पुलिस पूछताछ में प्यार, धोखा और प्रतिशोध की सनसनीखेज कहानी प्रकाश में आई.
बिहार के सीवान जिले में एक छोटा सा गांव है-बड़वा खुर्द. इसी गांव में भृगुनाथ सैनी अपने परिवार के साथ रहता था. उस के परिवार में पत्नी भूरी के अलावा एक बेटा और 2 बेटियां मनसा और लालसा थीं. भृगुनाथ सीधासादा किसान था. मेहनत कर वह अपने परिवार का भरणपोषण करता था.
भाईबहनों में लालसा सब से छोटी थी. घर के लोग उसे लाली कह कर पुकारते थे. लालसा उर्फ लाली बेहद खूबसूरत थी. उस की सुंदरता सब की निगाहों की केंद्र बन गई थी. गांव की जिस गली से वह गुजरती, लोग उसे देखते रह जाते. गांव के कई लड़के उस की सुंदरता का बखान करते थे. लेकिन लालसा उन को पास न फटकने देती थी.
लालसा उर्फ लाली पढ़ने में तेज थी. उस ने बसंतपुर के कालेज से हाईस्कूल की परीक्षा पास कर ली थी और इंटरमीडिएट की पढ़ाई में जुट गई थी. लालसा को मोबाइल का शौक था. वह फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपने वीडियो बना कर डालती थी, जिसे युवक खूब लाइक करते थे. लालसा दूसरों के वीडियो भी देखती और लाइक भी करती थी.
लालसा और देशदीपक की दोस्ती एकदूसरे के वीडियो देख कर ही हुई. दरअसल, देशदीपक को भी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने वीडियो डालने का शौक था. दोनों के बीच दोस्ती हुई तो दोनों ने एकदूसरे का मोबाइल नंबर ले लिया.
इस के बाद उन की मोबाइल फोन पर बात होने लगी. कभी लालसा देशदीपक को फोन करती तो कभी देशदीपक लालसा को. उन के बीच अब रसभरी बातें भी होने लगी थीं.
प्यारमोहब्बत का दायरा बढ़ा तो दोनों फेस टू फेस मिलने को लालायित हो उठे. देशदीपक ने एक रोज बातचीत के दौरान अपने पास बुलाने का आमंत्रण लालसा को दिया तो वह राजी हो गई.
देशदीपक ने तब उसे बताया कि मैं बिल्हौर (कानपुर) थाने में सिपाही पद पर तैनात हूं और कस्बा के ब्रह्मनगर मोहल्ले में रमेशचंद्र प्रजापति के मकान में किराए पर रहता हूं. तुम कानपुर आ जाओ, मैं तुम्हें कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मिल जाऊंगा.
‘‘लेकिन मैं तो सीवान (बिहार) की रहने वाली हूं. बसंतपुर थाने का बड़वा खुर्द मेरा गांव है. हम दोनों के बीच दूरी बहुत है. इतनी दूर आना संभव कैसे होगा?’’ लालसा ने मजबूरी जाहिर की.
‘‘जब दिल की दूरियां मिट गईं तो जमीनी दूरी कोई मायने नहीं रखती. तुम ट्रेन से कानपुर आ जाओ. मैं तुम्हारा बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं,’’ देशदीपक ने लालसा को समझाया.
इस बातचीत के लगभग एक सप्ताह बाद एक रोज लालसा उर्फ लाली कानपुर आ गई. उस ने फोन पर आने की जानकारी दी तो देशदीपक मोटरसाइकिल से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंच गया.
लालसा प्रथम श्रेणी वेटिंग रूम में उस का इंतजार कर रही थी. देशदीपक वेटिंगरूम पहुंचा और खूबसूरत लालसा को देखा तो पहली ही नजर में वह उस के दिल में रचबस गई. लालसा भी हैंडसम देशदीपक को देख कर खुश हुई.
