True Crime Hindi: घर से बेदखल होने के बाद नशेड़ी प्रितपाल ने पत्नी के साथ मिल कर लोगों को ठगने का जो तरीका निकाला, वह सफल तो रहा. लेकिन उस का ठगी का यह धंधा कब तक चलता, पकड़े तो जाना ही था.
लुधियाना के रहने वाले राजकुमार पाठक और उन के दोस्त रितेश का साझे में एक्सपोर्ट का बिजनैस था. दोनों ही अपने बिजनैस को बढ़ाने में लगे हुए थे. राजकुमार के एक अन्य दोस्त ने उन की बात कनाडा के एक बिजनैसमैन से कराई. कनाडा का वह बिजनैसमैन राजकुमार से सामान खरीदने की डील करना चाहता था. डील फाइनल करने के लिए उस ने राजकुमार को कनाडा बुलाया. राजकुमार ने इस बारे में रितेश से बात की तो दोनों कनाडा जाने को तैयार हो गए. विदेश जाने के लिए दोनों के पास पासपोर्ट तो थे, लेकिन उन्हें कनाडा जाने के लिए वीजा की जरूरत थी.
दोनों दोस्त कनाडा का वीजा हासिल करने की कोशिश करने लगे. इस बारे में उन्होंने कई ट्रैवेल एजेंटों से बात की, लेकिन सफलता नहीं मिली. वे परेशान थे और चाह रहे थे कि किसी भी तरह उन्हें कनाडा का वीजा मिल जाए. एक दिन अखबार पढ़ते समय राजकुमार की नजर एक विज्ञापन पर पड़ी. वह विज्ञापन इस प्रकार था- ‘विदेश जाने के इच्छुक तुरंत संपर्क करें, स्टडी वीजा, बिजनैस वीजा एवं यात्रा वीजा हेतु शीघ्र संपर्क करें. जसप्रीत इमीग्रेशन एक्सपर्ट्स.कौम, 384, दूसरी मंजिल, डीवीए टावर आरके रोड, चीमा चौक, लुधियाना.’
राजकुमार ने जसप्रीत के औफिस का पता नोट कर लिया और अपने दोस्त रितेश के साथ 2 मार्च, 2014 को वहां पहुंच गया. वहां उन की मुलाकात जसप्रीत कौर और उन के पार्टनर महेंद्रपाल सिंह से हुई. दोनों ने राजकुमार और रितेश के पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज देखने के बाद कहा, ‘‘आप के दस्तावेज पूरे नहीं हैं, फिर भी कोई बात नहीं. आप लोग यंग हैं, विदेश में बिजनैस जमाना चाहते हैं, इसलिए हम आप की सहायता जरूर करेंगे. कोशिश कर के एक हफ्ते में हम आप के पेपर पूरे करवा कर कनाडा का वीजा लगवा देंगे.’’






