Noida News: उत्तर प्रदेश के नोएडा में बिना सिर और कटी हथेलियों वाली माहिला की नाले से बरामद लाश की गुत्थी सुलझाने में पुलिस के हाथपांव फूल गए थे. इस के लिए 5 हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और 1,100 वाहनों की छानबीन की गई. इस तफ्तीश के हफ्ते भर बाद जब खुलासा हुआ, तब एक ऐसी प्रेम कहानी का राज खुला, जिस की बुनियाद प्यार के…

मोनू सिंह सोलंकी की बस में 5 नवंबर, 2025 की दोपहर को 30 वर्षीय प्रीति यादव सवार हो गई थी. यह पहला मौका नहीं था, जब वह डार्क शेड वाली एसी बस में अकेली मोनू के साथ थी. वह अकसर नोएडा में बरौला की जींस फैक्ट्री में छुट्टी मिलने पर उस की बस से ही अपने घर जाती थी. वह मोनू की प्रेमिका थी. मोनू भी उस से प्रेम करता था, लेकिन दोनों के बीच प्रेम संबंध कितना गहरा था, इस का पता उन के आपसी व्यवहार से चल जाता था. वे पहले से शादीशुदा और बालबच्चेदार थे. वे कहने को तो प्रेमी युगल थे, किंतु उन के प्रेम में कुंवारेपन की कसक और कशिश नहीं थी. उन के बीच ‘दिल’ और ‘देह’ दोनों के अनैतिक संबंध थे. वे करीब 2 साल पहले ही प्रेम में पड़े थे.

प्रीति अपने पति से अलग हो कर बरौला में ही अपने 2 बच्चों के साथ रह रही थी. वह मोनू पर अपनी पत्नी को छोड़ कर उस से शादी करने का दबाव बनाए हुए थी, जबकि मोनू की स्थिति उस से अलग दुविधा वाली थी. उस के लिए पत्नी और बच्चों को छोडऩा आसान नहीं था. इसे ले कर ही उन के बीच अकसर झगड़ा होता रहता था. प्रीति उस रोज मोनू को शादी के लिए राजी करने का मन बना कर आई थी. मोनू ने उसे रूखे मन से अपने बस में बिठा लिया था और सेक्टर 105 ले जा कर सीएनजी पंप के पास बस खड़ी कर दी थी. बड़े ही सहज भाव से चुप्पी तोड़ते हुए उस ने पूछा था, ”खाना खाओगी? बोलो तो बाहर से कुछ लाऊं?’’

”सिर्फ खाना खिला कर ही मुझ से आज पिंड छुड़ाना चाहते हो…पैसे के लिए बोली थी, उस का क्या हुआ?’’ ड्राइविंग सीट के पास बैठी प्रीति थोड़ी खिन्नता से बोली.

”ऐसे क्यों बोल रही हो. पैसे का इंतजाम कर रहा हूं. कुछ और समय लगेगा. वैसे, मैं तुम्हें काफी पैसे दे भी चुका हूं.’’ मोनू बोला.

”अच्छा, तो फिर ले आओ कुछ!’’ प्रीति सांस खींचती हुई बोली.

”मैं तो परांठा खाऊंगा, तुम बोलो.’’

”मेरे लिए मैगी बनवा लेना.’’

”चलो ठीक है. तुम यहीं बैठो, मैं अभी ले कर आता हूं.’’ मोनू बोला और बस से बाहर निकल गया.

पास के ढाबे से मोनू ने खुद के लिए 2 परांठे बनवा लिए और प्रीति के लिए मैगी  ली. बस में आ कर मोनू ने प्रीति को मैगी खाने के लिए दी और अपने लिए कागज की प्लेट में परांठा निकालते हुए बोला, ”अगर तुम चाहो तो परांठा टेस्ट कर सकती हो.’’

”नहींनहीं, परांठा तुम्हीं खाओ. बस, जितना जल्द हो सके, मेरा काम कर दो.’’ प्रीति बोली.

”तुम मेरी डगमगाई आर्थिक स्थिति को तो देख ही रही हो. फिर भी जिद करती हो तो अच्छा नहीं लगता है.’’ मोनू बोला.

प्रीति थोड़ी देर चुप रही. मैगी खाती रही. फिर धीरे से बोल पड़ी, ”कब कर रहे हो मुझ से शादी?’’

”शादी! यह अचानक शादी की बात कहां से आ गई?’’ मोनू आश्चर्य से पूछा.

”क्यों..? शादी कर लो फिर पैसे नहीं मांगूंगी.’’

”यह तो कोई बात नहीं हुई! शादी अपनी जगह है और पैसा अपनी जगह! तुम तो ब्लैकमेल कर रही हो.’’ मोनू  बोला.

