ की, परंतु नरगिस का एक ही जवाब था कि यह जो कुछ भी हुआ है, उस की उसे बिलकुल खबर नहीं है. इस के बाद 24 जून, 2025 को पुलिस ने अपने तरीके से नरगिस से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गई. नरगिस ने स्वीकार कर लिया कि उसी ने अपने पति सलमान को मौत के घाट उतारा था. उस ने बताया कि उस ने उस दिन सुबह ही सलमान से कहा था कि उसे रात में नींद नहीं आती, जिस की वजह से पूरे दिन बेचैनी रहती है. किसी डौक्टर से लिखवा कर वह उस के लिए नींद की दवा ला दे.

दोपहर को सलमान बाहर गया और नींद की दवा ला कर नरगिस को दे दी. रात को खाने में नरगिस ने रोटी और कीमा बनाया था. उस ने नींद की 7 गोलियां अच्छी तरह पीस कर सलमान के कीमा में मिला दी. रात को खाना खाने के बाद सलमान की कोल्डड्रिंक पीने की आदत थी. बची 3 गोलियां नरगिस ने कोल्डड्रिंक में मिला दीं. पेट भर कीमा खाने के बाद सलमान ने कोल्डड्रिंक भी पी ली थी, जिस से उसे गहरी नींद आ गई. रात 2 बजे नरगिस ने सलमान को झकझोर कर देखा. उस समय सलमान जरा भी होश में नहीं था. इस के बाद उस ने सलमान के गले में दुपट्टा लपेट कर पूरी ताकत से कस दिया. 5 मिनट छटपटाने के बाद सलमान की सांसें थम गईं.
वह मर गया है, यह विश्वास होने के बाद नरगिस ने चीखतेचिल्लाते हुए पड़ोसियों से कहा कि सलमान ने पंखे से लटक कर आत्महत्या करने की कोशिश की है. उसे तुरंत अस्पताल ले जाना होगा. इस के बाद मोहल्ले के 2 लोग उसे अस्पताल ले गए थे. नरगिस द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद सीओ (सिटी) ने पूछा, ”तुम दोनों के बीच ऐसी क्या लड़ाई थी कि तुम्हें इस तरह का खतरनाक कदम उठाना पड़ा. पति से तुम्हारी ऐसी क्या दुश्मनी थी?’’
सहज संकोच के साथ नरगिस नीचे ताकने लगी. उस के बाद मन मजबूत कर के उस ने जो बताया, उसे सुन कर पुलिस वालों को जबरदस्त झटका लगा. उस ने एक भी शब्द छिपाए बगैर पति की हत्या की सही वजह बता दी. उस ने जो वजह बताई, वह इस तरह थी. मुजफ्फरनगर के मोरना ब्लौक के गांव ककराला का रहने वाला सलमान 3 भाइयों में सब से बड़ा था. उस की 4 बहनें हैं. अभी एक भाई और 2 बहनों की शादी नहीं हुई है. साल 2020 में इसी जिले ककरौली के खाईखेड़ा की रहने वाली नरगिस से उस का विवाह हुआ था. दोनों का इस समय 4 साल का एक बेटा है.
नरगिस को गांव में रहना अच्छा नहीं लगता था, इसलिए शहर चल कर रहने के लिए वह अकसर सलमान से झगड़ती रहती थी. रोजरोज की किचकिच से तंग आ कर नरगिस के कहने पर सलमान 3 साल पहले नरगिस और बच्चे को ले कर मुजफ्फरनगर आ गया था. शहर के कई मोहल्लों में रहते हुए इस समय वह मदीना चौक के पास चमन कालोनी में किराए के मकान में पत्नी और बेटे के साथ रह रहा था.
उस की कोई नौकरी नहीं थी. वह इधरउधर मजदूरी करता था. खर्च ज्यादा था, जबकि कमाई कम थी. घर वाले चाहते थे कि वह गांव आ जाए, पर नरगिस गांव नहीं जाना चाहती थी. इसी बात को ले कर नरगिस नाराज हो कर डेढ़ साल तक मायके में रही थी. नरगिस ने बताया कि कामधंधा न होने की वजह से पैसों की तंगी रहती थी. उस का बेटा ढाई साल का हो गया था, उस के बाद यानी डेढ़ साल पहले सलमान ने उसे वेश्या बना दिया था. नएनए ग्राहक खोज कर वह नरगिस को उन के आगे परोसने लगा था. पति हो कर वह अपनी ही पत्नी की दलाली का धंधा करने लगा था.
