Thriller Hindi Story: अति की आजादी मिलने पर बच्चों का बिगड़ जाना कोई बड़ी बात नहीं है. कारा भी अपने मातापिता की लापरवाही से बिगड़ी थी. मांबाप यह तो जानते थे कि गलत राह पर उठे पैरों को रोकना संभव नहीं है, उन्हें यह पता नहीं था कि वह किस हद तक जा सकती है. उस दिन मौसम का मिजाज बहुत खुशगवार था. शाम को भी यही स्थिति बनी रही.देखतेदेखते शाम सिमट गई और डूबते सूरज को अलविदा कह कर अंधेरे ने अपनी चादर फैला दी.

आसमान साफ था. छोटेबड़े सभी तारे जगमगाने लगे थे. चांद ने भी कुछ पल पहले अपने आने की आहट दे दी थी. चांदनी रात थी. हवा ऐसे गायब थी, जैसे चलना ही भूल गई हो. हवा बंद होने की वजह से लंबेघने दरख्तों पर झुंड में सिर से सिर जोड़े पत्ते भी खामोश थे. चारों तरफ सन्नाटा पसरा था. ठंड अपने यौवन पर थी, जिस के कारण लोग अपने घरों में दुबके हुए थे. उसी शांत वातावरण में कहकहों की कई आवाजें एक साथ गूंजीं. यह आवाजें बोर्डन हाऊस नाम की एक विशाल इमारत के मुख्य दरवाजे से आई थीं. यहां माइकम बोर्डन अपनी पत्नी कैथरीन बोर्डन और 3 बच्चों के साथ रहते थे. बड़ी बेटी कैटीलिन 15 साल की थी, उस से छोटी कारा 14 साल की तो सब से छोटा बेटा जेम्स महज 11 साल का था.

आज जेम्स की पहली गर्लफ्रैंड पहली बार घर आई थी. इस खुशी को सेलीब्रेट करने के लिए घर में छोटी सी पार्टी रखी गई थी. जब जेम्स की फ्रैंड जाने लगी तो सभी उसे विदा करने दरवाजे तक आए थे. तभी किसी ने कुछ ऐसा कह दिया था कि सभी दिल खोल कर हंस पड़े थे. इसी हंसीखुशी भरे माहौल को बीते एक घंटा भी नहीं हुआ था कि बोर्डन हाऊस से फिर एक के बाद एक 2 आवाजें गूंजीं. ये आवाजें गोलियां चलने की थीं. गोलियों की आवाजें सुन कर पड़ोसियों की नींद उड़ गई. सभी उस ओर भागे. जरूर बोर्डन हाऊस में कोई हादसा पेश आया था. हादसा वाकई दिल दहला देने वाला था. लोगों ने अंदर जा कर देखा तो मुंह से चीख निकल गई.

सामने माइकल और कैथरीन की लाशें पड़ी थीं, जबकि जेम्स और कैटीलिन कोने में सहमेदुबके बैठे थे. माइकल और कैथरीन की हत्या गोली मार कर की गई थी. इसी बीच किसी ने इस मामले की सूचना पुलिस को दे दी. कुछ ही देर में पुलिस वहां आ पहुंच गई. घटनास्थल और दोनों लाशों का निरीक्षण करने के दौरान पाया गया कि माइकल को गोली सिर के पीछे और कैथरीन को माथे पर मारी गई थी. लगता था, इस दोहरे हत्याकांड को एक सोचीसमझी योजना के तहत अंजाम दिया गया था. हत्यारे का उद्देश्य लूटपाट नहीं था, बल्कि कोई दुश्मनी थी या गहरी खुन्नस.

पुलिस ने कोने में सहमेदुबके बैठे जेम्स और कैटीलिन के सिर पर प्यार से हाथ फेरा तो दोनों फफकफफक कर रो पड़े. पूछने पर कैटीलिन ने बताया कि उस ने न केवल हत्यारे को अच्छी तरह से देखा था, बल्कि वह उसे पहचानती भी थी. हत्यारा कोई और नहीं, उस की बहन कारा का प्रेमी डेविड था. उस ने रोते हुए कहा, ‘‘वह कारा को भी साथ भगा कर ले गया है.’’

‘‘पर उस ने ऐसा क्यों किया?’’ पुलिस का सवाल था.

