Maharashtra News: गैरमर्द से संबंध रखने वाली पत्नी जब रिश्ते की मानमर्यादा को भूल जाए, तब पति का खून खौलना लाजिमी है. जैसा पुणे के समीर के साथ हुआ. टीचर पत्नी को लाख समझाया, लेकिन वह नाजायज रिश्ते के सुख में खोई रही. फिर रोंगटे खड़े कर देने वाला जो क्राइम हुआ, उस की तुलना ‘दृश्यम’ फिल्म से होने लगी. आखिर क्यों और कैसे हुआ यह सब? पढ़ें, इस क्राइम स्टोरी में…

महाराष्ट्र में पुणे के शिवने इलाके में रहने वाला एक गैराज व्यवसायी समीर पंजाबराव जाधव अपनी टीचर पत्नी अंजलि को पा कर बेहद खुश था. उस की खूबसूरती और लुभावनी अदाओं पर मानो वह मर मिटने को हमेशा तैयार रहता था. एक खुशहाल दंपति की तरह वह अपनी गुजरबसर कर रहे थे. दोनों अपनीअपनी कमाई से घर में सुखसंपति से खुशहाल थे. सब कुछ सही चल रहा था. श्री स्वामी संकुल अपार्टमेंट के बगल में 304 नंबर के प्लौट पर उन का ठिकाना था.

दोनों का एकदूसरे पर भरोसा भी गजब का था. उन के बीच किसी भी तरह की शिकवाशिकायत नहीं थी. किसी से कोई भूल हो जाने पर वे तुरंत सौरी बोल देते थे. रात के वक्त अंजलि बाथरूम में थी, तब उस के मोबाइल पर एक वाट्सऐप मैसेज को पढ़ कर समीर चौंक पड़ा था. लिखा था, ‘हाय! हैलो सैक्सी डार्लिंग! कैसी हो?’’

उस के बाद लगातर 3-4 इमोजी के मैसेज भी आए. वे दिल बने हुए थे. मैसेज करने वाले का टाइटल नाम ‘पाटिल’ था. इस मैसेज ने समीर के दिमाग में खलबली मचा दी थी. वह इसे ले कर तरहतरह की बातें सोचने लगा था. उस का दिमाग जितना गलत और बेबुनियादी बातें सोच सकता था, सोच चुका था.

अंजलि के बाथरूम से आते ही उस ने पूछा, ”ये पाटिल कौन है?’’

अचानक पाटिल का नाम सुनते ही अंजलि चौंक पड़ी. डाइनिंग टेबल पर रखे पानी का गिलास उठाती हुई बोली, ”कौन पाटिल? मैं किसी पाटिलवाटिल को नहीं जानती हूं.’’

”तो यह मैसेज भेजने वाला कौन बदतमीज है? अश्लील इमोजी भेज रहा है, प्यार की बातें लिख रहा है, तुम्हें सैक्सी बुला रहा है…’’ समीर मोबाइल का स्क्रीन दिखाते हुए तीखेपन के साथ बोला.

अंजलि ने उस के सवाल का जवाब देने से पहले अपना सवाल दाग दिया, ”तुम ने मेरा मोबाइल खोला कैसे? तुम्हें इस का पासवर्ड पता है? बहुत गलत बात है.’’ इसी के साथ उस ने अपना मोबाइल समीर के हाथ से एक झटके में छीन लिया.

वह दूसरे कमरे में जाने लगी तो समीर ने फिर पूछा, ”तुम ने जवाब नहीं दिया, मैं जानना चाहता हूं कि कौन है ये पाटिल?’’

अंजलि ने कोई जवाब नहीं दिया और उस की बात अनसुनी कर दूसरे कमरे में चली गई, जो उस का स्टडीरूम था. वहां जा कर उस मोबाइल को चार्ज करने के लिए लगा दिया और वहीं बैठ कर उस का पासवर्ड बदलते हुए भुनभुनाने लगी. उस की भुनभुनाहट से साफ जाहिर हो रहा था कि वह समीर से नाराज थी. वह वहीं बैठी रही. जबकि समीर उसे पुकारता रहा. अंत में उस ने मोबाइल देखने के लिए सौरी बोल कर बात को खत्म करने की कोशिश की.

