Love Story: एकतरफा प्यार आमतौर पर सफल नहीं होता, क्योंकि रिश्ते के लिए दोनों तरफ से प्रयास और भावनाएं जरूरी होती हैं, लेकिन सलीम इस बात को नहीं समझता था. वह क्षमा शर्मा को एकतरफा प्यार करता था. एक दिन इसी एकतरफा प्यार में वह अपना आपा खो गया और फिर ऐसा कदम उठा बैठा कि...
उस दिन सलीम बहुत खुश था, इसलिए उस ने अपनी बहन रुखसाना और उस के पति सलीम को भी घर पर दावत के लिए बुलाया हुआ था. बुलंदशहर में स्थित सलीम पीरवाली गली में रहता था. उस की फेमिली में अब्बूअम्मी के अलावा 2 भाई सुभान और समीर व एक बहन रुखसाना थे.
रुखसाना की शादी हापुड़ निवासी सलीम से हो चुकी थी. सलीम अपने बहनोई, जिस का खुद का नाम भी सलीम ही था, के साथ बड़े दोस्ताना ढंग से रहता था. सलीम कबाड़ी का काम करता था, इस के लिए वह कबाड़ का सामान लेने पास के कस्बों में और गावों में जाया करता था, जिस से उसे काफी अच्छी आमदनी हो जाया करती थी. रात में जब जीजासाला साथ में बैठे और पार्टी शबाब पर चढऩे लगी तो जीजा सलीम ने अपने साले सलीम से पूछा, ''साले साहब, आज बहुत शानदार पार्टी रखी है’ इस की कोई खास वजह या फिर कोई बड़ा खजाना हाथ तो नहीं लग गया?’’
''यस जीजा साहब, दिल किया तो पार्टी रख ली. कभीकभी पार्टी भी करनी चाहिए, जिस से आपस में बातें भी हो जाती हैं.’’ साले ने बात का रुख पलटते हुए कहा.
उधर जीजा यह समझ चुका था कि आज कुछ न कुछ बात अवश्य है, मगर साले साहब के दिल की बात उस की जुबान से उगलनी भी तो चाहिए, इसलिए वह बोला, ''देखिए साले साहब, आप ने अपने दिल में काफी गहरी बात छिपा कर रखी हुई है. घर वाले तुम्हारे दिल की बात भले ही न समझ पाएं, मगर मैं तुम्हारा चेहरा देख कर तुम्हारे दिल की बात जान ही लेता हूं.’’ जीजा ने साले का नया पैग बनाते हुए कहा.