‘‘मम्मीपापा डेविड को पसंद नहीं करते थे. वह कारा को भी उस से नहीं मिलने देते थे.’’ कैटीलिन ने कहा, ‘‘वह कह रहा था कि कारा को कहीं दूर भगा ले जाएगा.’’

पुलिस ने अंदाजा लगाया कि माइकल और कैथरीन की हत्या कर के डेविड ने कारा का अपहरण कर लिया है और वह उसे हवाई जहाज द्वारा कहीं दूर ले जाएगा. इसी सब के चलते दोनों लाशों को आननफानन में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. साथ ही सभी हवाई अड्डों को डेविड और कारा का हुलिया बताते हुए सचेत कर दिया गया कि दोनों दिखाई दें तो उन्हें रोक लिया जाए और पुलिस को सूचना दे दी जाए. शहर के सभी बार्डर पर तैनात पुलिस को भी सूचना दे दी गई. टीवी चैनलों पर भी यह खबर प्रसारित करवा दी गई कि एक 18 साल का युवक 2 हत्याएं कर के एक नाबालिग लड़की को भगा ले गया है. डेविड की फोटो तो नहीं मिल पाई थी, अलबत्ता कारा की फोटो जरूर चैनलों पर प्रसारित करवाई गई.

यह घटना 13 नवंबर, 2008 की रात की थी. पुलिस डेविड और कारा की खोज में जुटी थी. अगले दिन यानी 14 नवंबर को इंडियाना स्टेट में एक बीली विली कार तेज गति से सड़क पर दौड़ती दिखाई दी. इसे एक लड़का चला रहा था, जबकि लड़की उस की बगल वाली सीट पर बैठी थी. संभवत: यह कारा ही थी. इंडियाना अथौरिटी पुलिस उन का पीछा करने लगी. पुलिस ने कई बार कार को रोकने का संकेत भी दिया, पर कार नहीं रुकी. इस से यह बात पुख्ता हो गई कि वे दोनों डेविड और कारा ही थे. पुलिस करीब 5 किलोमीटर तक पुलिस कार का पीछा कर चुकी थी, पर कार नहीं रुकी थी. कार शहर से बाहर जंगलों में गुजर रही थी कि इसी दौरान संतुलन न रख पाने के कारण एक पेड़ से टकरा गई.

पुलिस की जीप वहां से थोड़ी दूरी पर थी, तभी पुलिस ने देखा कि कार के आगे की तरफ के दोनों दरवाजे खुले और एक तरफ से एक लड़का और दूसरी तरफ से एक लड़की बाहर निकली. दोनों भाग पाते, इस से पहले ही पुलिस वहां पहुंच गई और दोनों को हिरासत में ले लिया. ये दोनों कारा और डेविड ही थे. कार आगे से क्षतिग्रस्त हो गई थी, पर कारा और डेविड सुरक्षित थे. उन्हें खरोंच तक नहीं आई थी. डेविड को उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया. कारा को बरामद कर के उस के एक रिश्तेदार के पास भेज दिया गया, जहां अनाथ हो चुके उस के भाईबहन भी रह रहे थे. अगले दिन डेविड को अदालत में पेश कर के उसे 2 हत्याओं और एक लड़की के अपहरण के जुर्म में जेल भेज दिया गया.

इस मामले की तफ्तीश इंडियाना अथौरिटी पुलिस कर रही थी. कई सप्ताह की तफ्तीश के बाद एक चौंका देने वाला सच सामने आया कि डेविड और कारा एकदूसरे से बेइंतहा प्यार करते थे. कारा को डेविड ने भगाया नहीं था, बल्कि वह खुद उस के साथ भागी थी. इतना ही नहीं उस के मांबाप का कत्ल भी उस की सहमति से उसी की मौजूदगी में किया गया था. यह जानकारी डेविड और कारा के इंटरनेट पर ब्लौगों को जांचने के बाद सामने आई थी. कारा के ब्लौग से साफ हो गया था कि वह अपनी मर्जी से डेविड के साथ भागी थी. अपने पिता माइकल और मां कैथरीन की हत्या की साजिश कारा ने डेविड के साथ रची थी. इतना ही नहीं, घटना वाले दिन कारा ने उसे फोन पर घटना को अंजाम देने को भी कहा था.