थोड़ी देर में अंजलि उस के पास आई. धीमी आवाज में बोली, ”सौरी समीर, मैं ने तुम से तेज आवाज में बात की. मैं ने तुम पर शक किया. मेरे मोबाइल का मैसेज पढऩे पर नाराज हुई, जबकि तुम तो मेरे अपने हो, तुम्हारा तो मुझ पर पूरा हक है…मुझे माफ कर दो, प्लीज!’’ इसी के साथ वह समीर से लिपट गई. समीर ने भी अनमनेपन के साथ उसे अपनी बाहों में समेट लिया. दोबारा कोई सवाल नहीं किया और सीधा बैड पर सोने चला गया. अंजलि ने गहरी सांस ली. कमरे की लाइट बुझाई और समीर की बगल में आ कर लेट गई.

अगले दिन दोनों सुबह होते ही सामान्य दिनचर्या में लग गए. समीर अपने कामकाज में व्यस्त हो गया, जबकि अंजलि अपनी ड्यूटी पर चली गई. हालांकि समीर का काम में जरा भी मन नहीं लग रहा था. बारबार पाटिल का मैसेज उस के दिमाग में कौंध जाता था.

उस बारे में अंजलि से कोई जवाब नहीं मिल पाया था. जबकि वह जानना चाहता था कि पाटिल कौन हो सकता है, जिस ने उसे प्यार के इजहार के साथ अश्लील मैसेज भेजा था. समीर का मन अशांत था. पूरे दिन उधेड़बुन में लगा रहा कि अगर मैसेज अंजलि को परेशान करने के लिए किया गया था तो वह मैसेज करने वाले पर नाराज होने के बजाय उस के साथ क्यों उलझ गई? उस ने बात क्यों बदल दी?

उस रोज जब वे घर पर साथ थे, तब उन के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही थी. वे अपनेअपने काम में लगे हुए थे. अंजलि ने चुपचाप समीर के लिए खाना परोस दिया था. समीर भी खाना खाने के बाद सीधा बैडरूम में चला गया था. ऐसा लग रहा था, मानो वे एकदूसरे से कुछ बोलना चाह रहे हों, लेकिन बीते रात की पाटिल के मैसेज वाली बातों से दोनों के मन में अशांति बनी हुई थी. किसी तरह अंजलि ने ही चुप्पी तोड़ी, ”समीर, मुझे गलत मत समझना. मैं तुम्हारी हूं और सिर्फ तुम्हारी! वो पाटिल मेरे कालेज के जमाने का बौयफ्रेंड था. उसे न जाने कहां से मेरा नंबर मालूम हो गया.’’

”कोई बात नहीं, जो बीत गई सो बीत गई. भूल जाओ कल रात की बातें, तुम पर मुझे पूरा भरोसा है!’’ समीर ने यह कहते हुए एक तरह से अंजलि के बोझिल मन को हलका कर दिया था. जबकि सच तो यह था कि समीर का भारी मन भी हलका हो गया था. समीर जाधव और अंजलि जाधव की शादी 2017 में हुई थी. उन्होंने कोरोना के दौर में एकदूसरे का साथ दिया था और उन के बीच प्रेम और भी गहरा हो चुका था. पिछले दिनों समीर 44 और अंजलि 38 साल के हो चुके थे. उन के 2 बच्चे हैं. एक बच्चा तीसरी और दूसरा पांचवीं क्लास में पढ़ता है. औटोमोबाइल डिप्लोमा करने के बाद समीर ने एक गैराज खोल लिया था. जबकि अंजलि एक प्राइवेट स्कूल में टीचर थी.

