True Crime Story: शहाना स्कूल के समय से ही सरफराज से मोहब्बत करने लगी थी. जब उस की शादी सरफराज से नहीं हो सकी तो वह सलीम से निकाह कर के उस की हो गई, लेकिन बाद में उस ने सलीम से भी किनारा कर लिया. इस के बाद उस का निकाह नवाब से हुआ लेकिन अपने प्यार के चक्कर में उस ने नवाब को ठिकाने लगवा दिया.
8दिसंबर, 2015 की देर रात उत्तराखंड के शहर जसपुर के थाना कुंडा में किसी राहगीर ने फोन द्वारा सूचना दी कि शेर अली बाबा की मजार के पास एक व्यक्ति की लाश पड़ी है. शेरअली बाबा की मजार काशीपुरजसपुर राष्ट्रीय राजमार्ग- 74 के किनारे है. लाश पड़ी होने की सूचना मिलते ही थाना कुंडा के थानाप्रभारी रमेश तनवार तुरंत पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए. लाश खून से लथपथ जसपुर की तरफ जाने वाली सड़क के किनारे पड़ी थी. वहीं पर कुछ लोग भी खड़े थे.
थानाप्रभारी ने वहां खड़े लोगों से मरने वाले शख्स की शिनाख्त करानी चाही, लेकिन कोई भी उसे नहीं पहचान सका. पुलिस ने मृतक की जेब की तलाशी ली तो जेब में एक परची मिली. उस पर एक मोबाइल नंबर लिखा था. वह फोन नंबर किस का है, यह जानने के लिए थानाप्रभारी ने अपने फोन से वह नंबर मिलाया तो दूसरी तरफ से शहाना नाम की औरत ने फोन रिसीव किया. उन्होंने उस महिला से जानकारी ली तो पता चला कि वह जसपुर के मोहल्ला छिपियान के नवाब की पत्नी शहाना परवीन है.
थानाप्रभारी ने शहाना से उन के पति के बारे में पूछा तो उस ने उलटे थाना प्रभारी से ही सवाल किया, ‘‘क्या मैं जान सकती हूं कि आप कौन बोल रहे हैं और आप मेरे पति को क्यों पूछ रहे हैं?’’