घटना के समय वह भी कमरे में मौजूद थी और डेविड को आंखों ही आंखों में इशारा कर रही थी कि वह फौरन उस के पिता व मां की हत्या कर दे. जैसे ही डेविड ने उस के पिता माइकल की हत्या की, कारा अंदर से दौड़ कर बाहर खड़ी डेविड की कार के पास आ गई थी और उस का इंतजार करने लगी थी. जब डेविड उस के पिता के बाद मां कैथरीन की हत्या कर के कार के पास आया तो कारा ने उस से कहा, ‘‘अब जल्दी यहां से भाग चलो, वरना पकड़े जाओगे. मैं आजाद होना चाहती हूं.’’

यह जानकारी पुलिस के लिए चौंका देने वाली थी. वह सहज ही विश्वास नहीं कर पा रही थी कि एक 14 साल की मासूम लड़की इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिलवा सकती है. पर यही सच था. कारा ने अपने मातापिता का कत्ल क्यों करवाया, यह बात अभी साफ नहीं हो पाई थी. खैर, पुलिस ने डेविड को एक बार फिर से अदालत में पेश किया. अब उस पर से कारा के अपहरण का आरोप हटा दिया गया था. जबकि दूसरी तरफ कारा को पुलिस हिरासत में ले लिया गया था. डेविड अब भी यही दोहराए जा रहा था कि उस ने कोई कत्ल नहीं किया. पर जब सबूत खुद बोलने लगे तो उस की जुबान खामोश हो गई. उस ने कुछ देर के बाद चुप्पी तोड़ी,

‘‘हां, मैं ने ही किया था कारा के मांबाप का कत्ल. यह अपराध मैं ने कारा के कहने पर किया था.’’ इस के साथ ही उस ने वह हैंडगन भी बरामद करवा दी, जिस से उस ने दोनों कत्ल किए थे.

इधर कारा भी शुरुआती दौर में यह मानने को कतई तैयार नहीं थी कि उस ने ही अपने मांबाप का कत्ल करवाया है. उस ने कहा, ‘‘यह सच है कि डेविड मेरा बौयफ्रैंड है, पर मैं ने उसे कभी नहीं कहा कि वह मेरे मम्मीपापा की हत्या कर दे. यह उसी की चाल थी. उस ने घटना को अंजाम देने के बाद मेरा भी अपहरण कर लिया था.’’

कारा के बयान पर पुलिस को हंसी आ रही थी, क्योंकि उस के खिलाफ पुख्ता सबूत थे. बावजूद इस के वह सफेद झूठ बोल रही थी. खैर, पुलिस ने उसे भी अदालत में पेश कर के जेल भेज दिया. डेविड के बयान और कारा के ब्लौग पर उस के द्वारा लिखी इबारत और डेविड के साथ की गई उस की फोन पर बातचीत की जांच के बाद इस हत्याकांड की जो कहानी सामने आई, वह चौंका देने वाली थी. कारा अपने मातापिता की दूसरे नंबर की संतान थी. पिता माइकल पेशे से स्कूल टीचर थे, साथ ही चर्च के प्रमुख कार्यकर्ता भी. मां कैथरीन भी पढ़ीलिखी थी, पर उस ने कोई नौकरी न कर के अपनी सारी शिक्षा अपने बच्चों की परवरिश और उन्हें अच्छे संस्कार देने में लगा दी थी.

घर का माहौल धार्मिक था. बावजूद इस के जाने कहां संस्कारों में कमी रह गई थी कि 14 साल की कारा सब कुछ नजरअंदाज कर अपने अलग ढंग से जीने लगी थी. कारा खूबसूरत तो थी ही, उम्र से पहले ही समझदार और जवान भी हो गई थी. जिस उम्र में बच्चे स्कूल और अपनी किताबों के अलावा कुछ सोचते भी नहीं, उस उम्र में कारा डांस बार में जाने लगी थी. संगीत से उसे बेहद प्रेम था. वह चाहती थी कि रात भर संगीत की धुन पर नाचती रहे. बार में एक युवक गिटार बजाता था. उम्र में वह कारा से दोगुना था.

