Cyber ​​Fraud. साइबर ठग डालडाल तो उसे शिकंजे में कसने वाली पुलिस भी पातपात निकली. बरेली में हुई साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस ने उस के खिलाफ काररवाई करते हुए मात्र 30 मिनट के भीतर ही ठगी के पैसे वापस दिलवा दिए.

यह सफलता बरेली पुलिस को साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी काररवाई करने पर मिली. जैसे ही ठगी की शिकायत मिली, पुलिस ने ठगों के संदिग्ध खातों में 7.24 करोड़ रुपए फ्रीज करा दिए और 1.33 करोड़ रुपए पीडि़तों को वापस दिलवा दिए.

माना कि लगातार जागरूकता के बाद भी साइबर ठग किसी न किसी तरह से लोगों को जाल में फंसाने में कामयाब हो जाते हैं. दूसरी तरफ पुलिस भी साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने में कोई कोताही नहीं कर रही. इस संबंध में बीते 6 माह के भीतर बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में 506 मुकदमे दर्ज हुए. इन में 72 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. डीआईजी अजय कुमार साहनी का कहना है कि ऐसी काररवाई जारी रहेगी.

पहली नवंबर, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक दर्ज किए गए मुकदमों के अलावा 8,697 दूसरे तरह की शिकायतें भी प्राप्त हुईं, जिन में तत्परता से काररवाई करते हुए धनराशि को फ्रीज या रिकवर करा दिया गया.

डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि साइबर अपराधियों से बचने के लिए बातों पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है—

  1. किसी भी प्रकार के लोभ, अप्राकृतिक रिटर्न के लालच में लोगों को नही फंसना चाहिए. कोई भी संस्था या व्यक्ति, जो बिना सत्यापन के अत्यधिक रिटर्न का वादा करे, वह साइबर अपराध ही होता है.
  2. लापरवाही से व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी आदि को साझा करने के कारण अकाउंट खाली हो सकते हैं.
  3. साइबर अपराधी तकनीकों का प्रयोग कर नकली संदेश एवं वेबसाइट बनाते हैं. संदिग्ध मैसेज व वेबसाइट पर जाने से बचें.
  4. औनलाइन गेमिंग और इंटरनेट मीडिया की लत के कारण मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है. किसी भी सरकारी एजेंसी की तरफ से डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई भी काररवाई नहीं की जाती है न ही रुपए मांगे जाते हैं.
  5. अज्ञात कौल, लिंक अथवा लालच देने वाले औनलाइन औफर पर विश्वास नहीं करें. साइबर अपराधों से बचने को मजबूत पासवर्ड प्रबंधन, टू-स्टेप वेरिफिकेशन की विशेष आवश्यकता है.
  6. साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 नंबर पर फोन करें, काल करते ही आप की ट्रांजैक्शन आइडी ली जाती है और खाते को फ्रीज किया जाता है.
  7. गोल्डन टाइम फ्रेम के भीतर रिपोर्ट करें, यदि 30 मिनट से अधिक देर हुई तो रुपए दूसरी, तीसरी लेयर में चला जाता है. साइबर ठगी होने पर www. cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD48USD10
सब्सक्राइब करें

डिजिटल + 12 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD100USD79
सब्सक्राइब करें

बुकलेट की सुपर डील!

(डिजिटल + 12 प्रिंट मैगजीन + बुकलेट!)
₹ 1514₹ 999
सब्सक्राइब करें
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...