समीर जाधव

अंजलि द्वारा पाटिल के बारे में बताने पर समीर संतुष्ट तो हो गया था, लेकिन उस के दिमाग में वही बात घूमती रहती थी कि उस का पुराना प्रेमी फिर से हाजिर हो चुका है. इस का अंजाम एक न एक दिन उस के लिए नुकसानदायक हो सकता है. हालांकि दोनों के बीच पहले जैसी सहजता बन गई थी. उन की दिनचर्या सामान्य हो चुकी थी. किंतु जब कभी समीर अंजलि को अकेले में मोबाइल पर बातें करते हुए या फिर मैसेज देखते हुए पाता था, तब उस के दिमाग में शक का कीड़ा कुलबुलाने लगता था.

एक सच तो यह भी था कि शादी के बाद समीर का भी किसी अन्य महिला से अफेयर चल रहा था, जिस से वह शादी करना चाहता था. इस कारण उस ने अंजलि के अफेयर के बहाने से एक योजना बनाई. उस ने अपनी पत्नी को ही रास्ते से हटाने का फैसला ले लिया. दीवाली की छुट्टी होने वाली थी. उस ने बच्चों को पैतृक गांव भेज दिया था. योजना के मुताबिक 26 अक्तूबर, 2025 को दोपहर के सवा 2 बजे के करीब समीर अंजलि को अपनी कार नंबर एमएच12 एफयू 0864 में बैठा कर घर से नांदेड सिटी के नवले पुल पर से मुंबई बेंगलुरु हाइवे से पहले खेड़ शिवापुर के घाट पर गया था. वहां पर दोनों ने कुछ देर बातें कीं. चहलकदमी करते हुए कुछ समय बिताया. उस के बाद समीर शाम के करीब 5 बजे ब्राउनस्टोन एयरडाइन रेस्टोरेंट, खेड शिवापुर के पास वाशरूम के लिए रुका.

उस के बाद पुणे के गोगल, शिंदेवाडी के एक होटल से समीर ने भेल खरीदी. फिर शाम के करीब साढ़े 7 बजे के आसपास वह अंजलि को ले कर गोगलवाड़ी वाले किराए पर लिए गए सूरज इंडस्ट्रीज के गोदाम में पहुंचा. अंदर जाते ही अंजलि ने पहले गोदाम देखा. वहीं एक साफ जगह पर समीर ने चटाई बिछाई. चटाई पर बैठ कर वे दोनों भेल खाने लगे. भेल खातेखाते उन के बीच बहस होने लगी. दरअसल, समीर ने अचानक पाटिल की चर्चा छेड़ दी थी. उस ने अंजलि को हिदायत दी कि वह उस से अपना संबंध तोड़ दे, वरना अंजाम बुरा होगा.

इस पर अंजलि ने कोई जवाब नहीं दिया. वह शांत बनी रही. लेकिन जब उस ने जुबान खोली, तब फिल्मी अंदाज में बोली, ”क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं.’’

यह सुनते ही समीर को गुस्सा आ गया. गुस्से में वह पत्नी अंजलि के साथ गालीगलौज करने लगा. उन के बीच बातों का जब सिलसिला शुरू हुआ, तब उन के प्रेम संबंध को ले कर तूतूमैंमैं होने लगी. उस वक्त गोदाम में उन दोनों के अलावा कोई और नहीं था. उन के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई. इसी दौरान समीर ने अंजलि का गला दबा दिया. समीर आक्रामक हो चुका था. उस ने तब तक गला दबाए रखा रखा, जब तक कि अंजलि की सांसें बंद नहीं हो गईं.

अंजलि के बेजान होने पर समीर थोड़ा सहम गया. थोड़ी दूर बैठ कर सोच में पड़ गया कि अब वह क्या करे? उस के हाथों पत्नी का खून हो चुका था. उस की आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा था. जेल, उम्रकैद और फांसी का फंदा तक उस के खयाल में आने लगे थे. इसी के साथ बच्चों का चेहरा भी उस के दिमाग में घूमने लगा था. वह इस आरोप से बचने के उपाय सोचने लगा. उस के द्वारा कत्ल के बारे में किसी को भी पता नहीं था. वहां कोई चश्मदीद नहीं था. इस कारण वह कत्ल के सबूत मिटाने की तैयारी में लग गया.

