MP News: एक सामान्य दलित परिवार में पलीबढ़ी खुशबू अहिरवार ने सफल मौडल बनने का सपना देखा था. अपनी खूबसूरती और मोहक अदाओं के कारण उसे विज्ञापनों में काम मिलना भी शुरू हो गया था. अपने प्रेमी कासिम के साथ लिवइन में रहने वाली खुशबू उस के साथ उज्जैन गई थी, मगर अस्पताल में वह लाश के रूप में लौटी. आखिर खुशबू की मौत की वजह पुलिस और परिवार के लिए क्यों बनी हुई है एक पहेली?
इसी दीपावली पर जब खुशबू अहिरवार भोपाल से अपने घर पहुंची थी तो उस की बड़ी बहन ताराबाई भी वहां मौजूद थी. मम्मी ने बातचीत के दौरान तारा से खुशबू की शादी के संबंध में उस की राय लेने को कहा तो तारा ने खुशबू से कहा, ”खुशबू, अब तो तू अच्छी मौडल बन गई है, अब शादी के बारे में भी सोच. आखिर मम्मी को भी चिंता रहती है.’’
”दीदी, मैं ने मम्मी से बोला तो है, मुझे अभी और प्रोग्रेस करनी है. मंजिल बहुत दूर है,’’ खुशबू ने टालते हुए कहा.
”ऐसा तो नहीं है कि कि भोपाल में रह कर किसी को बौयफ्रेंड बना लिया हो, इसलिए टाल रही है?’’ आशंका व्यक्त करते हुए तारा बोली.
”दीदी, आप भी बड़ी वो हो…’’ खुशबू शरमाते हुए बोली.
”सच बता, कौन है वो? मोबाइल में फोटो है उस का? मुझे दिखा, मैं मम्मी से बोल कर तेरी शादी करा दूंगी.’’ तारा ने भरोसा दिलाते हुए कहा.
”दीदी, ये देखो…’’ मोबाइल स्क्रीन तारा को दिखाते हुए खुशबू बोली.
”लड़का तो हैंडसम है, क्या नाम है इस का.’’
”दीदी, कासिम नाम है इस का.’’
”तो क्या यह मुसलमान है? कहां मिला था तुझे पहली बार.’’
”हां दीदी, कासिम मुसलमान है. मुझे यह एक लाउंज में मिला था.’’
”तेरा दिमाग खराब हो गया है क्या? और कोई नहीं मिला, जो मुसलमान के चक्कर में पड़ गई?’’ तारा ने डांटते हुए कहा.
”दीदी, कासिम दिल का अच्छा है. जब मैं उस से पहली बार मिली थी तो उस ने अपना नाम राहुल बताया था,’’ खुशबू ने कहा.
”और तूने उस पर भरोसा कर लिया, तुझे मालूम नहीं आजकल लव जिहाद चल रहा है. अपने एमपी में तो इस के लिए कानून भी बना है.’’
”दीदी, इसी लव जिहाद के डर से तो उस ने अपना नाम राहुल बताया था, मगर जब दोस्ती हुई तो पता चला कि वह मुझे दिल से चाहता है.’’ खुशबू बोली.
”मैं तो कहती हूं कि अभी भी समय है उस से दोस्ती खत्म कर ले, नहीं तो अंजाम भुगतने को तैयार रहना.’’ तारा ने चेतावनी देते हुए कहा.
”दीदी, आप फिक्र मत करो, सब ठीक हो जाएगा. मैं अब मौडलिंग के जरिए अच्छा कमाने लगी हूं. मैं उस पर डिपेंड नहीं हूं और अपना अच्छाबुरा खुद समझती हूं.’’ खुशबू ने तारा को विश्वास दिलाते हुए कहा.
इस के बाद खुशबू भोपाल चली गई और प्रेमी कासिम के साथ रहने लगी. खुशबू और कासिम एक साथ भोपाल के भानपुर इलाके में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में रह रहे थे. 27 साल की खुशबू सागर जिले के मंडी बमौरा की रहने वाली थी, जबकि प्रेमी कासिम उज्जैन का रहने वाला था. दिशा जिले के लटेरी कस्बे में कासिम शराब तसकरी के मामले में गिरफ्तार होने के बाद जेल चला गया था, जिस के बाद खुशबू कुछ समय यहां रही, बाद में वह मम्मी के घर मंडी बामोरा चली गई. एक महीने बाद कासिम के जेल से आते ही दोनों फिर एक साथ रहने लगे थे.
