Dating App Fraud. तरहतरह के साइबर स्कैम से लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं. इन में नए तरह के एक ‘रोमांस स्कैम’ का खुलासा हुआ है. एक व्यक्ति ने डेटिंग ऐप का इस्तेमाल कर 500 महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाया और उन से 2 करोड़ रुपए की ठगी कर ली. ठगी गई महिलाएं अपना पार्टनर ढूंढ रही थीं, जिसे ठग ने कभी डौक्टर, तो कभी वकील या बिजनेसमैन बन कर झांसा दिया.
दिल्ली की एक महिला वैभव अरोड़ा नाम के व्यक्ति के साथ डेटिंग ऐप के जरिए जुड़ी हुई थी. वह उस के प्रोफेशनल प्रोफाइल से प्रभावित थी. उस ने महिला से शादी का वादा किया. इस के लिए कुमार नाम के अपने दोस्त से उस के बारे में अन्य जानकारियां लेने की बात कही.
जब महिला की कुमार नाम के आईडी वाले व्यक्ति से बात की, तब उस ने महिला को भरोसे में ले लिया और दावा किया कि वह उस के दोस्त वैभव के साथ बेहिचक विवाह कर सकती है, इस में वह उस की औपचारिक रूप से मदद करेगा. उस ने वैभव के रुतबे और अच्छे स्वभाव वाले इंसान होने के कई उदाहरण दे दिए.
इसी के साथ कुमार ने उस महिला से अपनी इमरजेंसी बता कर करीब 7 लाख रुपए ऐंठ लिए. कुमार ने आर्थिक तंगी की कहानियां गढ़ कर महिला से पैसे ले लिए थे. जब पीडि़ता ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो उस ने पीडि़ता को जवाब देना बंद कर दिया.
उस के बाद जब महिला ने वैभव आईडी वाले से बात की, तब वह शादी करने से मुकर गया और उस ने साफसाफ कह दिया कि उसे कुमार को पैसे देने से पहले उसे बताना चाहिए था, जो उस ने नहीं किया. उल्टे वैभव ने महिला पर ही बात छिपाने का आरोप मढ़ दिया और इसे भावनात्मक रूप से धोखा देना तक कह दिया.
ठगी की शिकार हुई महिला ने साइबर क्राइम थाने से संपर्क कर एफआईआर दर्ज की. इस मामले की सच्चाई का खुलासा तब हुआ, जब राजधानी दिल्ली में दक्षिणपश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस में दर्ज एफआईआर की जांच शुरू की गई.
इस की जांच इंसपेक्टर प्रवेश कौशिक और एसआई प्रियंका की टीम ने शुरू की. आरोपी का पता लगाने के लिए उन की एक टीम ने पैसे के लेनदेन, बैंक खातों और तकनीकी विश्लेषण की छानबीन की. उस के बाद आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार करना संभव हो पाया.
इस जांच में और भी कई बातों का परदाफाश हुआ, जो महिलाओं की वसूली और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा हुआ था.
आरोपी नौर्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल निवासी आनंद कुमार (35) ने पूछताछ में ‘साइबर रोमांस स्कैम’ के चौंकाने वाले तरीके बताए.
उस ने सोशल मीडिया पर अपने कई फरजी प्रोफाइल बना रखे थे, जिस में डौक्टर, फिल्म निर्माता, वकील, कारोबारी एवं मौडल बन कर देश भर की सैंकड़ों महिलाओं को अपने जाल में फंसा लेता था. उन्हें तरहतरह के सब्जबाग दिखाता था. अमीरजादा बन कर उन्हें अच्छा पार्टनर बनने का वादा करता था.
जांच में उस के पास से 4 स्मार्टफोन, 8 सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और सोने के गहने बरामद किए गए.
उस के द्वारा औनलाइन चलाया जाने वाला गजब का नेटवर्क था, जिस से वह महिलाओं को बड़ी आसानी से ब्लैकमेल कर लिया करता था.
दक्षिणपश्चिम दिल्ली के डीसीपी अमित गोयल के अनुसार आनंद कुमार डेटिंग और विवाह संबंधी मंचों के माध्यम से महिलाओं को निशाना बनाता था. इस कारण इसे ‘रोमांस स्कैम’ का नाम दिया गया.
इस के लिए वह महिलाओं से संपर्क करता था. उस ने सोशल मीडिया के अलावा डेटिंग और विवाह संबंधी ऐप पर भी फरजी पहचान के साथ कई प्रोफाइल बनाए हुए थे.
जिन में वह खुद को एक प्रभावशाली, संभ्रांत पृष्ठभूमि के सफल प्रोफेशनल व्यक्ति के रूप में पेश किए हुए था. जल्द ही वह महिलाओं का भरोसा जीत लेता था.
वह उन से दोस्ती के सिलसिले में भावनात्मक बातचीत शुरू करता था. धीरेधीरे कई दिनों या हफ्तों में उन के साथ भावनात्मक संबंध बनाने में सफल हो जाता था. भरोसे में लेने के बाद वह उन के साथ निजी ‘मैसेजिंग मंचों’ पर जा कर बातचीत करने लगता था.
बचने के लिए वह कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था. औनलाइन बातचीत के दौरान वह महिलाओं को निजी तसवीरें या वीडियो साझा करने के लिए राजी करता था और महिलाओं द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर इन को सार्वजनिक करने की धमकी देता था.
जैसे ही कोई महिला उस की भावनात्मक बातों में फंस जाती थी, वह भावनात्मक कमजोरियों का फायदा उठाने लगता था.
अपने भरोसे में लेने के लिए वह उन का हितैषी और हर कदम पर मददगार बनने का वादा करता था. विश्वास जीतने के बाद वह उन से पैसे ऐंठने के लिए डौक्टरी इलाज संबंधी इमरजेंसी बताता था. इस तरह महिला से मोटी रकम हासिल करने में सफल हो जाता था.
उन से वह कारोबार में घाटा, पारिवारिक संकट या आर्थिक तंगी जैसी मनगढ़ंत कहानियां गढ़ता था. कई मामलों में वह महिलाओं को शादी या मौडलिंग के मौके या प्रतिष्ठित संस्थानों में एडमिशन आदि दिलाने जैसे आकर्षक अवसर दिलवाने का भी वादा करता था.
एसआई प्रिंयका को पूछताछ में पता चला कि वह कई राज्यों में महिलाओं से बात करता. उस ने एक साथ फरजी पहचानों के आधार पर कई सोशल मीडिया प्रोफाइल चला रहा था. कई राज्यों में पीडि़ताओं के साथ संपर्क में था.
उस के वाट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे अलगअलग सोशल मीडिया प्लेटफौर्म के अलावा कई डेटिंग, शादीब्याह वाली ऐप पर नकली प्रोफाइल पाए गए.
उस ने महिलाओं के निजी फोटो और वीडियो भी जमा कर लिए थे. जिन का इस्तेमाल वह उन्हें सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी के लिए करता था.