बावजूद इस के वह उस के गिटार बजाने पर ही नहीं, उस पर भी मुग्ध हो गई थी. वह घंटों उस गिटारवादक को बिना पलक झपकाए निहारती रहती थी. वह कल्पना करती थी कि वह अपने स्पर्श से उस के मन और तन की तरंगों को इस तरह छेड़े कि नसनस में आनंद प्रवाहित हो जाए. वह गिटारवादक भी कारा की चाहत से अंजान नहीं था. इसीलिए उस ने उस के साथ नजदीकी बढ़ाई. धीरेधीरे दोनों ने शारीरिक सुख भी हासिल करना शुरू कर दिया. हर मिलन में चरम पर पहुंचने के बाद कारा कहती थी, ‘‘तुम वाकई अद्भुत कलाकार हो. संगीत से मेरे मन को तृप्त करते हो तो एकांत में मेरे रोमरोम में आनंद भर देते हो.’’

सब ठीक चल रहा था, लेकिन उस के प्रति कारा का मोह ज्यादा दिन कायम नहीं रह पाया. कारण, उस गिटारवादक के कई अन्य लड़कियों के साथ भी संबंध थे, जिन्हें कारा ने खुद अपनी आंखों से देखा था. इस कारण वह जब भी उस के साथ किसी लड़की को देखती तो बुरी तरह जलभुन जाती थी. धीरेधीरे जब उस की जलन नफरत में बदल गई तो कारा ने उस से किनारा कर लिया. संयोग से इसी दौरान डांस बार भी बंद हो गया. कुछ दिन तो कारा घर में कैद रही, पर जब फिर से उसे उस युवक के साथ बिताए देहसुख के पल याद आने लगे तो वह तड़पने लगी.

उस की तलाश में उस ने शहर के तमाम डांस बार छान मारे, पर उस का कुछ पता नहीं चला. इस पर कारा ने उसे भुलाने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया. वह घंटों कंप्यूटर पर बैठी इंटरनेट खोल कर लड़कों से चैटिंग करती रहती. चैटिंग के दौरान ही उसे डेविड से मोहब्बत हो गई. दोनों के खयालात एक जैसे ही थे. इस लिए दोनों को नजदीक आते देर नहीं लगी. दोनों एकदूसरे को दिन में कईकई बार ईमेल भेज कर अपनी मोहब्बत का इजहार करने लगे. दोनों ने मेल के जरिए अपनीअपनी फोटो भी एकदूसरे को भेज दी थी.

जब कारा को पता चला कि डेविड भी उसी शहर में रहता है तो उस ने उस का मोबाइल नंबर ले लिया. रात के समय जब घर के सभी सदस्य सो जाते तो वह घंटों डेविड से मोबाइल पर बात करती. दोनों के बीच होने वाली बात अब सामान्य नहीं रह गई थी. दोनों जहां एकदूसरे से अश्लील बातें करते, वहीं एकदूसरे को शारीरिक सुख देने की चाहत का भी इजहार करते. इसी बीच एक दिन दोनों ने पिकनिक पर जाने का प्रोग्राम बना लिया. दोनों पहली बार शहर से दूर एक पिकनिक स्पाट पर मिले. पहली नजर में ही एकदूसरे को देखने के बाद दोनों ने कबूल किया कि उन की पसंद गलत नहीं थी. मोहब्बत कर के उन्होंने कोई भूल नहीं की थी. कारा की तरह डेविड भी सुंदर और जवान था.

वह 18 साल का था, जबकि कारा 14 साल की थी. डेविड भी एक धनाढ्य और सम्मानित परिवार का एकलौता बेटा था. उसे प्यार और पैसे की कभी कमी नहीं रही थी, जिस की वजह से वह राह भटक गया था. उस की संगत ऐसे दोस्तों से हो गई थी, जिन का शौक नशा करना और लड़कियों के साथ ऐश करना था. पहली मुलाकात में ही कारा और डेविड इस हद तक एकदूसरे से खुल गए थे कि एकदूसरे की बांहों में तो समा ही गए, उन्होंने देहसुख की चाहत भी मन में पाल ली. दोनों भीड़ से दूर घनी झाडि़यों के बीच जा बैठे. वहां बैठ कर दोनों अपने मन की इच्छा को ज्यादा देर नहीं दबा पाए और एकदूसरे के शरीर की गहराई नापने लगे. इस से कारा तो तृप्त हुई ही, डेविड भी उस के अधखिले शरीर को पा कर दीवाना हो गया.