कासिम चाय का कैफे चलाता था. खुशबू और उस की मुलाकात करीब 3 साल पहले एक लाउंज में हुई थी, इस के बाद सोशल मीडिया पर बात होने लगी. डेढ़ साल पहले दोनों रिलेशन में आए थे और लिवइन रिलेशन में रह रहे थे. कासिम खुशबू से शादी करना चाहता था. फेमिली वालों की रजामंदी के लिए वह खुशबू को उन से मिलाना चाहता था. कासिम का पूरा परिवार उज्जैन में रहता था. इसी वजह से खुशबू और कासिम ने उज्जैन जाने का प्रोग्राम बनाया था.
खुशबू के कहने पर ही 8 नवंबर, 2025 को कासिम ने खुशबू की मम्मी लक्ष्मी अहिरवार को फोन किया था. जैसे ही काल रिसीव हुई तो कासिम बोला, ”आंटी, मैं कासिम बोल रहा हूं, आप से कुछ बात करना चाहता हूं.’’
”हां, बोलो क्या बात है, लेकिन मैं ने पहचाना नहीं तुम्हें.’’ लक्ष्मी ने कहा.
”आंटी, मैं आप की बेटी खुशबू का फ्रेंड हूं. खुशबू मेरे साथ है, आप उस की फिक्र मत करना. मैं उसे साथ ले कर उज्जैन जा रहा हूं.’’ कासिम ने कहा.
”लेकिन…’’
इस के पहले कि लक्ष्मी कुछ कह पाती, खुशबू ने कासिम से फोन लेते हुए कहा, ”मम्मी, आप फिक्र मत करना, कासिम अच्छा लड़का है और मैं उस के साथ हूं. हम लोग 1-2 दिन उज्जैन में घूमने के बाद वापस आ जाएंगे.’’
इस बातचीत के बाद ही लक्ष्मी को आभास हुआ कि बेटी खुशबू कासिम के साथ रिलेशन में है.

8 नवंबर, 2025 को कासिम खुशबू को अपनी मम्मी और बहन से मिलवाने उज्जैन गया था. एक दिन रुक कर 9 नवंबर को वापस लौटने वाले थे. सुबह खुशबू ने ही सभी के लिए चाय बनाई थी, हालांकि उस की तबीयत ठीक न होने पर वह सुबह से ही उल्टियां कर रही थी. भोपाल रवाना होने के लिए जब शाम को दोनों बस में बैठे तो उस की तबीयत ज्यादा खराब लग रही थी. बस में बैठते ही वह सो गई. भोपाल आने से पहले कासिम ने खुशबू को उठाने की कोशिश की तो उस ने रिस्पौंस नहीं किया.
इस के बाद कासिम ने बस को फंदा के पास नाके पर रुकवाया और वहां से वह खुशबू को औटो से भैंसाखेड़ी स्थित प्राइवेट अस्पताल ले गया. अस्पताल में मौजूद ड्यूटी डौक्टर इरा दुबे नाजुक हालत में भरती खुशबू की जांच करने इमरजेंसी वार्ड में पहुंची, तब तक खुशबू का शरीर पूरी तरह से ठंडा हो चुका था. ईसीजी जांच में उन्होंने पाया कि उस की पल्स भी नहीं चल रही थी, आंखें पथरा गई थीं और ब्लड प्रेशर तो बिलकुल ही नहीं था. जांच के आधार पर उन्होंने खुशबू को मृत घोषित कर दिया. अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस को सूचना दे दी गई.

