UP News: 20 वर्षीय रूबी चाहती थी कि उस की शादी प्रेमी रविशंकर के साथ ही हो, लेकिन फेमिली वालों को जब इस की भनक लगी तो उन्होंने उस का रिश्ता कहीं और तय कर दिया. फिर रूबी ने अपनी शादी को रुकवाने के लिए ऐसी खूनी साजिश रची कि…

रूबी ने अपने प्रेमी रविशंकर को फोन किया और बोली, ”हाथ पर हाथ रखे बैठे रहोगे या कुछ करोगे भी? मेरे घर वालों ने मेरी शादी 18 नवंबर, 2025 की होनी तय कर दी है. यदि कोई उपाय नहीं किया तो हम ने जो सपने देखे हैं, सारे धरे के धरे रह जाएंगे.’’

पे्रमिका के मुंह से अचानक शादी की बात सुन कर रविशंकर के हाथों के तोते उड़ गए. फिर भी उस ने रूबी को समझाया, ”तुम चिंता मत करो, मैं कोई न कोई उपाय खोजता हूं.’’

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के थाना जवां क्षेत्र का एक गांव है चंदौखा. यहीं के रहने वाले हैं मुंशीलाल. उन के घर में 20 वर्षीय बेटी रूबी की शादी की तैयारियां जोरशोर से चल रहीं थीं. रूबी फेमिली वालों द्वारा तय की हुई शादी नहीं करना चाहती थी. क्योंकि वह तो वह 24 वर्षीय बाइक मैकेनिक रविशंकर से प्यार करती थी और उसी के साथ शादी कर अपना घर बसाना चाहती थी, लेकिन फेमिली वालों ने अचानक जब उस का रिश्ता अलीगढ़ के गोंडा मोड़ निवासी एक युवक से तय कर दिया तो रूबी परेशान हो गई.

”यदि हम लोगों ने कोई उपाय नहीं किया और यों ही बैठे रहे तो हम लोगों की शादी नहीं हो सकेगी. फिर जीवन भर पछताना पड़ेगा. तुम्हें पता है कि दादी ने मेरी शादी तय करा दी है.’’ रूबी ने अपनी शादी रुकवाने के लिए प्रेमी रविशंकर को एक उपाय सुझाया. उस ने कहा, ”यदि दादी चंद्रवती की हत्या शादी से पहले कर दी जाए तो मेरी शादी टल जाएगी. फिर हम दोनों भाग कर शादी कर लेंगे.’’

रविशंकर को भी प्रेमिका की यह योजना पसंद आई. इस खतरनाक सोच ने हत्या की नींव रख दी. अब सवाल यह था कि योजना को कैसे अंजाम दिया जाए और हथियारों का इंतजाम कैसे और कहां से किया जाए? उस के लिए रुपयों की भी जरूरत थी, घर में शादी की तैयारी चल ही रही थीं, जिस के लिए रुपयों का भी इंतजाम किया गया था. तभी रूबी ने उन्हीं रुपयों में से 10 हजार रुपए चुरा लिए. रूबी ने प्रेमी रविशंकर को फोन कर एकांत में बुलाया और उसे 10 हजार रुपए तमंचा व कारतूस लाने को दे दिए. रुपए सौंपते समय उस ने कहा, ”अब काम में ढिलाई मत करना वरना देर हो जाएगी.’’