इसी बीच डेविड ने न केवल दोनों के बीच देहसुख के पलों की तसवीर कैमरे में कैद कर ली थीं, बल्कि विभिन्न पोजों में कारा की न जाने कितनी नग्न तसवीरें भी उतार ली थीं. कारा उस की अंधी मोहब्बत और उस से मिले देहसुख में इस हद तक खो गई थी कि उस ने इस सब का कोई विरोध नहीं किया था. उस दिन दोनों चाहत की एक अनूठी अनुभूति ले कर घर लौटे. इस के बाद तो जब दिल करता, दोनों इस अनुभूति को ताजा कर लेते. जैसेजैसे दोनों में नजदीकी बढ़ रही थी, वैसेवैसे उमंगे भी बेलगाम होती जा रही थीं. चुलबुले स्वभाव की कारा तो डेविड की दीवानगी में इतनी डूब गई थी कि वह उस की नजदीकी पाने के लिए हर शर्त मंजूर कर लेती थी.

एक दिन डेविड ने कारा के सामने शर्त रखी कि वह अपनी बड़ी बहन कैटीलिन को राजी करे कि वह उस के दोस्त के साथ दोस्ती बढ़ा कर उस से देह संबंध बनाए. फिर चारों मिल कर खूब ऐश किया करेंगे. कारा ने बिना कुछ सोचे हामी भर दी. इस के बाद उस ने किसी तरह अपनी बहन को भी राजी कर लिया. फिर एक दिन चारों एक जगह मिले तो डेविड ने देह के इस खेल की वीडियो रिकौर्डिंग का भी इंतजाम कर लिया था. उस समय डेविड काले रंग के कपड़े पहने हुए था. डेविड ने अपने 19 वर्षीय दोस्त के साथ पहले हाथों में रिवौल्वर ले कर मारपीट का दृश्य रिकौर्ड किया और फिर हाथ में नंगी तलवार ले कर ऐसे दहाड़ा, जैसे किसी का सिर कलम करने वाला हो. उस समय उस की नजर कारा पर ही थी, जो उसे ही निहार रही थी.

इस के बाद डेविड और कारा के बीच निर्वस्त्र अवस्था में बनाए गए देहसंबंधों की वीडियो बनाई गई. फिर डेविड के दोस्त और कारा की बड़ी बहन कैटीलिन के देहसंबंध की बारीकी से रिकौर्डिंग की गई. उस वक्त मस्ती के जुनून में डेविड और उस का दोस्त यह भूल गए थे कि दोनों ने न केवल नाबालिग बहनों के साथ देहसंबंध बनाने का गुनाह किया है, बल्कि बतौर सबूत उस की रिकौर्डिंग भी कर ली थी, जो कभी भी जी का जंजाल बन सकती थी. इधर कारा इतनी आजाद खयाल हो गई थी कि उसे किसी का खौफ नहीं रहा था. जब भी उस का दिल करता, डेविड को रात के समय अपने घर बुला लेती. इस के बाद सारी रात दोनों खूब मस्ती करते.

जबतब कारा रातरात भर घर से गायब हो जाती और डेविड के साथ रात गुजार कर घर लौटती. अब उस का यह आचरण घर वालों से छिपा नहीं रह गया था. उस के पिता माइकल कारा को समझाने की कोशिश करते तो वह उत्तेजित हो कर कहने लगती, ‘‘यह मेरी जिंदगी है. मैं जिस तरह भी जीना चाहूं, मुझे कोई नहीं रोक सकता.’’

बेटी के इस दुस्साहस पर माइकल का हाथ उस पर उठ जाता तो वह घायल शेरनी की तरह दहाड़ पड़ती. मां कैथरीन ने भी कारा को परिवार की इज्जत और उस के खुद के भविष्य का वास्ता दे कर राह पर आने के लिए काफी समझाया, पर वह उस राह से नहीं लौटी. इसे ले कर माइकल और कैथरीन अकसर परेशान रहते थे. उधर कारा को भी आए दिन की टोकाटाकी नागवार लगती थी. कारा आधीआधी रात तक इंटरनेट पर डेविड से अश्लील चैटिंग करती रहती थी. इस से आहत कैथरीन ने इंटरनेट का कनेक्शन ही कटवा दिया, जिस से कारा बौखला गई. अब उस ने खुलेआम डेविड को घर बुलाना शुरू कर दिया. रात भर दोनों कमरे में बंद रहते. माइकल और कैथरीन चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते थे.