सूचना पर पहुंची खजूरी सड़क पुलिस टीम ने पाया कि खुशबू के कपड़ों पर ऐसे दाग थे, जैसे उस ने खूब सारी उल्टियां की हों. उस के शरीर की जांच की तो पाया कि हाथ पर कट के निशान थे, जिसे हेजिटेशन कट कहते हैं. इन निशान को देख कर पुलिस को यह आशंका भी हुई, जैसे खुशबू ने इस के पहले खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की हो. कासिम ने अस्पताल में खुद को खुशबू का बौयफ्रेंड बताते हुए उसे भरती कराया था और जब डौक्टरों ने खुशबू को मृत घोषित कर दिया तो खुशबू की मौत से आहत कासिम अस्पताल में खूब रोया. इस के बाद उस ने ही खुशबू के घर वालों को कौल कर अस्पताल बुला लिया. मगर लव जिहाद के डर से कासिम अस्पताल से चला गया.
अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जानकारी खजूरी सड़क नगर थाना पुलिस को दी. मध्य प्रदेश में लव जिहाद के लिए कानून बनाया गया है और इस तरह की घटनाओं का हिंदूवादी संगठन विरोध करते हैं. इस के मद्ïदेनजर एसीपी आदित्यराज सिंह और खजूरी थाना इंचार्ज डीएसपी दिव्या झारिया ने तत्परता दिखाते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी. 10 नवंबर, 2025 को पुलिस ने को यह सूचना मिली थी. भोपाल के चिरायु अस्पताल से 27 वर्षीय मौडल खुशबू की मौत की सूचना के बाद पुलिस द्वारा शव को हमीदिया अस्पताल लाया गया, जहां मजिस्ट्रैट की मौजूदगी में डौक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया.

मौके पर पहुंचे खुशबू के फेमिली वालों का कहना था कि खुशबू के शरीर पर चोटों के कई निशान मिले हैं. खुशबू के कंधे, चेहरा और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोटें पाई गईं. उन्हें देख कर लगता है कि खुशबू को बेरहमी से पीटा गया और उस की हत्या की गई है. खुशबू के पोस्टमार्टम के बाद फेमिली वाले इस बात पर अड़ गए कि जब तक आरोपी कासिम गिरफ्तार नहीं होता, वे अपनी बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. बाद में पुलिस के समझाने के बाद खुशबू का अंतिम संस्कार किया गया.
खुशबू की बहन ताराबाई ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि उन की बहन भोपाल के एक कालेज में 3 साल से पढ़ाई कर रही थी. भानपुर मल्टी में रहने वाली खुशबू अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए मौडलिंग भी करती थी. तारा ने कहा कि पिछले दिनों जब खुशबू दीवाली पर घर आई थी तो उस ने कासिम की ओर से मारपीट और परेशान किए जाने की बात उन्हें बताई थी.
तारा के मुताबिक खुशबू ने उन्हें बताया कि कासिम ने राहुल नाम बता कर उस से दोस्ती की. दोनों काफी करीब आ गए तो कासिम उस के साथ शारीरिक संबंध भी बनाने लगा, लेकिन बाद में उसे पता चला कि वह मुसलिम है. कासिम खुशबू पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था, जबकि वह इसलाम कुबूल नहीं करना चाहती थी और इस वजह से कासिम उस के साथ मारपीट करता था. खुशबू की बहन ताराबाई ने तो यहां तक कहा कि 8 नवंबर, 2025 को रात 11 बजे खुशबू का फोन आया था. खुशबू ने फोन पर कहा कि कासिम उसे जबरदस्ती उज्जैन अपनी मम्मी से मिलाने ले जा रहा है, मगर मैं नहीं जाना चाहती. इस के बाद फोन कट गया था.

अगले दिन 9 नवंबर को रात में करीब 10 बजे मेरे पास मेरी बहन प्रीति अहिरवार का फोन आया और उन्होंने मुझे बताया कि कासिम और खुशबू उज्जैन से वापस आ रहे थे तो बस में खुशबू की बौडी अकड़ गई है और खुशबू की मौत हो गई है. इस के बाद तारा अपने पति संजीव के साथ मम्मी को ले कर ट्रेन से भोपाल आ गए. पुलिस हिरासत में कासिम ने बारबार आरोपों को नकारा. लेकिन खुशबू के फेमिली वालों के दावों के आधार पर पुलिस ने धर्म परिवर्तन, पहचान छिपाने, मारपीट और जातिसूचक गालियां देने के आरोप में उस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया.
पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया की चमकदमक के पीछे छिपी असल ङ्क्षजदगी कितनी असुरक्षित हो सकती है. खुशबू अहिरवार, जो अपने सपनों की दुनिया में आगे बढऩा चाहती थी, अब सिर्फ एक जांच का विषय बन गई है और उस का परिवार न्याय की उम्मीद में पुलिस के जवाब का इंतजार कर रहा है. खुशबू 3 बहनों में सब से छोटी थी. उस से बड़ी 2 बहनों तारा और प्रीति की शादी हो चुकी है. 2022 में उन के भाई का निधन हो चुका है. खुशबू ही घर का खर्च चला रही थी. 2022 से ही वह भानपुर मल्टी में किराए पर रह रही थी.

पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की जो वजह सामने आई है, वह चौंकाने वाली है. रिपोर्ट में बताया गया है कि खुशबू प्रेगनेंट थी और उस की मौत फेलोपियन ट्यूब गर्भाशय की नली फटने से हुई है और उस के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं. डौक्टरों के मुताबिक खुशबू की राइट साइड की फेलोपियन ट्यूब में गर्भ विकसित होने से वह फट गई और इंटरनल ब्लीडिंग होने से खुशबू की मौत हो गई. उस का विसरा जांच के लिए फोरैंसिक लैब भेजा गया.
खजूरी सड़क पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खुशबू की बहनों के बयान के आधार पर कासिम अहमद के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(2), धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3(5) और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर केस डायरी छोला मंदिर थाने भेज दी.

इस मामले में पुलिस ने मौडल खुशबू के बौयफ्रेंड कासिम को हिरासत में ले कर पूछताछ की. कासिम ने खुशबू के साथ डेढ़ साल से लिवइन रिलेशनशिप में रहना तो कुबूल किया है, परंतु कासिम ने पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताया. कासिम मूलरूप से उज्जैन का रहने वाला है. खुशबू को अपने फेमिली वालों से मिलाने उज्जैन ले गया था. वहां से लौटते समय बस में अचानक उस की तबीयत बिगड़ गई. अस्पताल के करीब बस रुकवा कर कासिम ही मौडल खुशबू को औटोरिक्शा से अस्पताल ले गया, जहां खुशबू की मौत होने की पुष्टि होने पर वह बुरी तरह घबरा गया और अस्पताल से भाग गया.

कासिम ने पुलिस को बताया कि खुशबू के गर्भ में मेरा ही बच्चा था. हम दोनों एकदूसरे को 2 सालों से जानते थे. 16 महीने पहले दोनों ने एकदूसरे से प्यार का इजहार किया और लिवइन में रहने लगे. वह जल्द ही दोनों शादी करने वाले थे. हाल ही में हम ने इस की जानकारी अपने फेमिली वालों को दी थी. कासिम ने पुलिस से कहा कि उस ने खुशबू के साथ मारपीट नहीं की और कभी उस के साथ किसी तरह का गलत बरताव भी नहीं किया.
खुशबू अहिरवार की संदेहास्पद स्थिति में हुई मौत पर भोपाल की फिजा में असंतोष की लहर दौड़ गई. 21 नवंबर, 2025 को भोपाल कलेक्ट्रेट के बाहर सकल हिंदू समाज ने धरना दिया. दिन भर चले इस प्रदर्शन में लोगों ने मौडल खुशबू अहिरवार को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि खुशबू की मौत के मामले में उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और इस के साथ ही खुशबू के फेमिली वालों को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए.