पहली बार जब सलमान ने यह काम करने के लिए कहा था तो नरगिस ने जम कर विरोध किया था. पर सलमान ने मारपीट कर के उस से वही करवा लिया था, जो वह चाहता था. नरगिस के मायके में भी ऐसा कोई नहीं था, जो उस की मदद करता. इसलिए मार खा कर, बेबस हो कर नरगिस को सलमान का साथ देना पड़ रहा था, जिस से अंजान लोग उस की देह को नोच रहे थे.
सलमान ने दिल्ली, नोएडा से ले कर मणिपुर के इंफाल तक उस के लिए ग्राहक खोज रखे थे. वह नरगिस को ग्राहकों के पास ले जाता और बंद कमरे में जो प्रेमलीला होती, उस की वीडियो बनाता. अपनी ही पत्नी के उन वीडियो को बेच कर भी वह रुपए कमाता था. नरगिस की व्यथा सुन कर पुलिस वाले स्तब्ध थे. उस का कहना था कि इस तरह की घुटघुट कर जीने वाली जिंदगी जीने से तो मर जाना ही अच्छा था. लेकिन उसे अपने बेटे की चिंता थी कि उस के बाद उसे कौन संभालेगा?
उस का मुंह देख कर वह जलालतभरी जिंदगी जी रही थी, लेकिन धीरेधीरे उस की परेशानी बढ़ती ही जा रही थी और सहनशीलता घटती जा रही थी. फिर एक दिन ऐसा भी आया, जब उस की सहनशीलता खत्म हो गई. इस की वजह यह थी कि पैसा देने वाले ग्राहक नरगिस को औरत नहीं, खिलौना मान कर उस के साथ तरहतरह की चित्रविचित्र हरकतें करते थे, जो उस के लिए असहनीय हो गई थीं. नरगिस को लगने लगा था कि वह इस यातना भरी जिंदगी से तभी छुटकारा पा सकती है, जब वह पति सलमान के शिकंजे से निकल पाए.
नरगिस ने इस के लिए बहुत सोचा. काफी सोचनेविचारने के बाद उसे लगा कि सलमान के शिकंजे से निकलने के लिए उस की मौत के अलावा दूसरा कोई उपाय नहीं है. उस ने सोचा कि सलमान की हत्या तो उसे बहुत पहले ही कर देनी चाहिए थी. पर उस समय उस की मार के आगे उस की हिम्मत नहीं पड़ रही थी. नरगिस मानसिक और शारीरिक यातनाओं से तंग आ चुकी थी. शायद इसीलिए उस के अंदर पति सलमान की हत्या करने की हिम्मत आ गई थी. फिर उस ने सलमान से ही नींद की गोलियां मंगा कर उन्हें कीमा में मिला कर खिला दीं. उसे मौत के घाट उतार कर अपनी बेइज्जती का बदला ले लिया.
इस के बाद उस ने रोते हुए कहा था कि जेल की जिंदगी इस नरक भरी जिंदगी से सौ गुना अच्छी है. अपनी दुख भरी कहानी सुना कर नरगिस रो रही थी. पुलिस वाले मौन थे. 25 जून, 2025 को प्रेस कौंफ्रेंस में एसएसपी संजय वर्मा ने नरगिस द्वारा अपराध स्वीकार करने की बात कह कर हत्या करने की वजह बताई तो मीडिया वाले भी हैरान रह गए थे. सभी एकटक नरगिस को ताकते रह गए थे.

पुलिस ने बचा हुआ कीमा, वह गिलास, जिस में सलमान ने कोल्डड्रिंक पी थी, नींद की गोलियों का पत्ता, वह दुपट्टा, जिस से गला घोंटा गया था, कब्जे में ले लिया था. नरगिस को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था. उस के बेटे को सलमान के पेरेंट्स अपने साथ फर्रुखाबाद ले गए थे. UP Crime
(कथा में नरगिस परिवर्तित नाम है)