एक रात जब दोनों कमरे का दरवाजा बगैर बंद किए बिस्तर पर बेलिबास एकदूसरे की बांहों में खोए अश्लीलता की हदें पार कर रहे थे तो माइकल से देखा नहीं गया. उन्होंने डेविड को खूब खूरीखोटी सुनाई और अपने घर न आने की हिदायत दी. इस से डेविड का पारा तो चढ़ा ही, कारा भी भड़क उठी, ‘‘डैडी, आप को कोई अधिकार नहीं है इस तरह मेरे दोस्त की बेइज्जती करने का.’’

‘‘बेइज्जती तो उन की होती है, जिन की कोई इज्जत हो. तुम दोनों ने तो बेहयाई की हद पार कर दी है, कुछ तो शरम करो. तुम्हारे भाईबहन पर इस का क्या असर पड़ेगा? लोग जानेंगे तो कितनी बदनामी होगी हमारी? सिर उठा कर घर से निकलना दूभर हो जाएगा.’’ माइकल ने कारा को लताड़ लगाई.

‘‘गेट आउट फ्राम माई रूम.’’ कारा ने अपने ही जन्मदाता को जलील करते हुए कहा तो बेचारे माइकल अपनी इज्जत की खातिर खून का घूंट पी कर उस के कमरे से बाहर आ गए.

जातेजाते उन के कानों में डेविड की आवाज पड़ी. वह धमकी दे रहा था, ‘‘मुझे यह कतई मंजूर नहीं कि कोई मेरे प्यार के बीच में आए. अगर मेरे प्यार में ज्यादा दखल दिया तो मैं कत्ल भी कर सकता हूं, बगैर यह देखे कि कत्ल होने वाला कौन है?’’

माइकल और कैथरीन समझ चुके थे कि कारा उन के हाथों से पूरी तरह निकल चुकी है, पर उसे कैसे राह पर लाया जाए? यह सोच कर दोनों परेशान थे. वह समझ नहीं पा रहे थे कि उन के प्यार में आखिर कहां कमी रह गई थी, जो उन्हें यह दिन देखना पड़ रहा था. कैथरीन ने कारा की करीबी सहेली 16 वर्षीया जेफ होवर्थ से भी कहा कि वह ही कारा को समझाए.

जेफ ने ऐसा किया भी. उस ने कारा को समझाया, ‘‘कारा तुम जो कर रही हो, वह सही नहीं है.’’

‘‘क्या सही है, क्या गलत, यह मैं अच्छी तरह समझती हूं. मैं डेविड से इतनी मोहब्बत करती हूं कि उस की चाहत में किसी हद तक भी जा सकती हूं. मैं यह बिलकुल बरदाश्त नहीं कर सकती कि मेरे प्यार में, मेरी व्यक्तिगत जिंदगी में कोई दखल दे. चाहे वह मेरे मम्मीपापा ही क्यों न हों.’’

‘‘उन्होंने तुम्हें जन्म दिया है. तुम्हारा भलाबुरा भला उन से ज्यादा कौन समझ सकता है. फिर तुम जिस राह पर जा रही हो, उस की कोई मंजिल नहीं होती. तुम खुद अपनी राह में कांटें बिखेर रही हो. देखना इस का अंजाम दुखद होगा, इसलिए वक्त रहते संभल जाओ.’’ जेफ ने कारा को समझाया.

‘‘अब चाहे कांटे मिलें या फूल, मैं इस राह पर इतना आगे बढ़ चुकी हूं कि लौट कर आना संभव नहीं है. अब तो प्यार ही मेरी जिंदगी है. डेविड ही मेरी सांसें हैं. बेहतर होगा कि तुम भी मेरे बीच में न आओ.’’ कारा ने उलटा उसे ही नसीहत दे डाली. फलस्वरूप जेफ भी हार कर चुप हो गई.

इधर कारा बेलगामी की सारी हदें पार करती जा रही थी. अब वह डेविड को घर नहीं बुलाती थी, खुद ही उस के पास पहुंच जाती थी. यहां तक कि वह 2-2 रातों तक घर नहीं लौटती थी. यह देख माइकल और कैथरीन का विरोध भी नरम पड़ गया था. कारा ने इस का उलटा ही अंदाजा लगाया और 11 नवंबर, 2008 की रात उस ने डेविड को फिर से घर बुलवा लिया.