संत शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ मध्य प्रदेश एवं सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में भारी संख्या में लोग भोपाल कलेक्ट्रेट के बाहर इकट्ठे हुए और नारेबाजी करते हुए धरनाप्रदर्शन किया. महापीठ के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) सूरज केरो के नेतृत्व में आयोजित इस धरना और प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. उपस्थित लोगों ने इसे लव जिहाद बताते हुए खुशबू अहिरवार की मौत के मामले में जांच कराने और दोषियों पर सख्त काररवाई की मांग की.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खुशबू को बेरहमी से अनैतिक कृत्य कर मौत के घाट उतारा गया है. ऐसे में दोषियों पर कठोर कानूनी काररवाई होनी चाहिए. धरने के बाद भोपाल के एडीएम अंकुर मेश्राम को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया. छोला मंदिर थाने के एसएचओ सरस्वती तिवारी ने कासिम अहमद से लगातार पूछताछ की और जब उस के फ्लैट की तलाशी ली तो जांच के दौरान खुशबू अहिरवार के बैग से एक हिजाब मिला. इस के साथ ही खुशबू का जो आधार कार्ड मिला, उस में उस की तसवीर में वह बुरका पहने नजर आ रही थी.
तलाशी में मिले सामान के आधार पर खुशबू के फेमिली वालों ने आधार कार्ड पर बुरके वाली तसवीर देख कर आशंका जताई कि कहीं खुशबू पर धर्म परिवर्तन का दबाव तो नहीं बनाया गया.
पुलिस अब इस केस के हर एंगल की गहराई से जांच कर रही है. कासिम कुछ दिन पहले ही दुबई से लौटा था, जहां वह कुछ समय के लिए काम के सिलसिले में गया था. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस विदेश यात्रा का कोई लिंक खुशबू की मौत से जुड़ा हुआ है. भोपाल की ग्लैमर दुनिया में खुशबू अहिरवार एक ऐसा नाम था, जिस ने बहुत कम समय में अपनी पहचान बना ली थी. इंस्टाग्राम पर @DiamondGirlx30 नाम से मशहूर खुशबू अपनी चमकदार मुसकान, ब्रांड शूट्स और फैशन वीडियोज के लिए जानी जाती थी.
सोशल मीडिया पर उस की तसवीरें और कैप्शन सपनों और उम्मीदों से भरे होते थे. एक बेहतर कल की चाह में जीने वाली खुशबू की मौत सदा के लिए कहानी बन गई. खुशबू अहिरवार की मौत ने न सिर्फ उस के परिवार को, बल्कि पूरे भोपाल के फैशन सर्कल को झकझोर दिया है. सवाल है कि आखिर खुशबू की मौत कैसे हुई? खुशबू सोशल मीडिया पर ऐक्टिव थी और इंस्टाग्राम पर उस के करीब 12 हजार फालोअर्स थे. वह करोंद भानपुर इलाके में बने पीएम आवास योजना में बने फ्लैट में किराए पर रह रही थी और कुछ लोकल प्रोडक्ट और ज्वैलरी शौप के लिए मौडलिंग का काम कर रही थी. उस ने साल 2025 के जनवरी महीने में एक फेमस रियलिटी शो के लिए औडिशन फार्म भी भरा था.
मंडी बामोरा जैसी छोटी जगह से निकल कर खुशबू ने राजधानी भोपाल में मौडलिंग के जरिए अपनी पहचान बनाई थी. उस का सपना एक कामयाब मौडल और एक्ट्रैस बनने का था. वह अपनी मम्मी से अकसर कहती थी कि एक दिन वह खूब शोहरत और दौलत कमाएगी. पुलिस को खुशबू के फ्लैट का ताला टूटा हुआ मिला. इस कारण जांच कुछ समय के लिए रोकी गई थी. एसीपी आदित्यराज ठाकुर के नेतृत्व में जांच शुरू कर फ्लैट से सबूत जुटा कर स्लाइड सैंपलिंग शुरू कर दी गई है.
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है. पुलिस को खुशबू की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, जिस में मौत की असली वजह पता चलेगी. उस का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है. वे कहते हैं कि उन की बेटी को न सिर्फ धोखा दिया गया, बल्कि उस की जान ले ली गई. इस मामले में अभी कई सवाल अनसुलझे हैं— क्या खुशबू की मौत नैचुरल थी या कोई साजिश? कासिम ने उस के साथ वाकई मारपीट की थी? हिजाब और बुरके वाला आधार कार्ड किस ने बनवाया? MP News
कथा लिखे जाने तक मौडल खुशबू की मौत पुलिस के लिए पहेली बनी हुई थी.