प्रेमिका द्वारा दिए गए रुपयों से प्रेमी ने अपने गांव कस्तली के दोस्त रोहित की मदद से आईटीआई रोड के आयुष से एक तमंचा व कारतूस खरीदे. हत्या वाले दिन की मुखबिरी खुद रूबी ने की. हत्या को ले कर पहले से योजना तय हो गई थी. रूबी ने कह दिया था कि जिस समय दादी चंद्रवती घेर से पशुओं को ले कर घर वापस आएंगी, उसी समय वह उसे सूचना दे देगी. तभी उन की हत्या कर देना. 11 नवंबर, 2025 की शाम हर दिन की तरह ही शुरू हुई थी. गांव चंदौखा निवासी वीरी सिंह की 65 वर्षीय पत्नी चंद्रवती अपने घेर से पशुओं को घर ले आई. वह सुबह के समय पशुओं को घेर में ले जाती थीं और शाम को वापस घर ले आती थीं. पशुओं को घेर से लाने के काम में चंद्रवती की पोती रूबी हर रोज उन की मदद के लिए आ जाती थी, लेकिन उस दिन वह प्लानिंग के तहत कुछ जल्दी घर से निकल गई थी.

हत्या का समय फिक्स था. चंद्रवती की हत्या का स्थान भी निश्चित था. वह रोज जिस रास्ते से पशुओं को ले कर लौटती थीं, वहीं उन की हत्या होनी थी. उस दिन भी चंद्रवती पशुओं को घेर से ले कर वापस घर की ओर आ रही थीं. योजना के अनुसार रूबी उस दिन पहले से तय समय से थोड़ा पहले अपने घर से निकली.

प्रेमिका का इशारा पाते ही रविशंकर एक पेड़ और झाडिय़ों के पीछे छिप गया. रूबी जानबूझ कर जल्दी निकल कर दूर हो गई, ताकि हत्या के समय वह खुद आसपास न हो. इस षडयंत्र से अनजान चंद्रवती कुछ ही मिनट बाद जैसे ही वहां पहुंची, रूबी ने अपने प्रेमी रविशंकर को वाट्सऐप के जरिए सूचना दी, ‘दादी आ गई हैं, अब निकलो.’

शिकार की बाट जोह रहे रविशंकर ने नजदीक से चंद्रवती के सिर में गोली मार दी. गोली सीधे सिर में लगी और गोली लगते ही चंद्रवती जमीन पर गिर पड़ीं. हत्या करने के बाद रविशंकर अंंधेरे में तमंचा झाडिय़ों में फेंक कर गायब हो गया. यह शाम लगभग साढ़े 8 बजे की बात है. वारदात के बाद थोड़ी सी देर में ही घटनास्थल पर तमाम ग्रामीण इकट्ठे हो गए. सूचना मिलते ही चंद्रवती की फेमिली वाले भी वहां आ गए. वह तुरंत ही उन्हें उपचार के लिए क्वार्सी ट्रामा सेंटर ले गए, लेकिन डौक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डौक्टरों ने बताया कि सिर में गोली लगने से इन की मौत हुई है.

सूचना मिलने के एक घंटे बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया. किसी से रंजिश नहीं होने पर फेमिली वालों ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ थाना जवां में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी स्पष्ट हो गया कि चंद्रवती की हत्या  सिर में गोली लगने से हुई. चंद्रवती की मौत से घर में कोहराम मच गया. शादी वाले घर में जहां कुछ दिनों बाद शहनाइयां गूंजनी थीं, वहां मातम पसर जाने पर रूबी अंदर  ही अंदर खुश हो रही थी. उस के मन में खुशी के लड्डू फूट रहे थे.

कहने को दिखावे के लिए वह भी आंसू बहा रही थी. उस ने सोचा कि दादी की मौत के बाद अब क्रियाकर्मों के चलते उस की शादी टल जाएगी और वह इस बीच अपने प्रेमी के साथ घर से भाग कर शादी रचा लेगी.

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चूंकि परिवार में चंद्रवती की हत्या हो गई थी, इसलिए बिना शोरशराबे के सामान्य तरीके से चंद्रवती की मौत के एक सप्ताह बाद यानी 18 नवबंर, 2025 को रूबी की शादी नियत तारीख पर परिवारजनों द्वारा कर दी गई. जबकि रूबी को इस की जरा भी उम्मीद नहीं थी. लेकिन पकड़े जाने के डर से घर में मातम के चलते वह अपनी शादी टालने के लिए भी घर में किसी से कह नहीं सकती थी. रूबी की शादी अपने प्रेमी से न होने पर वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई. इस बीच उस की अपने प्रेमी रविशंकर से मोबाइल फोन पर कई बार बात भी हुई, लेकिन शादी होने के बाद वह विदा हो कर अपनी ससुराल चली गई. रूबी और प्रेमी रविशंकर के दिल के अरमां आंसुओं में बह कर रह गए.