वह आ गया तो कमरे का दरवाजा खुला छोड़ कर कारा डेविड के साथ बिस्तर में घुस गई. कारा के कमरे से आने वाली आवाजों ने सभी की नींद उचाट कर दी थी. माइकल काफी देर तक खुद को रोके रहे, पर अंत में वह कारा के कमरे में जा पहुंचे और चीख कर बोले, ‘‘अगर तुम्हें यह गंदगी फैलानी है तो कहीं और जा कर फैलाओ. मेरे घर में ऐसा नहीं होगा.’’

‘‘वरना क्या कर लेंगे आप?’’ कारा बेशरमी की हद पार करते हुए डेविड की बांहों में सिमटी हुई बोली.

‘‘मैं तेरी खाल खींच दूंगा.’’ इस के साथ ही माइकल ने कारा को बिस्तर से घसीट कर जमीन पर पटक दिया. वह उस पर हाथ उठाते, इस से पहले ही डेविड ने उन का हाथ पकड़ लिया, ‘‘खबरदार, अगर कारा को हाथ लगाया तो.’’

माइकल का गुस्सा अब डेविड पर भड़क गया, ‘‘तू ने ही मेरी बेटी को बरबाद किया है. तू ने इसे राह से भटकाया है. मैं तेरे खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट करूंगा.’’

इतना सुनते ही डेविड भी तैश में आ गया, ‘‘अबे ओए बुड्ढे, जुबान संभाल कर बात कर, वरना…’’

‘‘वरना क्या कर लेगा तू?’’ माइकल की सांसें तेजी से धड़कने लगीं.

‘‘छोड़ो डेविड.’’ कारा ने उठ कर डेविड की बांह थाम ली, ‘‘क्यों इन के मुंह लगते हो. इन्हें बकवास करने दो. यह हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते.’’ उस ने अपने पिता माइकल पर घृणा भरी दृष्टि डाली.

‘‘कर तो बहुत कुछ सकता हूं.’’ इतना कहते हुए माइकल कमरे से चले गए.

यह देख डेविड और कारा घबरा गए थे. कारा डेविड से बोली, ‘‘कुछ करो डेविड, वरना ये लोग कुछ भी कर सकते हैं. मैं तुम से जुदा नहीं होना चाहती. मैं अभी नाबालिग हूं, अगर पापा ने तुम्हारे खिलाफ पुलिस में अपनी नाबालिग बेटी को बहकाने और जबरन शारीरिक संबंध बनाने की रिपोर्ट लिखवा दी तो पुलिस तुम्हें जेल भेज देगी. ऐसा हो, इस से पहले इन्हें ही दुनिया से विदा कर दो. फिर कोई हमें रोकनेटोकने वाला नहीं रहेगा.’’

डेविड कारा का इशारा समझ गया था. साथ ही डर भी गया था कि अगर उस के खिलाफ नाबालिग के साथ बलात्कार करने की रिपोर्ट लिखवा दी गई तो उसे जेल जाने से कोई नहीं बचा पाएगा. तभी उसे याद आया कि उस ने कहीं पढ़ा था कि 19 वर्षीय चार्ल्स सर्टाकवली 14 वर्षीया कारिल एनन से बेइंतहा मोहब्बत करता था, पर कारिल के मांबाप बीच में आ गए थे. इस पर दोनों ने मिल कर कारिल के मांबाप व बहन का कत्ल कर दिया था. फिर दोनों दूसरे शहर भाग गए थे. लंबी अवधि के बाद आखिर वे पकड़े गए थे.

डेविड के दिमाग में शैतान ने पांव जमा लिए थे. उस ने पहला पक्ष सोचा, दूसरा नहीं. अंजाम की परवाह न करते हुए उस ने कारा से कहा, ‘‘ठीक है, मैं अपनी मोहब्बत के कांटों को जड़ से ही हटा दूंगा. मगर तुम्हें मेरा साथ देना होगा.’’

‘‘मैं तो हर समय, हर कदम पर तुम्हारे साथ हूं.’’ कारा उस की बांहों में सिमट गई, ‘‘मुझे सब कुछ मंजूर है, पर तुम से अलग होना नहीं.’’