” तुम जो समझो. अगर मुझे पैसे नहीं मिले, तब मैं कोई सख्त कदम उठाने पर मजबूर हो जाऊंगी, फिर मत कहना कि मैं ने गलत किया…’’ प्रीति धमकाते हुए बोली.

”क्या करोगी, जरा मैं भी तो जानूं.’’ मोनू बोला.

”थाने चली जाऊंगी.’’

”पैसा मांगने!’’

”नहीं, रेप की शिकायत करने…फिर जेल में सड़ते रहना!’’ प्रीति आंखें दिखाती हुई बोली.

”ऐंऽऽ तुम तो बहुत खतरनाक नागिन…’’

”मेरा काटा पानी भी नहीं मांग पाओगे.’’

”मैं उस से पहले तुम्हारा फन ही काट डालूं तो!’’

”है हिम्मत!’’

”देखना चाहती हो मेरी हिम्मत?’’ रेप का आरोप लगाने की बात पर मोनू गुस्से से भर चुका था. प्रीति मोनू को पहले भी धमकाती रही थी, लेकिन इस तरह की धमकी उस ने पहली बार दी थी. मोनू तिलमिला गया था. उस के दिल में पहले से जख्म बने हुए थे. इस धमकी से वे और हरे हो गए. परांठा खाना छोड़ कर खड़ा हो गया. हाथ में लिए हुए कौर को वहीं झटक दिया. उस के छींटे प्रीति के चेहरे पर भी पड़े.

वह कुछ समझ नहीं पाई कि मोनू को अचानक हो क्या गया! उस की बात इतनी बुरी लगी कि उस ने परांठा खाना छोड़ दिया. नजर उठा कर देखा. उस का रौद्र रूप देख कर सहम गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. उस की सिर्फ चीख ही निकल पाई. उस ने चापड़ से प्रेमिका का मर्डर कर दिया. कुछ सेकेंड बाद मोनू अपने चापड़ को निहार रहा था, जिस से खून टपक रहा था. खून के कई छींटे उस के कपड़ों पर भी पड़ गए थे. उस ने खून सने चापड़ को बस की सीट के नीचे सरका दिया और वहीं बैठ गया.

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के थानाक्षेत्र 39 के पौश सेक्टर 108 के नाले में 6 नवंबर को एक महिला का सिर और हाथ कटा शव मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया था. बिना सिर की लाश की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी. ब्लाइंड मर्डर का मामला था. उत्तर प्रदेश के नोएडा का यह इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला था. इस की जांच और तहकीकात के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गईं. सभी टीमें अपनेअपने स्तर से लाश की पहचान से ले कर उस की हत्या करने वाले की तलाश में जुट गई.

शव की हालत इतनी खराब थी कि महिला का सिर और दोनों हाथों के पंजे कटे हुए थे, जिस से उस की पहचान करना लगभग असंभव था. पुलिस ने तुरंत इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने के लिए कई टीमें गठित कीं और जांच शुरू की.

डीसीपी यमुना प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने जांच को आगे बढ़ाया. सर्विलांस टीम ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए अभियान छेड़ दिया था. इस ब्लाइंड हत्याकांड का खुलासा करने के लिए पुलिस को लगभग 5,000 कैमरे और 60-70 हजार मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया और करीब 1,100 वाहनों को ट्रैक किया, जिस में से 44 संदिग्ध वाहनों को ‘जीरो इन’ किया गया. 40 लोगों की टीमें दिल्ली सहित बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, मथुरा जनपदों में भेजी गईं.

शव पर केवल पैरों में बिछुए थे, जोकि मृतका की शादीशुदा होने की पहचान का एकमात्र सुराग था. पुलिस ने महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उस के पैरों में पहने बिछुए की तसवीर के साथ एक पैंफ्लेट जारी किया. लोगों से अपील की कि यदि किसी को भी इस महिला के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत थाना सेक्टर-39 पुलिस से संपर्क करें. मृतका के पास से कोई कपड़ा या अन्य पहचान का सामान नहीं मिला था. केवल उस के पैरों में बिछुए थे. महिला की लंबाई 5 फीट 1 इंच थी.

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जो जनपद मे गुमशुदा महिलाओं के घरों पर कौल कर के उन की जानकारी जुटाने में जुट गई. पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो घटनास्थल से एक संदिग्ध बस को निकलते हुए देखा, जिस से जांच का रुख बस के ड्राइवर मोनू सिंह सोलंकी की ओर मुड़ गया. नोएडा पुलिस की 45 टीमों ने गाजियाबाद, दिल्ली, बुलंदशहर, अलीगढ़ और आगरा के लगभग 100 पुलिस थानों का दौरा किया. इन थानों में गुमशुदगी दर्ज महिलाओं की सूची से मृतका का मिलान करने का प्रयास किया गया.

