Family Crime Story. बलराम ने जिस छोटे भाई को बेटे की तरह पालपोस कर पढ़ायालिखाया, ब्याह किया, कारोबार कराया, बाद में वही उन से ईर्ष्या ही नहीं करने लगा, बल्कि उस ने उन के साथ जो किया, क्या कोई भाई ऐसा कर सकता है?

शाम के साढ़े 7 बज रहे थे. नाभा पुलिस कंट्रोल रूम को किसी औरत ने फोन कर के बताया कि अनाज मंडी के आढ़ती बलराम खन्ना की कोठी में भीषण आग लगी है. पुलिस कंट्रोल रूम ने यह सूचना संबंधित थाना सदर को देने के अलावा फायर ब्रिगेड स्टेशन को भी दे दी थी.

सूचना मिलते ही थाना सदर के थानाप्रभारी मनिंदर सिंह बेदी पुलिस बल के साथ बलराम की कोठी पर पहुंच गए थे. कोठी की पहली मंजिल धूधू कर जल रही थी. कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की 2 गाडि़यां भी पहुंच गईं.

फायर ब्रिगेडकर्मियों ने कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया. आग बुझने के बाद जांच के लिए पुलिस कोठी के अंदर पहुंची तो देखा कि पहली मंजिल का ज्यादातर हिस्सा जल चुका था, लेकिन बीच के 2 कमरे, एक बैडरूम और ड्राइंगरूम एकदम सुरक्षित था.

पहली मंजिल पर कुल 5 कमरे थे. एक किचन और टौयलेटबाथरूम था. कमरों के बाद सड़क की ओर लगभग 80 फुट का चौकोर टैरिस था. पुलिस ने कमरों की तलाशी ली तो उन्हें किचन में एक औरत झुलसी मिली, जिस की उम्र 40 साल के करीब रही होगी.

एक अन्य कमरे से 13-14 साल का बच्चा बेहोश पड़ा था, वह भी झुलसा हुआ था. टैरिस पर 10-11 साल की एक बच्ची बेहोश पड़ी थी. औरत और बच्चा जले तो काफी थे, लेकिन उन की सांसें चल रही थीं. मनिंदर सिंह ने तीनों को तुरंत अस्पताल भिजवाया.

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