घर में शादी निपट जाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी. जांच की शुरुआत मृतका के फेमिली वालों से ही की. शुरुआती जांच में मृतका व उस के फेमिली वालों से किसी की कोई दुश्मनी नहीं मिली. पुलिस को जांच में पहले सप्ताह कोई ठोस सुराग नहीं मिला. पुलिस को लगा कि शायद किसी बाहरी शरारती व्यक्ति ने यह अपराध किया है, लेकिन सच बहुत ज्यादा जटिल और खतरनाक था, लिहाजा पुलिस ने जांच तेज की. मोबाइल सर्विलांस में एक नंबर लगातार हत्या के आसपास ऐक्टिव मिल रहा था. जांच के दौरान पता चला कि यह नंंबर रविशंकर का है. पुलिस ने जांच की तो लोकेशन मैच हुई.

कौल डिटेल्स से पता चला कि हत्या से ठीक पहले रूबी और रविशंकर के बीच कई मर्तबा बात हुई थी. हत्या वाले दिन शाम को दोनों की लोकेशन एक ही दिशा में पाई गई. तब पुलिस का शक गहराया कि जरूर चंद्रवती की हत्या में इन दोनों का कोई हाथ है. तब पुलिस ने बिना देर किए रविशंकर को हिरासत में लिया. पूछताछ में वह टूट गया. उस ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. इतना ही नहीं, उस ने हत्या की पूरी साजिश पुलिस को बताई.

इस के बाद रविवार पहली दिसंबर को पुलिस ने रूबी को उस की ससुराल से बुलाया. वह मेंहदी लगे हाथों,चूड़ा पहने ही पहुंची. जब पुलिस ने थाने ले जा कर उससे पूछताछ की तो उस ने भी अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा कि हां, मैं ने ही दादी की हत्या कराई थी, ताकि मेरी शादी रुक जाए और मैं अपने प्रेमी से शादी कर सकूं. पूछताछ के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया. इस घटना में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब दादी चंद्रवती की हत्या के बाद फेमिली वाले सदमे में थे. किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इस घटना के पीछे रूबी और उस के प्रेमी रविशंकर का हाथ है.

घर वालों ने सोचा था कि मौत हो गई है, लेकिन रिश्ता अचानक तोडऩा ठीक नहीं होगा और उन्होंने रूबी की शादी 18 नबंवर को नियत तारीख पर कर दी. शादी इतनी जल्दी होने से रूबी भी बेबस थी. वह रविशंकर से संपर्क करने की कोशिश करती रही, लेकिन स्थिति उस के हाथ से निकल चुकी थी. इस दिल दहला देने वाली वारदात का परदाफाश पुलिस जांच, मोबाइल सर्विलांस, वाट्सऐप चैट्स, मुखबिरी, हत्या की मिनट दर मिनट प्लानिंग और दोनों आरोपियों रूबी और रविशंकर से हुई पूछताछ के बाद हुआ.

बाइक मैकेनिक रविशंकर गांव कस्तली का रहने वाला था. वह चंदौखा मोड़ पर पिछले 6 साल से बाइक मरम्मत की दुकान चलाता था. उस की दुकान के पीछे मुंशीलाल का परिवार रहता था. मुंशीलाल की बेटी रूबी जवानी की दहलीज पर कदम रख चुकी थी. रूबी चुपकेचुपके रविशंकर को देखा करती थी. लेकिन उस की यह चोरी ज्यादा दिनों तक छिपी नहीं रह सकी. एक दिन रविशंकर और रूबी की नजरें टकरा गईं. दोनों अपलक एकदूसरे को निहारते रहे. अब तो उन का रोज का सिलसिला बन गया. यहीं दोनों की मुलाकातें शुरू हुई औैर फिर धीरेधीरे रिश्ता प्रेम में बदल गया.