हालांकि इस की कुछ तैयारी उस ने पहले से ही कर रखी थी. गोदाम में लोहे की एक भट्ठी बनवा रखी थी. उस ने भट्ठी में अंजलि की लाश को रख कर उसे सुलगा दिया था. भट्ठी में लकडिय़ां और पेट्रोल डाल कर लाश को राख होने तक जलाता रहा, ताकि कोई सबूत न बचे. बची राख को उस ने पास की नदी में बहा दिया. हत्या के बाद उस ने एक और चालाकी की. अंजलि के फोन से अपने ही एक दोस्त को ‘आई लव यू’ का मैसेज भेज दिया. फिर उसी फोन से खुद ही जवाब भी लिख दिया.

ऐसा कर उस ने यह दिखाने की कोशिश की कि अंजलि किसी और के साथ प्रेम संबंध में थी और हत्या की वजह उस का अफेयर है. वारदात को अंजाम देने के बाद उस ने अंजलि की गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई. वह 28 अक्तूबर, 2025 को अचानक वारजे पुलिस थाने पहुंच गया. पुलिस से अपनी पत्नी अंजलि जाधव के गुम हो जाने की बात कही. इधर पुलिस अंजलि को ढूंढने में लग गई. एसआई नितिन गायकवाड़ ने अपनी टीम के साथ अंजलि को खोजना शुरू किया. अंजलि को आखिरी बार श्रीराम मिसल हाउस, गोगलवाड़ी फाटा, शिंदेवाड़ी के आसपास देखा गया था. इसलिए मामला राजगढ़ पुलिस थाने में ट्रांसफर कर दिया. इधर समीर बारबार वारजे पुलिस स्टेशन जाने लगा.

वहां वह पत्नी के बारे में बारबार पूछने लगा. पुलिस को इस तरह बारबार पूछना संदिग्ध लगने लगा. डिप्टी कमिश्नर संभाजी कदम की देखरेख में पूछताछ और गुमशुदा की जांच शुरू हो चुकी थी. इस सिलसिले में जब पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो अंजलि आखिरी बार पति समीर के साथ ही नजर आई. कई राउंड की पूछताछ में समीर के बयान भी उलटेपुलटे थे. जब पुलिस ने सख्ती की तो समीर टूट गया और अपना अपराध कुबूल कर लिया. उस ने बताया कि पत्नी की हत्या कर उस की लाश भी वह ठिकाने लगा चुका है. उसे इस का आइडिया ‘दृश्यम’ फिल्म से मिला था.

इस के लिए उस ने अजय देवगन की ‘दृश्यम’ 4 बार देखी थी. समीर ने यह भी कुबूल कर लिया कि उस ने जानबूझ कर गोगलवाड़ी इलाके में 18 हजार रुपए महीने पर किराए पर एक गोदाम लिया था. इस में एक लोहे का बौक्स ले जा कर रखा था, जिसे भट्ठी के रूप में इस्तेमाल किया गया. वहां उस ने पहले से ही पेट्रोल और लकडिय़ां इकट्ठा कर रखी थीं. नितिन शिवाजी गायकवाड़ ने सरकार की ओर से पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 103, 238 के तहत फरियाद दर्ज कर कानूनी रूप से समीर पंजाबराव जाधव को हिरासत में लिया.

समीर जाधव ने जिस जगह पत्नी का कत्ल करने का अपराध किया था, दरअसल वह क्षेत्र राजगढ़ पुलिस थाने का था. इसलिए वारजे मालवाडी थाना पुलिस के सीनियर पुलिस इंसपेक्टर विश्वजीत कायंगड़े ने पुणे में दर्ज कर लिया था. फिर इसे राजगढ़ (ग्रामीण) पुलिस थाने को कानूनन सौंप दिया. इस मामले में पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार, एडिशनल कमिश्नर रंजन कुमार शर्मा, डीसीपी संभाजी कदम, एसीपी (कोथरूड) भाऊसाहेब पठारे के मार्गदर्शन में केस का खुलासा हुआ. Maharashtra News

 

 

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