सेक्टर 108 स्थित पुलिस चौकी कट एस2 के पास नाले में मिली सिरकटी महिला की लाश की शिनाख्त करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था. महिला की पहचान और हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने दिनरात एक कर दिया था. जांच में पुलिस ने 50 से अधिक महिलाओं की हिस्ट्री खंगाली और 2 संदिग्ध वाहनों पर अपनी जांच केंद्रित कर दी. 120 महिलाओं के बारे में जानकारी जुटाने के बाद एडीसीपी सुमित कुमार शुक्ला ने महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया.

हालांकि घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण जांच में बड़ी बाधा बन गई. घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं, जिस में 3 दिनों के भीतर लगभग 600 वाहनों की जानकारी जुटाई गई. हालांकि, इन में कोई भी संदिग्ध नहीं मिला. किंतु इसी दौरान पुलिस का 2 गाडिय़ों पर शक गहराने के बाद उन की जानकारी जुटाई गई.

जांच के दौरान पुलिस को वह बस नंबर यूपी16के टी0037 मिल गई, जो मोनू सोलंकी चलाता था. जब मोनू के बारे में तहकीकात की गई, तब उस का नोएडा में पता बरौला का मिला, जहां वह किराए पर रहता था. इसी बीच, पुलिस को बरौला निवासी एक महिला के लापता होने की जानकारी मिली. पुलिस का शक मोनू पर गहरा गया. ब्लाइंड मर्डर केस में यहां तक पहुंचने में कई दिन लग गए. पुलिस को मुखबिर से भी मोनू के बारे में कई जानकारियां मिलीं. पता चला कि उस के लापता युवती के साथ प्रेम संबंध थे. शक के आधार पर 14 नवंबर, 2025 को बस चालक मोनू सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया. वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के एटा के जैथरा नेहरू नगर का रहने वाला है.

पूछताछ में मोनू ने कुबूल किया कि प्रीति और उस की मम्मी एक जींस फैक्ट्री में काम करती थीं. इसी के चलते दोनों परिवारों का मेलजोल बढ़ गया था. बाद में उस के और प्रीति के बीच अवैध संबंध बन गए थे. मोनू ने बताया कि प्रीति उस से लगातार पैसे की मांग करती थी और उस पर कमाई का बड़ा हिस्सा देने का दबाव डालती थी. प्रीति शादी करने और 4-5 लाख रुपए देने के लिए मोनू को ब्लैकमेल कर रही थी. मोनू की 2 बेटियां और एक बेटा भी है.

विवाद के दौरान प्रीति ने मोनू को धमकी दी कि वह उस की बेटियों से अनैतिक कार्य कराएगी. वह उसे ब्लैकमेल भी करती थी और उस के बच्चों को गलत कामों में लगाने की धमकी देती थी. जब उस ने उसे रेप में फंसाने की धमकी दी, तब उस ने इस तनाव और बढ़ते दबाव के कारण प्रीति को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना लिया था. इस से तंग आ कर ही उस ने यह कदम उठाया. मौका देख कर उस की चापड़ से हत्या कर दी और पहचान मिटाने के लिए शरीर के अंगों को काट दिया था.

5 नवंबर, 2025 को मोनू चुपके से एक चापड़ (धारदार हथियार) उठा लाया. इस के बाद वह प्रीति को अपनी बस में बैठा कर ले गया. रास्ते में खाना खाते वक्त उस से जम कर झगड़ा हो गया और मारपीट की नौबत आ गई. गुस्से में आ कर मोनू ने चापड़ से प्रीति की गरदन काट दी. पहचान मिटाने के लिए उस ने मृतका के दोनों हाथों के पंजे भी काट दिए. शव को उस ने सेक्टर 108 के नाले में फेंक दिया. इस से भी मन नहीं भरा तो सिर और कटे हुए हाथों के पंजों को गाजियाबाद ले जा कर अपनी बस से कुचल दिया और वहीं फेंक दिया.

अंगों के साथ बस की मैट, कपड़े आदि पटेल नगर थाना क्षेत्र में फेंक कर बरौला लौट आया. उस बस को 4 बार अच्छी तरह से धोई ताकि कोई सबूत न बचे. इस के बाद वह सामान्य जीवन जीने लगा. इस बयान के बाद मोनू की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़, मृतका प्रीति के देह के बाकी हिस्से, कपड़े और बस में बिछी खून लगी मैट को बरामद कर लिया है. फोरैंसिक टीम ने बरामद दागों के इंसानी रक्त होने की पुष्टि की है.

पुलिस को सिरकटी लाश की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिलने के बाद मुख्य आरोपी मोनू सोलंकी को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रैट के सामने पेश किया गया. वहां से उसे न्यायिक हिरासत में ले कर जेल भेज दिया गया. Noida News

 

 

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