क हते हैं कि इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपते हैं. रूबी और रविशंकर के साथ भी यही हुआ. रूबी के पापा मुंशीलाल की चाची चंद्रवती, जो रूबी की दादी लगती थी को दोनों के अफेयर का पता चल गया. प्रेम प्रसंग का पता चलने के बाद दादी चंद्रवती ने रूबी से कुछ नहीं कहा, लेकिन वह पोती रूबी पर लगातार निगरानी रखने लगीं, जिस से अब दोनों के मिलनेजुलने में भी बाधा पडऩे लगी. इस बीच दादी ने परिवार पर दबाव डाल कर रूबी का रिश्ता गोंडा मोड़ अलीगढ़ के एक युवक से तय करा दिया. रूबी के लिए यह रिश्ता मंजूर करना आसान नहीं था. वह किसी भी कीमत पर प्रेमी रविशंकर से अलग नहीं होना चाहती थी.

गांव चंदौखा में इस हत्याकांड से दहशत का माहौल है. लोगों का कहना है कि ऐसी घटना हमारे गांव में आज तक कभी नहीं हुई. घर की बेटी इतनी क्रूर हो सकती है, किसी ने कल्पना तक नहीं की. दादी चंद्रवती का हमेशा पोती से स्नेह भरा रिश्ता था. दादी ने जब रूबी को अपने प्रेमी के साथ गलत राह की तरफ जाते देखा तो घर की इज्जत पर कोई दाग न आए, यही सोच कर उस ने आननफानन में फेमिली वालों से कह कर रूबी का रिश्ता तय करा दिया था. दादी अपनी पोती की शादी की तैयारियों में जुटी थीं, मगर रूबी को यह नागवार गुजरी और दादी के खून से प्रेमी रविशंकर के साथ अपने हाथ भी रंग लिए.

घटना के 20 दिन बाद जब पुलिस ने केस का खुलासा किया तो यह सिर्फ एक हत्या का केस नहीं रहा, बल्कि इंसानी रिश्तों के टूटते मूल्य, विकृत प्रेम और घर के भीतर चल रहे गहरे षडयंत्र की भयावह दास्तां बन कर सामने आया. जो सच सामने आया, उस ने परिवार, गांव और पुलिस सभी को हैरान कर दिया. हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसी घर की पोती रूबी ने अपने प्रेमी रविशंकर के साथ मिल कर एक साजिश के तहत कराई थी, जिस की एक ही वजह थी, किसी तरह अपनी शादी टलवाना, ताकि वह प्रेमी के साथ भाग कर शादी कर सके.

सीओ (तृतीय) सर्वम सिंह ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का परदाफाश एक प्रैसवार्ता में करते हुए रूबी और रविशंकर की प्रेम कहानी उजागर कर दी. शादी को रोकने के लिए हत्या जैसा जघन्य अपराध, यह समाज के लिए चेतावनी है. यह सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं है. यह एक सामाजिक चेतावनी है. प्रेम में अंधापन, परिवार से डर, जल्दबाजी, गलत सलाह और अपराध की आसान राह, ये सब मिल कर एक पूरी पीढ़ी को गलत दिशा की ओर ले जा रहे हैं.

रूबी, जो प्रेम में पड़ी एक सामान्य लड़की लग रही थी, वह अचानक एक ऐसी राह पर चली गई, जिस में अब उस की जिंदगी जेल की अंधेरी कोठरी में बीतेगी. इस तरह की घटनाएं परिवार, गांव और समाज सभी के लिए एक झटका हैं. UP News

 

 

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