‘‘तुम परसों तक का इंतजार करो, मैं कुछ करता हूं.’’ डेविड बोला, ‘‘हां, परसों शाम को मुझे फोन कर के बता देना कि तुम्हारे मम्मीपापा घर पर हैं कि नहीं.’’

‘‘ठीक है, मगर जो भी करना, होशियारी से करना. हमारे ऊपर आंच न आए.’’ कारा बोली.

सुबह होते ही डेविड कारा के घर से चला गया. उस ने उसी दिन 40 कैलिबर हैंडगन का इंतजाम कर लिया. 13 नवंबर को कारा का छोटा भाई जेम्स अपनी गर्लफ्रैंड को पहली बार घर लाया था. इसी खुशी में घर में एक छोटी सी पार्टी रखी गई थी. कारा ने यह खबर डेविड को दी तो उस ने अपनी योजना कारा को समझा दी. रात करीब 9 बजे वह कार से कारा के घर पहुंच गया और कुछ दूरी पर कार खड़ी कर के उस के इशारे का इंतजार करने लगा. करीब साढ़े 9 बजे जेम्स की गर्लफ्रैंड वहां से चली गई तो कारा ने घर से बाहर आ कर डेविड को इशारा कर दिया. वह तुरंत चौकन्ना हो कर कारा के घर में पहुंच गया. उस समय कारा के पिता माइकल और मां कैथरीन ड्राइंगरूम में ही थे. कारा खुद भी वहां आ गई थी. उस के भाईबहन भी वहीं थे.

डेविड ने आते ही एक फायर माइकल के सिर पर पीछे से किया. यह देख कैथरीन उस की तरफ दौड़ी. मगर वह कदम आगे नहीं बढ़ा पाई. डेविड ने उस के सिर में भी गोली दाग दी. दोनों की उसी समय मौत हो गई. यह देख कारा पहले ही डेविड की कार के पास आ गई थी. डेविड के आते ही दोनों कार से भाग निकले, पर दूसरे दिन दोनों पकड़े गए. गिरफ्तारी के वक्त और बाद में भी कारा खुद को निर्दोष बताती रही, मगर सारे सबूत उस के विरुद्ध थे. बचाव का कोई रास्ता नहीं था.

अत: दूसरी पेशी पर कारा ने भी अदालत में अपना अपराध स्वीकारते हुए कहा, ‘‘डेविड ने मेरे मातापिता की हत्या की है. फिर भी मैं उस से प्यार करती हूं और करती रहूंगी. मैं उस के बिना नहीं रह सकती. जेल से छूटने के बाद हम फिर से एक हो जाएंगे.’’

अदालत में उपस्थित सभी लोग कारा की इस बेहयाई पर उस का मुंह ताकते रह गए. वह सोच नहीं पा रहे थे कि प्यार में एक लड़की इतनी भी अंधी हो सकती है. अदालत ने डेविड को दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई. वहीं कारा को हत्या के लिए उकसाने और सहयोग देने पर 25 साल की सश्रम कैद सजा सुनाई गई. साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि जब तक कारा व डेविड बालिग नहीं हो जाते, उन्हें जेल के बजाय बाल बंदीगृह में रखा जाएगा. बालिग होने पर दोनों को इंडियाना जेल में भेज दिया जाएगा.

डेविड अच्छे घर से था. उस के पिता ने कई बड़े वकील किए, पर तमाम कोशिशों के बाद भी उस की जमानत नहीं हो पाई. जबकि कारा की तरफ से एक एनजीओ का वकील केस देख रहा था. सन 2013 के जून माह में कारा को 5 दिन के पैरोल पर रिहा किया गया था. लेकिन वह घर पहुंची तो उस के भाई ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया. उस की बहन अपने फ्रैंड के साथ घर बसा चुकी थी. कारा और डेविड ने नासमझी और प्यार में अंधे हो कर जो अपराध किया, उस की ग्लानि दोनों को अब होने लगी थी. 25 फरवरी, 2015 को डेविड के वकील ने फिर से उस की जमानत अर्जी अदालत में लगाई, जिसे नामंजूर कर दिया गया. फिलहाल दोनों जेल में हैं. Thriller Hindi Story

 

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