उस रोज देशदीपक लालसा को अपने किराए वाले रूम में ले गया. वहां दोनों के बीच खूब प्यारभरी बातें हुईं. देशदीपक ने लालसा से शादी करने का वादा किया और कभी न साथ छोड़ने की कसम खाई. रात में दोनों बंद कमरे में एक ही चारपाई पर लेटे तो वे अपने पर काबू न रख सके और दोनों के बीच शारीरिक रिश्ते बन गए. लालसा 3-4 दिन देशदीपक के साथ रही और दिनरात मस्ती में डूबी रही.
अवैध रिश्ता एक बार कायम हुआ तो समय के साथ बढ़ता ही गया. देशदीपक जब भी लालसा को बुलाता, वह दौड़ी चली आती. शारीरिक मिलन के दौरान लालसा शादी करने की बात कहती तो देशदीपक कोई न कोई बहाना बना देता.
इसी बीच देशदीपक ने मिलन के दौरान की अश्लील फिल्म मोबाइल फोन द्वारा बना ली, जिस की जानकारी लालसा को नहीं हुई. लालसा महीने में एक बार जरूर उस से मिलने बिल्हौर आती थी. फिर 2-3 दिन मौजमस्ती कर चली जाती थी.
लालसा को आनेजाने का खर्चा देशदीपक ही देता था. वह प्रतियोगी परीक्षा का बहाना बना कर घर से निकलती थी. जिस से घरवालों को शक नहीं होता था.
एक रोज शादी को ले कर लालसा और देशदीपक में तूतूमैंमैं हुई तो लालसा ने शारीरिक मिलन से इंकार कर दिया. तब देशदीपक ने उसे धमकाया कि उस के पास उस की अश्लील फिल्म है. मिलन से इंकार करोगी तो अश्लील फिल्म को सार्वजनिक कर देगा.
यह सुन कर लालसा घबरा गई और फिल्म डिलीट करने की मनुहार करने लगी. देशदीपक ने ब्लैकमेलिंग कर लालसा से शारीरिक भूख तो मिटा ली लेकिन अश्लील फिल्म डिलीट नहीं की. इस के बाद तो यह सिलसिला ही बन गया. ब्लैकमेलिंग कर वह लालसा को बुलाता और उस के साथ संबंध बनाता.
इधर 22 अप्रैल, 2022 को घरवालों ने देशदीपक की शादी दिव्या उर्फ अंजलि से कर दी. शादी की जानकारी लालसा को नहीं हुई. उसे तो तब पता चला, जब वह मई के पहले हफ्ते में देशदीपक से मिलने आई.
उसे देशदीपक तो नहीं मिला, लेकिन उस की शादी हो जाने की खबर मिल गई. शादी की जानकारी मिली तो उसे गहरी चोट पहुंची. वह समझ गई कि प्रेमी ने उस के साथ छल किया है. देशदीपक छलिया प्रेमी निकला.
गुस्से से भरी लालसा ने उसी समय देशदीपक से फोन पर बात की, ‘‘मैं ने सुना है कि तुम ने शादी कर ली है और नईनवेली दुलहन के साथ खुशियों में डूबे हो.’’
‘‘हां लालसा, तुम ने सच सुना है,’’ देशदीपक ने जवाब दिया.
‘‘लेकिन शादी का वादा तो तुम ने मुझ से किया था,’’ लालसा ने पूछा.
‘‘हां, किया था. लेकिन मजबूरी में शादी करनी पड़ी,’’ देशदीपक ने जवाब दिया.
‘‘कैसी मजबूरी?’’ लालसा ने पूछा.
‘‘घरवालों की. उन्होंने मेरी शादी कर दी. मैं उन्हें मना नहीं कर सका.’’
‘‘तुम ने मेरी जिंदगी बरबाद कर अच्छा नहीं किया,’’ लालसा गुस्से से उबल पड़ी.
दूसरे रोज लालसा अपने गांव लौट आई. अब वह प्यार के प्रतिशोध में रातदिन जलने लगी. आखिर उस ने निश्चय किया कि वह देशदीपक को मिटा कर ही चैन की सांस लेगी. पर इतना बड़ा काम वह अकेले नहीं कर सकती थी. अत: उस ने अभिषेक की मदद लेना उचित समझा.


